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विद्यार्थियों संग शिक्षा विभाग की भी परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 17 Feb 2016 09:42 PM IST
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बहराइच। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा का आगाज आज से हो गया है। लेकिन, तैयारियों मुकम्मल होने का दावा करने वाला शिक्षा विभाग परीक्षा से एक दिन पहले तक पर्याप्त कक्ष निरीक्षकों की भी व्यवस्था नहीं कर सका।
बुधवार दोपहर जब डीआईओएस कार्यालय से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 2500 शिक्षकों की डिमांड भेजी गई तो अफरातफरी मच गई। देर शाम तक काफी मशक्कत कर बेसिक शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगा दिया।
अब देखना ये है कि 120 परीक्षा केंद्रों पर 83,315 विद्यार्थियों की शांतिपूर्वक परीक्षा करा पाने में शिक्षा विभाग पास होता है या फेल। क्योंकि, आदेश व तमाम दावों के बावजूद किसी भी केंद्र पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। हालांकि, परीक्षा सकुशल निपटाने के लिए पूरे बहराइच को 15 सेक्टर में बांटा गया है। बुधवार को केंद्रों पर सिटिंग प्लान दुरुस्त किया गया।
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यूपी बोर्ड की परीक्षा में 120 परीक्षा केंद्रों पर लगभग चार हजार शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक के रूप में जरूरत है। 2500 शिक्षकों की कमी माध्यमिक शिक्षा विभाग में है।
इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षक मांगे जाने थे लेकिन डीआईओएस कार्यालय को इसका ख्याल बुधवार दोपहर बाद आया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को डिमांड भेजी गई तो ऊहापोह की स्थिति बन गई। बीएसए कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन इसी माथापच्ची में जुटे रहे कि किसकी ड्यूटी कहां लगाएं।
हालांकि, परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए तहसीलवार जिले को 15 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर के लिए एक-एक अधिकारी को सेक्टर मजिस्ट्रेट, संबंधित तहसीलों के उपलिाधिकारियों को जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने बताया कि 120 परीक्षा केंद्रों में 28 परीक्षा केंद्र ऐसे हैं जो दूरस्थ अंचलों में स्थित है। वहां पर नकलविहीन परीक्षा के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। सभी केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाएं और प्रश्न पत्र पहुंच गए हैं। सुबह साढ़े सात बजे से परीक्षाएं शुरू होंगी।
ये है सुरक्षा व्यवस्था
बोर्ड परीक्षा के नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि थानाध्यक्षों को सेक्टर और सीओ को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट का दर्जा दिया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर दो सशस्त्र सिपाही, चार होमगार्ड व एक उपनिरीक्षक की तैनाती होगी। 200 मीटर के दायरे में किसी को भी परीक्षा अवधि में आने नहीं दिया जाएगा।
15 मिनट का मिलेगा अतिरिक्त समय
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षा प्रथम पाली में सुबह 7:30 बजे से शुरू होकर 10:45 बजे समाप्त होगी।
द्वितीय पाली में परीक्षा का समय दोपहर बाद दो बजे से सायं 5:15 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड के छात्र-छात्राओं को परीक्षा में 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है।
चार हजार शिक्षक बनाए गए कक्ष निरीक्षक
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में छात्र संख्या के अनुरूप 4100 शिक्षकों को कक्ष निरीक्षकों के रूप में तैनात किया गया है। इनमें 2500 शिक्षक परिषदीय विद्यालयों से मांगे गए हैं।
पांच उड़ाका दल करेंगे छापेमारी
डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के सघन निरीक्षण के लिए पांच उड़ाका दल गठित किए गए हैं। एक दल की अगुवाई वह स्वयं करेंगे।
जबकि बीएसए डॉ. अमरकांत सिंह, डायट प्राचार्य हरिहर प्रसाद भारती, समेत पांच टीमों की अगुवाई में परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी होगी। नकल करते हुए पकड़े जाने पर छात्रों की कॉपियां सीज होंगी।
बीईओ ने लगाई ड्यूटी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के लिए शिक्षकों की डिमांड डीआईओएस ने बुधवार को की है। उसके तहत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए।
देर शाम तक डीआईओएस को 2500 शिक्षक दे दिए गए। उन्होंने बताया कि प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी उसी न्याय पंचायत में स्थित बोर्ड परीक्षा केंद्र पर लगाई गई है।
नया शासनादेश भी बना मुसीबत
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री व जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीनबंधु शुक्ल ने बताया कि शासन ने कक्ष निरीक्षकों के बारे में नया आदेश भी जारी कर दिया है।
