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संरक्षित वन क्षेत्र में सागौन के पेड़ों की अवैध कटान
Bahraich
Updated Sun, 29 Sep 2013 05:37 AM IST
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मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट सेंक्चुरी क्षेत्र में अवैध कटान थम नहीं रही। डीएफओ की जांच में निशानगाड़ा रेंज में साल और सागौन के 19 पेड़ कटे मिले। डीएफओ ने डिप्टी रेंजर और वन रक्षक को मुख्यालय से अटैच कर रिपोर्ट दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर को भेजी थी। शुक्रवार को फील्ड डायरेक्टर ने प्रभावित इलाके का दौरा कर शनिवार को डिप्टी रेंजर और वन रक्षक को निलंबित कर दिया।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है। जंगल की सुरक्षा के लिए वनकर्मी तैनात हैं, फिर भी कटान पर अंकुश नहीं लग पा रहा। 14 सितंबर को प्रभागीय वनाधिकारी आशीष तिवारी को निशानगाड़ा रेंज के बीट संख्या 12 अंतर्गत कक्ष संख्या एक में बगुलहिया फार्म के पास दो शीशम के पेड़ों के कटान की सूचना मिली थी। इस पर डीएफओ ने मौके का निरीक्षण किया तो कई पेड़ों के बूट कटे मिले। इस पर डीएफओ ने स्वयं जांच शुरू की तो 19 पेड़ों की कटान होने का पता चला। इसमें एक पेड़ खैर व बाकी 18 पेड़ शीशम के थे।
डीएफओ को जांच के दौरान डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र और वन्यजीव रक्षक शिवपाल की संलिप्तता लगी। इस पर दोनों वनकर्मियों को मुख्यालय से अटैच कर दिया था। इस मामले में डीएफओे ने रिपोर्ट दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर शैलेष प्रसाद को भेजी थी। फील्ड डायरेक्टर ने शुक्रवार को कतर्नियाघाट के कटान प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जांच की। जांच के दौरान फील्ड डायरेक्टर ने डिप्टी रेंजर और वन रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि दोनों निलंबित वनकर्मियों को चार्जशीट सौंपने की तैयारी की जा रही है। कहा कि जांच अभी चल रही है। हो सकता है कुछ और लोग दायरे में आएं।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है। जंगल की सुरक्षा के लिए वनकर्मी तैनात हैं, फिर भी कटान पर अंकुश नहीं लग पा रहा। 14 सितंबर को प्रभागीय वनाधिकारी आशीष तिवारी को निशानगाड़ा रेंज के बीट संख्या 12 अंतर्गत कक्ष संख्या एक में बगुलहिया फार्म के पास दो शीशम के पेड़ों के कटान की सूचना मिली थी। इस पर डीएफओ ने मौके का निरीक्षण किया तो कई पेड़ों के बूट कटे मिले। इस पर डीएफओ ने स्वयं जांच शुरू की तो 19 पेड़ों की कटान होने का पता चला। इसमें एक पेड़ खैर व बाकी 18 पेड़ शीशम के थे।
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डीएफओ को जांच के दौरान डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र और वन्यजीव रक्षक शिवपाल की संलिप्तता लगी। इस पर दोनों वनकर्मियों को मुख्यालय से अटैच कर दिया था। इस मामले में डीएफओे ने रिपोर्ट दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर शैलेष प्रसाद को भेजी थी। फील्ड डायरेक्टर ने शुक्रवार को कतर्नियाघाट के कटान प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जांच की। जांच के दौरान फील्ड डायरेक्टर ने डिप्टी रेंजर और वन रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि दोनों निलंबित वनकर्मियों को चार्जशीट सौंपने की तैयारी की जा रही है। कहा कि जांच अभी चल रही है। हो सकता है कुछ और लोग दायरे में आएं।
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