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Bahraich News: अब विंध्य-कैमूर के जंगल में विचरण करेगा तेंदुआ

Sun, 06 Sep 2026 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sun, 06 Sep 2026 12:07 AM IST
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A leopard will now roam the forests of Vindhya-Kaimur.
कतर्नियाघाट रेंज में वन विभाग द्वारा पकड़ा गया तेंदुआ।   (फाइल फोटो)
मिहींपुरवा। ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में युवक पर हमला कर उसे निवाला बनाने वाले तेंदुए को अब कतर्नियाघाट की तराई में नहीं, बल्कि विंध्य-कैमूर के पहाड़ी जंगल में छोड़ दिया गया है। मानव पर हमला करने की घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने तेंदुए को उसके पुराने क्षेत्र से काफी दूर नए प्राकृतिक वास में भेजने का फैसला किया। इससे जंगल से सटे गांवों में तेंदुए के दोबारा हमले की आशंका कम होने की उम्मीद है।
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महबूबनगर निवासी रामसिंह को तेंदुआ सोते समय मंगलवार की सुबह हमलाकर चारपाई से खींच ले गया था। युवक का शव गांव से 700 मीटर की दूरी पर मिला था। युवक पर हमले के बाद वन विभाग ने करीब 24 घंटे के भीतर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया था।
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इसके बाद पशु चिकित्सकों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें तेंदुआ स्वस्थ पाया गया। प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट अपूर्व दीक्षित ने मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। तेंदुए के व्यवहार और मानव पर हमले की गंभीरता को देखते हुए उसे कतर्नियाघाट में ही छोड़ने के बजाय दूसरे प्राकृतिक क्षेत्र में भेजने का निर्णय विभाग के उच्चाधिकारियों ने लिया।
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तराई से अलग है नया ठिकाना

डीएफओ ने बताया कि विंध्य-कैमूर क्षेत्र का वन भूभाग कतर्नियाघाट की समतल तराई से पूरी तरह अलग है। पहाड़ियों, चट्टानी ढलानों और मिश्रित पर्णपाती जंगलों वाला यह क्षेत्र तेंदुए के प्राकृतिक विचरण और शिकार के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसी प्राकृतिक परिवेश को देखते हुए उसे तराई से दूर इस वन क्षेत्र में छोड़ा गया है।



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ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
कतर्नियाघाट के जंगल से सटे गांवों में लगातार तेंदुओं की आवाजाही और हमलों के बीच वन विभाग के इस फैसले से ग्रामीणों ने राहत जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि इंसान को शिकार बना चुके तेंदुए को आबादी से दूर ले जाना सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर कदम है। डीएफओ के अनुसार वन्यजीवों को अनुकूल प्राकृतिक वातावरण देना प्राथमिकता है, लेकिन मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका वाले मामलों में परिस्थितियों का आकलन कर निर्णय लिया जाता है।
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