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मानसून रूठा तो कम हो जाएगी धान की रोपाई
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बहराइच। इस समय वर्षा ऋतु चल रही है, लेकिन मानसूनी बारिश अभी शुरू नहीं हुई है। हालांकि, किसान धान की रोपाई खेतों में करवा रहे हैं। अगर इसी तरह मौसम ने दगा दिया तो धान की रोपाई कम हो जाएगी। संसाधनविहीन किसान धान की रोपाई नहीं कर सकते हैं। कृषि विभाग के मुताबिक, जिले में इस बार 1.64 लाख हेक्टेयर धान की रोपाई होगी। रोपाई 10 अगस्त तक चलेगी।
जिला कृषि बाहुल्य है। जिले की 80 प्रतिशत आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। किसान अनाज में गेहूं और धान की बोआई सर्वाधिक मात्रा में करते हैं। जिसके लिए किसानों ने खेत तैयार कर ली है। वर्षा ऋतु का आगमन भी हो गया है। लेकिन बारिश नहीं हो रही है। जिससे किसान खेतों में धान की रोपाई नहीं करवा पा रहे हैं। आलम यह है कि संसाधन विहीन किसान ईश्वर की तरफ टकटकी लगाए हैं कि बारिश शुरू हो जाए। जिससे वह धान की रोपाई खेतों में करवा सकें। लेकिन बारिश का आलम यह है कि जुलाई माह का आधा माह बीत गया है, अभी तक किसानों के मुन मुताबिक बारिश नहीं हो रही है। जिससे धान की रोपाई प्रभावित है।
जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि इस बार जिले में एक लाख 64 हजार 400 हेक्टेयर धान की रोपाई किसानों द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के पास संसाधन है, वह खेतों में धान की रोपाई कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अभी धान की रोपाई चल रही है। मौसम विभाग द्वारा बारिश के संकेत दिए जा रहे हैं। ऐसे में एक या दो दिन में बारिश शुरू होने की संभावना है। जो लगातार बारिश में तब्दील हो जाएगी। ऐसे में इस अनुकूल समय में किसान खाली खेत में धान की रोपाई करें।
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जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में धान की रोपाई के लिए किसानों के खेत में नर्सरी तैयार है। जबकि कुछ का एक हफ्ते में तैयार हो जाएगा। किसान खेतों में धान की रोपाई कर रहे हैं। जबकि संसाधन विहीन किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। 10 अगस्त तक धान की रोपाई चलेगा। तब तक किसान नर्सरी की बेहतर देखभाल करें।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जो किसान धान की रोपाई खेतो में कर रहे हैं। वह धान के पौध पर ध्यान दें। उन्होंने बताया कि हाईब्रिड का एक ही पौध रोपित करें। जबकि सामान्य धान दो से तीन पौध लगाएं। जिससे अच्छी पैदावार होगी।
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जिला कृषि बाहुल्य है। जिले की 80 प्रतिशत आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। किसान अनाज में गेहूं और धान की बोआई सर्वाधिक मात्रा में करते हैं। जिसके लिए किसानों ने खेत तैयार कर ली है। वर्षा ऋतु का आगमन भी हो गया है। लेकिन बारिश नहीं हो रही है। जिससे किसान खेतों में धान की रोपाई नहीं करवा पा रहे हैं। आलम यह है कि संसाधन विहीन किसान ईश्वर की तरफ टकटकी लगाए हैं कि बारिश शुरू हो जाए। जिससे वह धान की रोपाई खेतों में करवा सकें। लेकिन बारिश का आलम यह है कि जुलाई माह का आधा माह बीत गया है, अभी तक किसानों के मुन मुताबिक बारिश नहीं हो रही है। जिससे धान की रोपाई प्रभावित है।
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जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि इस बार जिले में एक लाख 64 हजार 400 हेक्टेयर धान की रोपाई किसानों द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के पास संसाधन है, वह खेतों में धान की रोपाई कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अभी धान की रोपाई चल रही है। मौसम विभाग द्वारा बारिश के संकेत दिए जा रहे हैं। ऐसे में एक या दो दिन में बारिश शुरू होने की संभावना है। जो लगातार बारिश में तब्दील हो जाएगी। ऐसे में इस अनुकूल समय में किसान खाली खेत में धान की रोपाई करें।
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जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में धान की रोपाई के लिए किसानों के खेत में नर्सरी तैयार है। जबकि कुछ का एक हफ्ते में तैयार हो जाएगा। किसान खेतों में धान की रोपाई कर रहे हैं। जबकि संसाधन विहीन किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। 10 अगस्त तक धान की रोपाई चलेगा। तब तक किसान नर्सरी की बेहतर देखभाल करें।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जो किसान धान की रोपाई खेतो में कर रहे हैं। वह धान के पौध पर ध्यान दें। उन्होंने बताया कि हाईब्रिड का एक ही पौध रोपित करें। जबकि सामान्य धान दो से तीन पौध लगाएं। जिससे अच्छी पैदावार होगी।