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धनतेरस पर 12 करोड़ का कारोबार
Bahraich
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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बहराइच। धनतेरस पर्व पर रविवार को बाजार गुलजार रहे। दुलहन की तरह सजीं दुकानों में सुबह से रात तक लोग उमड़ते रहे। हर ओर उल्लास और उमंग नजर आ रहा था। महंगाई के बावजूद परंपरा निर्वहन का उत्साह लोगों के सिर चढ़कर बोला। सोने-चांदी के लगभग सवा तीन करोड़ के कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं, बर्तन व्यवसाय पांच करोड़ से अधिक का होने का अनुमान लगाया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक सराफा, बर्तन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों को मिलाकर लगभग 12 करोड़ का कारोबार हुआ है।
धनतेरस पर सुबह से ही बाजारों में चहल-पहल शुरू हो गई। स्टीलगंज तालाब, चौक बाजार, छोटी बाजार, छावनी व सराफा बाजार में स्थित सराफा की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ती रही। कोई गणेश-लक्ष्मी के चांदी के सिक्कों की खरीददारी कर रहा था, तो किसी ने सोने व चांदी के जेवरात खरीदे। अधिकतर लोगों ने सोने के जेवरात, सिक्कों, मूर्तियों और बर्तनों की खरीददारी की। चांदी के पुराने सिक्कों की मांग अधिक रही, जिससे सराफा बाजार जमकर उछला। सराफा व्यापार संघ के अध्यक्ष राकेश वर्मा ने बताया कि सुबह से शाम तक शहर क्षेत्र में स्थित सराफा के दुकानों पर लगभग सवा दो करोड़ का कारोबार हो चुका है। इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में स्थित सराफा के दुकानों पर भी लगभग एक करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान लग रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के बावजूद खरीददारी जमकर हुई है। खबर लिखे जाने तक लगभग 12 करोड़ का कारोबार हुआ है। उन्होंने कहा कि रात तक यह ग्राफ और बढ़ सकता है।
5 करोड़ से अधिक हुआ बर्तन का कारोबार
बर्तनों की दुकानों पर भी खरीददारी के लिए दोपहर से देर रात तक भारी भीड़ रही। बर्तन व्यवसायी रामचंदर ने बताया कि थाली, लोटा, ग्लास, बाल्टी व डिनर सेट की बिक्री अधिक हुई है। उन्होंने कहा कि स्टील के बर्तनों की मांग ज्यादा रही। फूल, गिलट, तांबा और पीतल के बर्तन स्टील की अपेक्षा काफी कम बिके। बर्तन व्यवसायी शशिकांत सिंह ने बताया कि धनतेरस पर शहर, कस्बा व ग्रामीण अंचलों में मिलाकर बर्तन कारोबार पांच करोड़ से अधिक का रहा है। उन्होंने कहा कि कोई दुकानदार ऐसा नहीं रहा है, जिसने गिलट और फूल के 200 किलो से कम के बर्तन बेचे हों। ऐसे में देर रात तक ग्राफ और आगे पहुंच जाएगा।
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हल्के जेवरात खरीदते दिखे लोग
धनतेरस पर लोगों की पसंद सोने के हल्के जेवरात रहे। वहीं, चांदी की असलियत को लेकर कोई दिक्कत न हो इसके लिए लोगों ने चांदी के पुरानों सिक्कों की खरीददारी में रुचि दिखायी। अंग्रेजी शासनकाल के सिक्के खूब बिके।
सिर्फ 70 ग्राम सोना बेच सका डाक विभाग
प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर लालजी शर्मा व जनसंपर्क अधिकारी वेदप्रकाश मिश्र ने बताया कि एक ग्राम व पांच ग्राम के सिक्कों की मांग अधिक रही। दिन भर में 70 ग्राम सोने की बिक्री हुई है। इससे डाक विभाग को दो लाख 44 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई है।
बाइक की तरफ भी रहा रुझान
धनतेरस के मौके पर विभिन्न बाइक एजेंसियों पर मोटरसाइकिलों की बिक्री भी जमकर हुई। खन्ना होंडा एजेंसी के मालिक दीपक खन्ना ने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 65 फीसदी कारोबार में बढ़ोत्तरी रही है। विभिन्न एजेंसियों पर पौने दो सौ बाइक की बिक्री हुई।
इंडक्शन चूल्हे की रही डिमांड
