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किशोर की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा
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बहराइच। फकीरपुरी गांव में वर्ष 2012 में पिपरमिंट टंकी की रखवाली कर रहे एक किशोर की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी युवक को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
दीवानी कचहरी के एडीजीसी क्रिमनल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सुजौली थाना अंतर्गत फकीरपुरी गांव निवासी बेगराज ने 19 जून 2012 को सुजौली थाने में पुत्र राकेश कुमार (16) की हत्या का केस दर्ज कराया था। बेगराज ने तहरीर में कहा कि गांव निवासी मुन्नालाल के घर के सामने पिपरमिंट की टंकी रखी हुई थी, जिसकी रखवाली उसका पुत्र राकेश करता था।
18 जून की रात राकेश अपने सहयोगी अनिल के साथ सोया हुआ था। तभी गांव निवासी करन कुमार पुत्र श्यामलाल शराब के नशे में मौके पर पहुंचा और गालीगलौज करने लगा। इस पर राकेश व अनिल ने करन को डांटकर भगा दिया।
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इससे गुस्साए करन ने उसी रात कुछ देर बाद मौके पर पहुंचकर राकेश के सीने में सरिया घोंपकर उसकी हत्या कर दी। मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने दोनों पक्षों की बहस सुना। इसके बाद आरोपी करन कुमार को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया।
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दीवानी कचहरी के एडीजीसी क्रिमनल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सुजौली थाना अंतर्गत फकीरपुरी गांव निवासी बेगराज ने 19 जून 2012 को सुजौली थाने में पुत्र राकेश कुमार (16) की हत्या का केस दर्ज कराया था। बेगराज ने तहरीर में कहा कि गांव निवासी मुन्नालाल के घर के सामने पिपरमिंट की टंकी रखी हुई थी, जिसकी रखवाली उसका पुत्र राकेश करता था।
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18 जून की रात राकेश अपने सहयोगी अनिल के साथ सोया हुआ था। तभी गांव निवासी करन कुमार पुत्र श्यामलाल शराब के नशे में मौके पर पहुंचा और गालीगलौज करने लगा। इस पर राकेश व अनिल ने करन को डांटकर भगा दिया।
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इससे गुस्साए करन ने उसी रात कुछ देर बाद मौके पर पहुंचकर राकेश के सीने में सरिया घोंपकर उसकी हत्या कर दी। मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने दोनों पक्षों की बहस सुना। इसके बाद आरोपी करन कुमार को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया।