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हाथी का उत्पात
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:49 PM IST
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बिछिया(बहराइच)। नेपाल के जंगल से भटककर एक टस्कर हाथी कतर्नियाघाट रेंज के भवानीपुर गांव में पहुंच गया। हाथी ने उत्पात मचाते हुए गांव के तीन ग्रामीणों के मकान को तहस नहस कर दिया।
गांव की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से लगवाए गए जाल को भी हाथी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। वन कर्मियों ने गांव का मुआयना कर क्षति का आंकलन किया है।
कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत भवानीपुर गांव घने जंगल के बीच है। बुधवार की रात गांव के लोग 12 बजे के आसपास सो रहे थे, तभी उन्हें हाथी की चिंघाड़ सुनाई दी।
गांव के लोग हांका लगाते हुए घर से निकले लेकिन तब तक टस्कर हाथी ने उत्पात मचाते हुए गांव की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से लगाए गए लोहे के जाल को क्षतिग्रस्त कर दिया।
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गांव में पहुंचकर हाथी ने पुनर्वासी व कांशीराम समेत तीन घरों को तहस नहस कर दिया। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई। घर में रखे अनाज धान, गेहूं, दाल को चौपट कर दिया।
इकट्ठा गांव के लोगों ने गोले पटाखे दगाना शुरू किए। लेकिन हाथी ढाई घंटे बाद जंगल की ओर गया। सुबह सूचना पाकर पहुंचे वन दरोगा अशफाक खान, वनरक्षक कौशल किशोर सिंह, वाचर ओमप्रकाश और सकटू ने घटना की जांच कर पीड़ित को मुआवजा दिलाने की बात कही ।
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गांव की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से लगवाए गए जाल को भी हाथी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। वन कर्मियों ने गांव का मुआयना कर क्षति का आंकलन किया है।
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कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत भवानीपुर गांव घने जंगल के बीच है। बुधवार की रात गांव के लोग 12 बजे के आसपास सो रहे थे, तभी उन्हें हाथी की चिंघाड़ सुनाई दी।
गांव के लोग हांका लगाते हुए घर से निकले लेकिन तब तक टस्कर हाथी ने उत्पात मचाते हुए गांव की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से लगाए गए लोहे के जाल को क्षतिग्रस्त कर दिया।
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गांव में पहुंचकर हाथी ने पुनर्वासी व कांशीराम समेत तीन घरों को तहस नहस कर दिया। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई। घर में रखे अनाज धान, गेहूं, दाल को चौपट कर दिया।
इकट्ठा गांव के लोगों ने गोले पटाखे दगाना शुरू किए। लेकिन हाथी ढाई घंटे बाद जंगल की ओर गया। सुबह सूचना पाकर पहुंचे वन दरोगा अशफाक खान, वनरक्षक कौशल किशोर सिंह, वाचर ओमप्रकाश और सकटू ने घटना की जांच कर पीड़ित को मुआवजा दिलाने की बात कही ।