फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Action on the soldiers, how the SHO is innocent

सिपाहियों पर कार्रवाई, थानाध्यक्ष बेकसूर कैसे

Thu, 21 Apr 2022 11:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 11:12 PM IST
विज्ञापन
Action on the soldiers, how the SHO is innocent
बहराइच। विशेश्वरगंज थाने में तैनात दो सिपाही क्षेत्र के एक युवक को हिरासत में लेकर थाने लाते हैं, उसको अवैध तरीके से हिरासत में रखते हैं और छोड़ने के लिए पैसे की डिमांड करते हैं। पीड़ित थाने के बाहर आता है.. फिर गोंडा डीआईजी के कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाता है। डीआईजी जांच कराकर दोनों सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज करवाते हैं। लेकिन एसएचओ को यह सब बातें नहीं पता चल पाती हैं। यह तब है, जब थानाध्यक्ष के कंधे पर एसपी ने थाने को चलाने का जिम्मा दे रखा है। डीआईजी साहब! ऐसे में यह कैसे मान लिया जाए कि थानाध्यक्ष बेकसूर हैं। अगर कुछ नहीं पता चला तो लापरवाही है और लापरवाही पर कोई कार्रवाई न होना क्षेत्र में चर्चा का विषय है।
विज्ञापन

देवीपाटन मंडल के डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि रणवरिया गांव निवासी तंजीर ने शिकायत की थी कि विश्वेश्वरगंज थाने में तैनात दो सिपाहियों ने उसे हिरासत से छोड़ने के बदले पैसे की मांग की। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार को जांच सौंपी गई थी। जांच में सिपाही शत्रुहन प्रियदर्शी व संजय कुमार यादव दोषी पाए गए। एएसपी ग्रामीण की रिपोर्ट मिलने के बाद डीआईजी ने दोनों सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। विशेश्वरगंज थानाध्यक्ष जयहरि मिश्र ने बताया कि डीआईजी के निर्देश पर थाने में तैनात सिपाही शत्रुहन प्रियदर्शी व संजय कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन

ऐसे में अब सवाल उठता है कि इतना बड़ा मामला विशेश्वरगंज थानाध्यक्ष के संज्ञान में क्यों नहीं आया। डीआईजी कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार सिपाहियों ने थाने पर युवक को अवैध रूप से हिरासत में रखा, तो क्या थाने में कोई ऐसा सिपाही, दरोगा और दीवान नहीं रहा। जो थानाध्यक्ष को यह भी बता सके कि युवक को हिरासत में रखा गया है। क्या थानेदार की यह जिम्मेदारी नहीं कि थाने पर हिरासत में आने वाले लोगों की जानकारी रखें। ऐसे कई सवाल हैं, जो थानाध्यक्ष के लापरवाह होने की ओर संकेत दे रहे है। ऐसे लापरवाह थानाध्यक्ष पर कार्रवाई न होना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नियम विपरीत कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
विशेश्वरगंज थाने का प्रकरण संज्ञान में आया है। दो सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। जांच की जाएगी। जांच में अगर कोई और दोषी पाया जाएगा तो निश्चित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नियम के विपरीत कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वह कोई भी हो। -केशव चौधरी, एसपी बहराइच
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed