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820 नन्हें घड़ियालों ने गेरुआ नदी के टापू पर खोली आंखें
अमरउजाला ब्यूरो/ बहराइच
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:40 PM IST
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तराई के अधिक तापमान से नन्हे घड़ियालों ने तय समय से पहले ही गेरुआ नदी के टापू पर दस्तक दे दी है। रविवार तड़के अलग-अलग घोंसलों से 820 नन्हे मेहमानों ने टापू पर आंखें खोली। इन सभी को सुरक्षित नदी में छोड़ दिया गया है। गेरुआ नदी में टापू पर अलग-अलग स्थानों पर स्थापित 39 घोंसलों से ये मेहमान निकले हैं।
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इन पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम गश्त कर रही है। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि दो दिनों में शेष सभी घोंसलों के अंडों से नन्हें घड़ियाल निकल आएंगे। कतर्निया घाट संरक्षित वन क्षेत्र से होकर बहने वाली नेपाल की गेरुआ नदी घड़ियालों के कुनबों को बढ़ाने में मददगार मानी जाती है।
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इस समय अनुमान के मुताबिक नदी में लगभग 310 वयस्क घड़ियाल मौजूद हैं। प्रति वर्ष मार्च के अंत में घड़ियाल नदी के टापू पर अंडे देकर उन्हें बालुओं में सहेज कर घोंसला बना देते हैं। एक घोंसले में औसतन 45 से 50 अंडे होते हैं। बालू से घोंसले को ढकने के बाद मादा घड़ियाल अंडों के प्रति निश्चिंत हो जाती है।
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16 जून का समय अंडों से बच्चों के निकलने का होता है। लेकिन इस बार तराई का मौसम अधिक गर्म है। सूरज की तपिश से पारा 45 डिग्री के आसपास है। इससे गेरुआ नदी के टापूओं पर भी सामान्य से ज्यादा गर्मी है। इसके कारण निर्धारित समय से दो दिन पूर्व अंडों से बच्चे निकलने की शुरुआत हो गई है।
कतर्नियाघाट रेंज के वन क्षेत्राधिकारी जेएन सिंह ने बताया कि रविवार तड़के अलग-अलग स्थानों पर घोंसले खुले हैं। टापू पर घोंसलों की निगरानी के लिए वन दरोगा के साथ नाविक रामरूप की अगुवाई में टीम गठित की गई है। 24 घंटे मोटरबोट व नाव के सहारे टापू की निगरानी की जा रही है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजनाधिकारी दबीर हसन ने बताया कि दो दिन में शेष घोंसलों से भी नन्हें घड़ियाल निकल आएंगे।