फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Ayushman card will be made for all divorced women

सभी तलाकशुदा महिलाओं का आयुष्मान कार्ड बनेगा

Thu, 29 Oct 2020 10:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2020 10:06 PM IST
विज्ञापन
Ayushman card will be made for all divorced women
बहराइच। तलाकशुदा महिलाओं का स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए इन महिलाओं की सूची में नाम होने की कोई बाध्यता नहीं है। आयुष्मान कार्ड के जिला कार्यक्रम समन्वयक ने अल्पसंख्यक विभाग व जिला प्रोबेशन अधिकारी को पत्र भेजकर ऐसी महिलाओं की सूची मांगी है। शासन को सूची भेजने के बाद ऐसी महिलाओं के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे जिससे उन्हें पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिल सके।
विज्ञापन

जिले की आबादी 42 लाख है। 42 लाख की आबादी में स्वास्थ्य विभाग को 12 लाख प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। गोल्डन कार्ड वर्ष 2011 की सूची में शामिल लोगों के ही बनाए जा रहे हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1.95 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं लेकिन वर्ष 2011 की सूची में नाम न होने से आयुष्मान कार्ड का लाभ तलाकशुदा महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

अब ऐसी महिलाओं को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। आयुष्मान कार्ड के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पीयूष मिश्रा ने बताया कि जिले में निवास करने वाली तलाक पीड़िता का भी गोल्डन कार्ड बनेगा। इसके लिए शासन की ओर से दिशा-निर्देश मिला है। इन महिलाओं की सूची जिला प्रोबेशन अधिकारी से स्वास्थ्य विभाग ने मांगी है। प्रोबेशन अधिकारी से सूची मिलते ही इन महिलाओं के गोल्डन कार्ड वरीयता के आधार पर बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते ऐसी महिलाओं को स्वास्थ्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इनके गोल्डन कार्ड बनने से इन्हें भी पांच लाख रुपये तक का इलाज जिले के प्राइवेट अस्पतालों में आसानी से मिल सकेगा। इसके साथ ही इनके बच्चों का भी इलाज होगा। ऐसे में लाखों महिलाओं को प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ मिल सकेगा।
जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पीयूष मिश्रा ने बताया कि जिला प्रोबेशन व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पत्र भेजकर तलाकशुदा महिलाओं की सूची मांगी गई है। सूची मिलते ही इसे शासन को भेजा जाएगा। शासन की संस्तुति के बाद सभी महिलाओं के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। इन महिलाओं की सूची में नाम शामिल होने की कोई बाध्यता नहीं है।

सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड से गरीबों का इलाज पांच लाख रुपये तक होता है लेकिन सूची में नाम न होने से तलाकशुदा महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए ऐसी पीड़ित महिलाओं की सूची जिला प्रोबेशन अधिकारी व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से मांगी गई है। सूची मिलते ही पीड़ित महिलाओं का गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा जिससे महिलाओं के साथ इनके परिवार के लोगों को भी लाभ मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed