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मूसलाधार बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि
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बहराइच। तराई में रविवार देर रात तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। बादलों की तेज गड़गड़ाहट के बीच बारिश के दौरान ही ओलावृष्टि होने लगी। लगभग दस मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। आंधी-पानी के दौरान मकानों के टिनशेड उड़ गए। जगह-जगह पेड़ गिर गए। मूसलाधार बारिश के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव हो गया। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन करने में काफी परेशानी हुई। वहीं, आंधी-पानी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। शहर क्षेत्र में देर रात आपूर्ति सुचारु हो गई जबकि ग्रामीण क्षेत्र में सोमवार दोपहर बाद व्यवस्था सुधर सकी।
तराई में पड़ रही तेज धूप व गर्मी से लोग बेहाल थे। रविवार शाम आठ बजे के आसपास तेज हवाएं चलने लगीं। हवा चलने से मौसम में नमी छा गई। रात 11 बजे के आसपास बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। लगभग 20 से 30 ग्राम के ओले आसमान से बरसते रहे। बारिश के साथ ओलावृष्टि लगभग पंद्रह मिनट तक चलती रही। इसके बाद बादलों की गड़गड़ाहट के बीच मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश तड़के सुबह तक जारी रहा। मूसलाधार बारिश से शहर के मोहल्ला ब्राह्मणीपुरा, बड़ीहाट, जोशियापुरा, डिगिहा, रायपुर राजा, घसियारीपुरा में जलभराव हो गया। इसके अलावा तेज बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव हो गया। इससे शहरवासियों के साथ ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हुई।
लोग जलभराव के बीच आवागमन करने को विवश रहे। बादलों की गड़गड़ाहट के बीच बिजली कटौती हो गई। शहरी क्षेत्र में रात एक बजे के आसपास बिजली सप्लाई चालू हो गई। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में सोमवार दोपहर दो बजे के आसपास बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। वहीं कुछ ग्रामीण क्षेत्र में देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। हालांकि तेज बारिश के चलते लोगों को गर्मी से निजात मिली। बारिश लगभग तीन से चार घंटे तक होती रही।
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जिले में देर रात से शुरू हुई बारिश में नवाबगंज, मिहींपुरवा, महसी, तेजवापुर, पयागपुर और रामगांव क्षेत्र में कई ग्रामीणों के फूस के मकान गिर गए। टीनशेड उड़ गए। वहीं कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। जिससे कुछ समय के लिए आवागमन भी बाधित हुआ।
तेज बारिश के चलते किसानों की बांछें खिल आई। किसानों ने बताया कि मेंथा आयल, गन्ना, घुंइयां, मक्का, तरोई, कद्दू, टमाटर और लौकी की फसल के लिए बारिश अमृत साबित हुई है। इससे फसलों की पैदावार बढ़ेगी।
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तराई में पड़ रही तेज धूप व गर्मी से लोग बेहाल थे। रविवार शाम आठ बजे के आसपास तेज हवाएं चलने लगीं। हवा चलने से मौसम में नमी छा गई। रात 11 बजे के आसपास बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। लगभग 20 से 30 ग्राम के ओले आसमान से बरसते रहे। बारिश के साथ ओलावृष्टि लगभग पंद्रह मिनट तक चलती रही। इसके बाद बादलों की गड़गड़ाहट के बीच मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश तड़के सुबह तक जारी रहा। मूसलाधार बारिश से शहर के मोहल्ला ब्राह्मणीपुरा, बड़ीहाट, जोशियापुरा, डिगिहा, रायपुर राजा, घसियारीपुरा में जलभराव हो गया। इसके अलावा तेज बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव हो गया। इससे शहरवासियों के साथ ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हुई।
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लोग जलभराव के बीच आवागमन करने को विवश रहे। बादलों की गड़गड़ाहट के बीच बिजली कटौती हो गई। शहरी क्षेत्र में रात एक बजे के आसपास बिजली सप्लाई चालू हो गई। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में सोमवार दोपहर दो बजे के आसपास बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। वहीं कुछ ग्रामीण क्षेत्र में देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। हालांकि तेज बारिश के चलते लोगों को गर्मी से निजात मिली। बारिश लगभग तीन से चार घंटे तक होती रही।
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जिले में देर रात से शुरू हुई बारिश में नवाबगंज, मिहींपुरवा, महसी, तेजवापुर, पयागपुर और रामगांव क्षेत्र में कई ग्रामीणों के फूस के मकान गिर गए। टीनशेड उड़ गए। वहीं कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। जिससे कुछ समय के लिए आवागमन भी बाधित हुआ।
तेज बारिश के चलते किसानों की बांछें खिल आई। किसानों ने बताया कि मेंथा आयल, गन्ना, घुंइयां, मक्का, तरोई, कद्दू, टमाटर और लौकी की फसल के लिए बारिश अमृत साबित हुई है। इससे फसलों की पैदावार बढ़ेगी।