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ट्रक ने दो भाइयों को रौंदा
Bahraich
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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फखरपुर (बहराइच)। मदनकोठी गांव निवासी दो सगे भाइयों को शनिवार की शाम ट्रक ने लखनऊ-बहराइच मार्ग पर रौंद दिया। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसा तब हुआ जब मासूम बिस्किट खरीदकर घर लौटने के लिए सड़क पार कर रहे थे। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक समेत फरार हो गया। हादसे के कारण भीड़ जमा हो गई, जिससे एक घंटे तक लखनऊ-बहराइच मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पिता की तहरीर पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
फखरपुर थाना अंतर्गत मदनकोठी गांव निवासी अब्दुल कुद्दूस का 10 वर्षीय पुत्र लुकमान शाम को बिस्किट के लिए जिद कर रहा था। इस पर कुद्दूस ने लुकमान के साथ 12 वर्षीय पुत्र सलमान को बिस्किट लाने के लिए साथ भेजा। जब दोनों बिस्किट लेकर लखनऊ-बहराइच मार्ग पार कर रहे थे तभी बहराइच की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों को टक्कर मार दी। दोनों गिर पड़े और ट्रक उन्हें रौंदता हुआ निकल गया। मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर परिजन भी रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। मार्ग पर जाम लग गया।
सूचना पाकर थानाध्यक्ष अवधनरायन यादव सात बजे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एक घंटे बाद मार्ग पर आवागमन बहाल हो सका। थानाध्यक्ष ने बताया कि अब्दुल कुद्दूस की तहरीर पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद चालक वाहन समेत फरार हो गया है। उसकी तलाश के लिए जिले के सभी थानों के थानाध्यक्षों को वायरलेस पर अलर्ट कर दिया गया है।
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रफ्तार से बुझ गया कुद्दूस के घर का चिराग
फखरपुर। ट्रक की रफ्तार से कुद्दूस के घर का चिराग बुझ गया। एक साथ दो बेटों की मौत से मां-बाप पछाड़े खा-खाकर गिर रहे हैं। पूरे गांव में मातम छा गया है। लखनऊ-बहराइच मार्ग पर मदनकोठी गांव सड़क मार्ग से 80 मीटर की दूरी पर स्थित है। अब्दुल कुद्दूस का परिवार काफी गरीब है। वह दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। घर में पत्नी के अलावा सिर्फ दो बेटे सलमान और लुकमान ही थे। जिंदगी हंसी-खुशी चल रही थी, लेकिन शनिवार देर शाम कुद्दूस के परिवार की खुशियों को नजर लग गई। फफकते हुए कुद्दूस उस क्षण को कोस रहे हैं, जब दोनों बेटे घर से दुकान जाने के लिए निकले थे। कुद्दूस की पत्नी की हालत अर्द्धविक्षिप्तों जैसी हो गई है। आसपास के जो लोग ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, वह भी दो लाशें देखकर विचलित हो रहे हैं। दुर्घटना से गांववासी भी गमगीन हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि कई बार गांव के सामने मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की लेकिन अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सामने से तेज रफ्तार में वाहन निकलते हैं। यही रफ्तार शनिवार को लुकमान और सलमान की जिंदगी के लिए काल बन गई।
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फखरपुर थाना अंतर्गत मदनकोठी गांव निवासी अब्दुल कुद्दूस का 10 वर्षीय पुत्र लुकमान शाम को बिस्किट के लिए जिद कर रहा था। इस पर कुद्दूस ने लुकमान के साथ 12 वर्षीय पुत्र सलमान को बिस्किट लाने के लिए साथ भेजा। जब दोनों बिस्किट लेकर लखनऊ-बहराइच मार्ग पार कर रहे थे तभी बहराइच की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों को टक्कर मार दी। दोनों गिर पड़े और ट्रक उन्हें रौंदता हुआ निकल गया। मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर परिजन भी रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। मार्ग पर जाम लग गया।
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सूचना पाकर थानाध्यक्ष अवधनरायन यादव सात बजे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एक घंटे बाद मार्ग पर आवागमन बहाल हो सका। थानाध्यक्ष ने बताया कि अब्दुल कुद्दूस की तहरीर पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद चालक वाहन समेत फरार हो गया है। उसकी तलाश के लिए जिले के सभी थानों के थानाध्यक्षों को वायरलेस पर अलर्ट कर दिया गया है।
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रफ्तार से बुझ गया कुद्दूस के घर का चिराग
फखरपुर। ट्रक की रफ्तार से कुद्दूस के घर का चिराग बुझ गया। एक साथ दो बेटों की मौत से मां-बाप पछाड़े खा-खाकर गिर रहे हैं। पूरे गांव में मातम छा गया है। लखनऊ-बहराइच मार्ग पर मदनकोठी गांव सड़क मार्ग से 80 मीटर की दूरी पर स्थित है। अब्दुल कुद्दूस का परिवार काफी गरीब है। वह दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। घर में पत्नी के अलावा सिर्फ दो बेटे सलमान और लुकमान ही थे। जिंदगी हंसी-खुशी चल रही थी, लेकिन शनिवार देर शाम कुद्दूस के परिवार की खुशियों को नजर लग गई। फफकते हुए कुद्दूस उस क्षण को कोस रहे हैं, जब दोनों बेटे घर से दुकान जाने के लिए निकले थे। कुद्दूस की पत्नी की हालत अर्द्धविक्षिप्तों जैसी हो गई है। आसपास के जो लोग ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, वह भी दो लाशें देखकर विचलित हो रहे हैं। दुर्घटना से गांववासी भी गमगीन हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि कई बार गांव के सामने मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की लेकिन अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सामने से तेज रफ्तार में वाहन निकलते हैं। यही रफ्तार शनिवार को लुकमान और सलमान की जिंदगी के लिए काल बन गई।