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बाजार नीलामी के पैसे डकार गए प्रधान
Bahraich
Updated Fri, 27 Dec 2013 05:43 AM IST
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बहराइच। ग्राम पंचायत हरदी गौरा के प्रधान ने शौचालय निर्माण में तो अनियमितता बरती ही, साप्ताहिक बाजार वसूली की धनराशि वसूली में भी घोटाला किया। बाजार नीलामी की धनराशि ग्राम प्रधान ने सरकारी मद में जमा नहीं किया। इस पर जिलाधिकारी ने प्रधान से ढाई साल की तह बाजारी वसूली की धनराशि भू-राजस्व के रूप में वसूलने के आदेश दिए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट किंजल सिंह ने बताया कि विकासखंड महसी के ग्राम पंचायत हरदी गौरा के ग्राम प्रधान त्रिलोकीनाथ दूबे के खिलाफ ग्रामीणों ने अनियमितता की शिकायत की थी। ग्रामीणों ने साप्ताहिक बाजार नीलामी की वसूली में बंदरबांट करने और शौचालय निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाया था। इसके लेकर कुछ ग्रामीणों ने अनशन भी किया था। जिलाधिकारी किंजल सिंह ने जिला पंचायत राज अधिकारी को मामले की जांच सौंपी थी। डीएम ने बताया कि डीपीआरओ की जांच में खुलासा हुआ है कि गांव के 17 लाभार्थियों को शौचालय धनराशि का आवंटन किया गया था लेकिन आठ शौचालय ही बने। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय हरदी प्रथम के बगल में लगने वाली साप्ताहिक बाजार सप्ताह में सोमवार व गुरुवार को लगती है। बाजार की नीलामी की धनराशि सरकारी कोष में जमा होना चाहिए लेकिन ग्राम निधि में प्रधान इस राशि को जमा नहीं कर रहे हैं।
डीएम ने बताया कि जांच के दौरान माह नवंबर 2010 से अप्रैल 2013 तक 30 माह की बाजार नीलामी धनराशि का बंदरबांट करने का मामला सामने आया है। कहा कि प्रतिमाह औसतन दो हजार रुपये की आय ग्रामसभा को बाजार नीलामी से होती है। इसके तहत 60 हजार का घोटाला ग्राम प्रधान ने किया है। इस मामले में ग्राम प्रधान त्रिलोकीनाथ दूबे से स्पष्टीकरण तलब किया गया था लेकिन स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है। इस कारण बाजार नीलामी धनराशि के घोटाले को भू-राजस्व के रूप में वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
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जिला मजिस्ट्रेट किंजल सिंह ने बताया कि विकासखंड महसी के ग्राम पंचायत हरदी गौरा के ग्राम प्रधान त्रिलोकीनाथ दूबे के खिलाफ ग्रामीणों ने अनियमितता की शिकायत की थी। ग्रामीणों ने साप्ताहिक बाजार नीलामी की वसूली में बंदरबांट करने और शौचालय निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाया था। इसके लेकर कुछ ग्रामीणों ने अनशन भी किया था। जिलाधिकारी किंजल सिंह ने जिला पंचायत राज अधिकारी को मामले की जांच सौंपी थी। डीएम ने बताया कि डीपीआरओ की जांच में खुलासा हुआ है कि गांव के 17 लाभार्थियों को शौचालय धनराशि का आवंटन किया गया था लेकिन आठ शौचालय ही बने। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय हरदी प्रथम के बगल में लगने वाली साप्ताहिक बाजार सप्ताह में सोमवार व गुरुवार को लगती है। बाजार की नीलामी की धनराशि सरकारी कोष में जमा होना चाहिए लेकिन ग्राम निधि में प्रधान इस राशि को जमा नहीं कर रहे हैं।
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डीएम ने बताया कि जांच के दौरान माह नवंबर 2010 से अप्रैल 2013 तक 30 माह की बाजार नीलामी धनराशि का बंदरबांट करने का मामला सामने आया है। कहा कि प्रतिमाह औसतन दो हजार रुपये की आय ग्रामसभा को बाजार नीलामी से होती है। इसके तहत 60 हजार का घोटाला ग्राम प्रधान ने किया है। इस मामले में ग्राम प्रधान त्रिलोकीनाथ दूबे से स्पष्टीकरण तलब किया गया था लेकिन स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है। इस कारण बाजार नीलामी धनराशि के घोटाले को भू-राजस्व के रूप में वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
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