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बारिश ने अन्नदाताओं की आशाओं पर फेरा 'पानी'
Bahraich
Updated Mon, 20 Jan 2014 05:46 AM IST
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बहराइच। बारिश और तेज हवा ने जन-जीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। शुक्रवार रात शुरू हुई बारिश शनिवार भोर थमी। इसके बाद तेज हवा ने पूरे दिन लोगों को सिहराया। बरसात और हवा से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खेत में खड़ी सरसों की 25 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। वहीं, खेतों में पानी भरने से आलू और मटर की फसलों पर भी संकट मंडराने लगा है। वर्षा 18 मिमी. रिकॉर्ड हुई।
मौसम का बदलता मिजाज आम जनमानस समेत किसानों पर भी कहर ढा रहा है। शुक्रवार को कोहरे, बदली और पछुआ के साथ पूरा दिन बीता। रात 10 बजे के आसपास बूंदाबांदी शुरू हुई और फिर जैसे-जैसे रात बढ़ी, बारिश भी तेज होती गई। भोर होते-होते वर्षा थम गई। सुबह आठ बजे के आसपास आसमान में सूरज चमका तो लगा कि मौसम साफ हो जाएगा लेकिन फिर सूरज और बादलों के बीच शुरू हुआ लुकाछिपी का दौर दिन भर जारी रहा। तेज हवा के कारण लोग ठिठुरते रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, ज्यादातर लोग घरों में ही दुबके रहे। कुछ निकले भी तो उन्हें ठंड के साथ जगह-जगह जलभराव का भी सामना करना पड़ा। बारिश के कारण शहर, गांव और कस्बों में सड़कों पर जलभराव हो गया है।
दूसरी ओर बारिश से किसानों के माथे पर भी शिकन आ गई है। वर्षा और तेज हवाओं से सरसों की फसल खेतों में ही गिर गई है। इसके अलावा मटर और आलू के खेतों में नमी अधिक होने से फसलों पर संकट उत्पन्न हो गया है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि जिले का अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। हवा पूरब दिशा में 16 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली है, जबकि वर्षा 18 मिलीमीटर रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने बताया कि अभी 24 घंटे बूंदाबांदी जारी रहने के आसार हैं।
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मौसम का बदलता मिजाज आम जनमानस समेत किसानों पर भी कहर ढा रहा है। शुक्रवार को कोहरे, बदली और पछुआ के साथ पूरा दिन बीता। रात 10 बजे के आसपास बूंदाबांदी शुरू हुई और फिर जैसे-जैसे रात बढ़ी, बारिश भी तेज होती गई। भोर होते-होते वर्षा थम गई। सुबह आठ बजे के आसपास आसमान में सूरज चमका तो लगा कि मौसम साफ हो जाएगा लेकिन फिर सूरज और बादलों के बीच शुरू हुआ लुकाछिपी का दौर दिन भर जारी रहा। तेज हवा के कारण लोग ठिठुरते रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, ज्यादातर लोग घरों में ही दुबके रहे। कुछ निकले भी तो उन्हें ठंड के साथ जगह-जगह जलभराव का भी सामना करना पड़ा। बारिश के कारण शहर, गांव और कस्बों में सड़कों पर जलभराव हो गया है।
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दूसरी ओर बारिश से किसानों के माथे पर भी शिकन आ गई है। वर्षा और तेज हवाओं से सरसों की फसल खेतों में ही गिर गई है। इसके अलावा मटर और आलू के खेतों में नमी अधिक होने से फसलों पर संकट उत्पन्न हो गया है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि जिले का अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। हवा पूरब दिशा में 16 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली है, जबकि वर्षा 18 मिलीमीटर रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने बताया कि अभी 24 घंटे बूंदाबांदी जारी रहने के आसार हैं।
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