रसोई गैस के बढ़े दामोें के कारण लोगों ने इंडक्शन चूल्हा खरीदने में भी रुचि दिखायी। श्रीराम एजेंसी के मालिक लव मल्होत्रा ने बताया कि टीवी, फ्रिज की अपेक्षा इंडक्शन चूल्हा लोगों की खास पसंद रही। 100 से अधिक चूल्हे की बिक्री हुई है। पवन इलेक्ट्रॉनिक के मालिक पवन जायसवाल ने कहा कि अधिकतर लोग रसोई गैस की बचत के चलते इंडक्शन चूल्हा खरीदने के लिए उत्सुक रहे। उन्होंने बताया कि उनके यहां 90 चूल्हों की बिक्री हुई है। यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
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धनतेरस पर सुबह से ही बाजारों में चहल-पहल शुरू हो गई। स्टीलगंज तालाब, चौक बाजार, छोटी बाजार, छावनी व सराफा बाजार में स्थित सराफा की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ती रही। कोई गणेश-लक्ष्मी के चांदी के सिक्कों की खरीददारी कर रहा था, तो किसी ने सोने व चांदी के जेवरात खरीदे। अधिकतर लोगों ने सोने के जेवरात, सिक्कों, मूर्तियों और बर्तनों की खरीददारी की। चांदी के पुराने सिक्कों की मांग अधिक रही, जिससे सराफा बाजार जमकर उछला। सराफा व्यापार संघ के अध्यक्ष राकेश वर्मा ने बताया कि सुबह से शाम तक शहर क्षेत्र में स्थित सराफा के दुकानों पर लगभग सवा दो करोड़ का कारोबार हो चुका है। इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में स्थित सराफा के दुकानों पर भी लगभग एक करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान लग रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के बावजूद खरीददारी जमकर हुई है। खबर लिखे जाने तक लगभग 12 करोड़ का कारोबार हुआ है। उन्होंने कहा कि रात तक यह ग्राफ और बढ़ सकता है।
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5 करोड़ से अधिक हुआ बर्तन का कारोबार
बर्तनों की दुकानों पर भी खरीददारी के लिए दोपहर से देर रात तक भारी भीड़ रही। बर्तन व्यवसायी रामचंदर ने बताया कि थाली, लोटा, ग्लास, बाल्टी व डिनर सेट की बिक्री अधिक हुई है। उन्होंने कहा कि स्टील के बर्तनों की मांग ज्यादा रही। फूल, गिलट, तांबा और पीतल के बर्तन स्टील की अपेक्षा काफी कम बिके। बर्तन व्यवसायी शशिकांत सिंह ने बताया कि धनतेरस पर शहर, कस्बा व ग्रामीण अंचलों में मिलाकर बर्तन कारोबार पांच करोड़ से अधिक का रहा है। उन्होंने कहा कि कोई दुकानदार ऐसा नहीं रहा है, जिसने गिलट और फूल के 200 किलो से कम के बर्तन बेचे हों। ऐसे में देर रात तक ग्राफ और आगे पहुंच जाएगा।
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हल्के जेवरात खरीदते दिखे लोग
धनतेरस पर लोगों की पसंद सोने के हल्के जेवरात रहे। वहीं, चांदी की असलियत को लेकर कोई दिक्कत न हो इसके लिए लोगों ने चांदी के पुरानों सिक्कों की खरीददारी में रुचि दिखायी। अंग्रेजी शासनकाल के सिक्के खूब बिके।
सिर्फ 70 ग्राम सोना बेच सका डाक विभाग
प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर लालजी शर्मा व जनसंपर्क अधिकारी वेदप्रकाश मिश्र ने बताया कि एक ग्राम व पांच ग्राम के सिक्कों की मांग अधिक रही। दिन भर में 70 ग्राम सोने की बिक्री हुई है। इससे डाक विभाग को दो लाख 44 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई है।
बाइक की तरफ भी रहा रुझान
धनतेरस के मौके पर विभिन्न बाइक एजेंसियों पर मोटरसाइकिलों की बिक्री भी जमकर हुई। खन्ना होंडा एजेंसी के मालिक दीपक खन्ना ने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 65 फीसदी कारोबार में बढ़ोत्तरी रही है। विभिन्न एजेंसियों पर पौने दो सौ बाइक की बिक्री हुई।
इंडक्शन चूल्हे की रही डिमांड
रसोई गैस के बढ़े दामोें के कारण लोगों ने इंडक्शन चूल्हा खरीदने में भी रुचि दिखायी। श्रीराम एजेंसी के मालिक लव मल्होत्रा ने बताया कि टीवी, फ्रिज की अपेक्षा इंडक्शन चूल्हा लोगों की खास पसंद रही। 100 से अधिक चूल्हे की बिक्री हुई है। पवन इलेक्ट्रॉनिक के मालिक पवन जायसवाल ने कहा कि अधिकतर लोग रसोई गैस की बचत के चलते इंडक्शन चूल्हा खरीदने के लिए उत्सुक रहे। उन्होंने बताया कि उनके यहां 90 चूल्हों की बिक्री हुई है। यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।