इसमें बेसिक शिक्षा विभाग से मांगे जाने वाले शिक्षकों को प्रतिदिन रिलीव किया जाएगा। डीआईओएस के आदेश पर ही पुन: उनकी ड्यूटी लग सकेगी। ऐसे में प्रतिदिन ड्यूटी काटना और ज्वाइन कराना भी मुसीबत है।
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बुधवार दोपहर जब डीआईओएस कार्यालय से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 2500 शिक्षकों की डिमांड भेजी गई तो अफरातफरी मच गई। देर शाम तक काफी मशक्कत कर बेसिक शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगा दिया।
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अब देखना ये है कि 120 परीक्षा केंद्रों पर 83,315 विद्यार्थियों की शांतिपूर्वक परीक्षा करा पाने में शिक्षा विभाग पास होता है या फेल। क्योंकि, आदेश व तमाम दावों के बावजूद किसी भी केंद्र पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। हालांकि, परीक्षा सकुशल निपटाने के लिए पूरे बहराइच को 15 सेक्टर में बांटा गया है। बुधवार को केंद्रों पर सिटिंग प्लान दुरुस्त किया गया।
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यूपी बोर्ड की परीक्षा में 120 परीक्षा केंद्रों पर लगभग चार हजार शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक के रूप में जरूरत है। 2500 शिक्षकों की कमी माध्यमिक शिक्षा विभाग में है।
इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षक मांगे जाने थे लेकिन डीआईओएस कार्यालय को इसका ख्याल बुधवार दोपहर बाद आया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को डिमांड भेजी गई तो ऊहापोह की स्थिति बन गई। बीएसए कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन इसी माथापच्ची में जुटे रहे कि किसकी ड्यूटी कहां लगाएं।
हालांकि, परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए तहसीलवार जिले को 15 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर के लिए एक-एक अधिकारी को सेक्टर मजिस्ट्रेट, संबंधित तहसीलों के उपलिाधिकारियों को जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने बताया कि 120 परीक्षा केंद्रों में 28 परीक्षा केंद्र ऐसे हैं जो दूरस्थ अंचलों में स्थित है। वहां पर नकलविहीन परीक्षा के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। सभी केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाएं और प्रश्न पत्र पहुंच गए हैं। सुबह साढ़े सात बजे से परीक्षाएं शुरू होंगी।
ये है सुरक्षा व्यवस्था
बोर्ड परीक्षा के नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि थानाध्यक्षों को सेक्टर और सीओ को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट का दर्जा दिया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर दो सशस्त्र सिपाही, चार होमगार्ड व एक उपनिरीक्षक की तैनाती होगी। 200 मीटर के दायरे में किसी को भी परीक्षा अवधि में आने नहीं दिया जाएगा।
15 मिनट का मिलेगा अतिरिक्त समय
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षा प्रथम पाली में सुबह 7:30 बजे से शुरू होकर 10:45 बजे समाप्त होगी।
द्वितीय पाली में परीक्षा का समय दोपहर बाद दो बजे से सायं 5:15 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड के छात्र-छात्राओं को परीक्षा में 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है।
चार हजार शिक्षक बनाए गए कक्ष निरीक्षक
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में छात्र संख्या के अनुरूप 4100 शिक्षकों को कक्ष निरीक्षकों के रूप में तैनात किया गया है। इनमें 2500 शिक्षक परिषदीय विद्यालयों से मांगे गए हैं।
पांच उड़ाका दल करेंगे छापेमारी
डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के सघन निरीक्षण के लिए पांच उड़ाका दल गठित किए गए हैं। एक दल की अगुवाई वह स्वयं करेंगे।
जबकि बीएसए डॉ. अमरकांत सिंह, डायट प्राचार्य हरिहर प्रसाद भारती, समेत पांच टीमों की अगुवाई में परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी होगी। नकल करते हुए पकड़े जाने पर छात्रों की कॉपियां सीज होंगी।
बीईओ ने लगाई ड्यूटी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के लिए शिक्षकों की डिमांड डीआईओएस ने बुधवार को की है। उसके तहत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए।
देर शाम तक डीआईओएस को 2500 शिक्षक दे दिए गए। उन्होंने बताया कि प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी उसी न्याय पंचायत में स्थित बोर्ड परीक्षा केंद्र पर लगाई गई है।
नया शासनादेश भी बना मुसीबत
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री व जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीनबंधु शुक्ल ने बताया कि शासन ने कक्ष निरीक्षकों के बारे में नया आदेश भी जारी कर दिया है।
इसमें बेसिक शिक्षा विभाग से मांगे जाने वाले शिक्षकों को प्रतिदिन रिलीव किया जाएगा। डीआईओएस के आदेश पर ही पुन: उनकी ड्यूटी लग सकेगी। ऐसे में प्रतिदिन ड्यूटी काटना और ज्वाइन कराना भी मुसीबत है।