फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   47 criminals sentenced in the year 2025

Bahraich News: वर्ष 2025 में 47 अपराधियों को सुनाई गई सजा

Tue, 13 Jan 2026 11:50 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
47 criminals sentenced in the year 2025
बहराइच। दुराचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए न्यायपालिका ने वर्ष 2025 में अपराधियों पर जमकर शिकंजा कसा। अभियोजन पक्ष की कड़ी पैरवी के चलते दुष्कर्म, हत्या और अपहरण जैसे जघन्य अपराधों के 47 मामलों में आरोपियों को दोषसिद्ध कर न्यायपालिका ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसे अपराधियों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
विज्ञापन


जिले में मासूमों के साथ बढ़ते अपराधों से आमजन में भय का माहौल था। अपराधी बहन-बेटियों और मासूमों के साथ दुराचार व हत्या जैसे जघन्य अपराध करने से बाज नहीं आ रहे थे। घटनाओं के बाद मामलों के लंबे समय तक लंबित रहने से अपराधियों में कानून का भय भी कम होने लगा था। हालांकि वर्ष 2025 में विशेष न्यायाधीश पाक्सो की अदालत ने वर्ष के आरंभ में ही ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अपना इरादा साफ कर दिया।
विज्ञापन


अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर जनवरी 2025 से अदालत ने लगातार सख्ती दिखाई। हालात यह रहे कि विशेष न्यायाधीश पाक्सो ने मासूमों के साथ दुष्कर्म, अपहरण और हत्या जैसे जघन्य अपराधों के मामलों में नौ आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास तथा दस आरोपियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं अपहरण और छेड़छाड़ जैसे मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 18 आरोपियों को 10 वर्ष तथा 10 आरोपियों को 10 वर्ष से कम अवधि के कारावास की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


जनवरी से शुरू हुआ सजा का सिलसिला

विशेष न्यायाधीश पाक्सो की अदालत ने जनवरी माह में सात आरोपियों को सजा सुनाकर सख्ती का संकेत दे दिया था। इसके बाद मार्च में चार, अप्रैल में एक, मई में सात, जून में छह, जुलाई में सात, अगस्त में तीन, सितंबर में सात, अक्टूबर में दो, नवंबर में एक और दिसंबर में दो आरोपियों को सजा सुनाई गई।



विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) संतोष सिंह ने बताया कि 47 दोषसिद्ध आरोपियों में एक आरोपी ऐसा भी था, जिसने चार से सात वर्ष की उम्र की चार मासूम बच्चियों के साथ घिनौनी हरकत की थी। इस मामले में लगातार गवाहों और साक्ष्यों को डे-बाय-डे कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। परिणामस्वरूप मात्र छह माह के भीतर चारों मामलों में आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाकर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed