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अमेरिकी छात्रों ने कतर्निया की छटा देखी, कुल्हड़ में पी चाय
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 20 Jan 2016 10:19 PM IST
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बहराइच। कतर्नियाघाट में उछलकूद मचाते हुए हिरन व गेरुआ में डॉल्फिन की अठखेलियां भारतीय सैलानियों को ही नहीं बल्कि विदेशियों को भी अपनी ओर खींच रही हैं।
अमेरिका के साउथ केरेलाइना प्रांत स्थित वोफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्यनरत 20 छात्रों का दल बहराइच पहुंचा।
देहात संस्था के मुख्य कार्यकारी डॉ जितेंद्र चतुर्वेदी व ग्लोबल विद्यालय के अध्यक्ष डॉ अजीम शेरवानी ने मंगलवार को अमेरिकी छात्र-छात्राओं को मिहींपुरवा ब्लॉक स्थित वन ग्राम बिछिया, ढकिया, टेड़िया, नई बस्ती, गोकुलपुर गांवों का भ्रमण करवाया।
डॉ अजीम शेरवानी ने बताया कि यहां छात्रों ने वन ग्रामीणों से उनके रहन-सहन व खान, पान, संस्कृति आदि की जानकारी हासिल की। इससे पूर्व थारु जनजाति के बच्चों ने पारंपरिक तरीके से तिलक लगा माला पहनाकर स्वागत किया।
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अमेरिकी छात्रों का दल कतर्नियाघाट में स्थित हिमांशु कालिया के कतर्निया इको हट में ठहरा। बुधवार सुबह थारु हट और जंगल के खुले मैदान में उछलकूद करते हुए हिरनों के झुंड को भी नजदीक से देखा।
सुबह सर्द हवाकी बीच अलाव की गर्माहट व कुल्हड़ चाय की चुश्कियों ने अमेरिकी छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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अमेरिका के साउथ केरेलाइना प्रांत स्थित वोफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्यनरत 20 छात्रों का दल बहराइच पहुंचा।
देहात संस्था के मुख्य कार्यकारी डॉ जितेंद्र चतुर्वेदी व ग्लोबल विद्यालय के अध्यक्ष डॉ अजीम शेरवानी ने मंगलवार को अमेरिकी छात्र-छात्राओं को मिहींपुरवा ब्लॉक स्थित वन ग्राम बिछिया, ढकिया, टेड़िया, नई बस्ती, गोकुलपुर गांवों का भ्रमण करवाया।
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डॉ अजीम शेरवानी ने बताया कि यहां छात्रों ने वन ग्रामीणों से उनके रहन-सहन व खान, पान, संस्कृति आदि की जानकारी हासिल की। इससे पूर्व थारु जनजाति के बच्चों ने पारंपरिक तरीके से तिलक लगा माला पहनाकर स्वागत किया।
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अमेरिकी छात्रों का दल कतर्नियाघाट में स्थित हिमांशु कालिया के कतर्निया इको हट में ठहरा। बुधवार सुबह थारु हट और जंगल के खुले मैदान में उछलकूद करते हुए हिरनों के झुंड को भी नजदीक से देखा।
सुबह सर्द हवाकी बीच अलाव की गर्माहट व कुल्हड़ चाय की चुश्कियों ने अमेरिकी छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया।