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36 घंटे बाद मिली छात्रा, परिजनों के खिले चेहरे
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36 घंटे बाद मिली छात्रा, परिजनों के खिले चेहरे
मां की डांट से झुब्ध होकर घर छोड़ बहन के यहां जा रही थी छात्रा
बकरी चरा रही लड़कियों ने अपने घर रोककर दी परिजनों को सूचना
फोटो 13 व 14 में है।
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकली छात्रा लापता होने के 36 घंटे बाद सकुशल मिल गई। छात्रा अपनी मां की डांट से क्षुब्ध होकर बहन के यहां जा रही थी। छात्रा को सुरक्षित देख पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद छात्रा को सकुशल लाकर कागजी कार्रवाई करने के बाद परिजनों को सौंप दिया। बेटी को देखते ही परिजनों के चेहरे खिल उठे। गांव के लोगों ने भी छात्रा को सुरक्षित देख राहत महसूस की।
मटेरा थाना क्षेत्र के भगवानपुर परसपुर गांव निवासी मकबूल की आठ वर्षीय बेटी राजदा गांव में ही कोचिंग पढ़नेे के लिए शनिवार की सुबह लगभग आठ बजे निकली थी, लेकिन 10 बजे तक वापस नहीं आई। बड़ी बहन ने कोचिंग न पहुंचने की बात बताई तो परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अपहरण का मुकदमा दर्ज कर छात्रा को तलाशने में जुट गई। एसपी सुजाता सिंह ने भी रविवार को निरीक्षण कर परिजनों से वार्ता कर बरामदगी का भरोसा दिलाया। एसपी के निर्देश पर एसओजी समेत चार टीमें तलाश में जुटी रहीं। रविवार देर शाम बगल के छोटा भुलौरा गांव से पीड़ित के परिजनों को फोन आया कि आपकी बेटी यहां रुकी हुई है। सुरक्षित है आकर ले जाइए। यह सुनते ही तलाश में जुटी चारों टीमें गांव पहुंची और बच्ची को बरामद कर थाने लेकर आई। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार ने बताया कि कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद छात्रा को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्ची को सकुशल देख परिजनों के आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। सभी के खुशी का ठिकाना न रहा।
बकरी चरा रही चार बच्चियां बनीं मसीहा
राजदा शनिवार को घर से कोचिंग की जगह अपनी बहन के यहां जा रही थी। गांव से लगभग चार किमी दूर स्थित छोटा भुलौरा गांव में चार लड़किया बकरी चरा रही थी। छात्रा को अकेली देख उससे कारण पूछा तो उसने अपनी बहन के घर जाने की बात बताई, लेकिन पता मालूम नहीं था व पैसे भी नहीं थे। चारों लड़कियां उसे अपने घर लेकर आईं और गांव निवासी एक व्यक्ति से घर का नंबर लेकर परिजनों को सूचना दी जिससे बच्ची सुरक्षित अपने घर पहुंची। चारों लड़किया छात्रा के परिवार व पुलिस के लिए मसीहा बन गईं।
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मां की डांट से झुब्ध हो गई थी छात्रा
छात्रा राजदा को घर में शुक्रवार को उसकी मां ने डांट दिया था जिससे झु़ब्ध होकर वह शनिवार को कोचिंग की जगह अपनी बड़ी बहन की ससुराल जा रही थी। रास्ते में लड़कियों ने रोककर पूछा तो कुछ सही जवाब न दे पाने पर वे अपने घर ले गईं और मोबाइल नंबर पता कर परिजनों को सूचना दी। छात्रा पूरी तरह सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ है।
- अशोक कुमार, एएसपी ग्रामीण
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मां की डांट से झुब्ध होकर घर छोड़ बहन के यहां जा रही थी छात्रा
बकरी चरा रही लड़कियों ने अपने घर रोककर दी परिजनों को सूचना
फोटो 13 व 14 में है।
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकली छात्रा लापता होने के 36 घंटे बाद सकुशल मिल गई। छात्रा अपनी मां की डांट से क्षुब्ध होकर बहन के यहां जा रही थी। छात्रा को सुरक्षित देख पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद छात्रा को सकुशल लाकर कागजी कार्रवाई करने के बाद परिजनों को सौंप दिया। बेटी को देखते ही परिजनों के चेहरे खिल उठे। गांव के लोगों ने भी छात्रा को सुरक्षित देख राहत महसूस की।
मटेरा थाना क्षेत्र के भगवानपुर परसपुर गांव निवासी मकबूल की आठ वर्षीय बेटी राजदा गांव में ही कोचिंग पढ़नेे के लिए शनिवार की सुबह लगभग आठ बजे निकली थी, लेकिन 10 बजे तक वापस नहीं आई। बड़ी बहन ने कोचिंग न पहुंचने की बात बताई तो परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अपहरण का मुकदमा दर्ज कर छात्रा को तलाशने में जुट गई। एसपी सुजाता सिंह ने भी रविवार को निरीक्षण कर परिजनों से वार्ता कर बरामदगी का भरोसा दिलाया। एसपी के निर्देश पर एसओजी समेत चार टीमें तलाश में जुटी रहीं। रविवार देर शाम बगल के छोटा भुलौरा गांव से पीड़ित के परिजनों को फोन आया कि आपकी बेटी यहां रुकी हुई है। सुरक्षित है आकर ले जाइए। यह सुनते ही तलाश में जुटी चारों टीमें गांव पहुंची और बच्ची को बरामद कर थाने लेकर आई। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार ने बताया कि कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद छात्रा को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्ची को सकुशल देख परिजनों के आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। सभी के खुशी का ठिकाना न रहा।
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बकरी चरा रही चार बच्चियां बनीं मसीहा
राजदा शनिवार को घर से कोचिंग की जगह अपनी बहन के यहां जा रही थी। गांव से लगभग चार किमी दूर स्थित छोटा भुलौरा गांव में चार लड़किया बकरी चरा रही थी। छात्रा को अकेली देख उससे कारण पूछा तो उसने अपनी बहन के घर जाने की बात बताई, लेकिन पता मालूम नहीं था व पैसे भी नहीं थे। चारों लड़कियां उसे अपने घर लेकर आईं और गांव निवासी एक व्यक्ति से घर का नंबर लेकर परिजनों को सूचना दी जिससे बच्ची सुरक्षित अपने घर पहुंची। चारों लड़किया छात्रा के परिवार व पुलिस के लिए मसीहा बन गईं।
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मां की डांट से झुब्ध हो गई थी छात्रा
छात्रा राजदा को घर में शुक्रवार को उसकी मां ने डांट दिया था जिससे झु़ब्ध होकर वह शनिवार को कोचिंग की जगह अपनी बड़ी बहन की ससुराल जा रही थी। रास्ते में लड़कियों ने रोककर पूछा तो कुछ सही जवाब न दे पाने पर वे अपने घर ले गईं और मोबाइल नंबर पता कर परिजनों को सूचना दी। छात्रा पूरी तरह सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ है।
- अशोक कुमार, एएसपी ग्रामीण