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किसानों ने बकाये को लेकर घेरी चीनी मिल
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बहराइच/चित्तौरा। चिलवरिया चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 1.40 करोड़ बकाया है। गुरुवार को परेशान किसानों ने चिलवरिया चीनी मिल के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इससे डेढ़ घंटे तक बहराइच-गोंडा मार्ग पर आवागमन ठप रहा। लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अफरातफरी की स्थिति रही।
काफी संख्या में किसानों ने हाथ में गन्ना लेकर प्रदर्शन करते हुए तीन सालों का बकाया भुगतान देने की आवाज उठायी। मौके पर पहुंची दो थानों की पुलिस ने किसी तरह किसानों को समझाकर शांत किया।
अधिकारियों से वार्ता करवाई। डेढ़ घंटे बाद गोंडा-बहराइच मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका। इस दौरान एंबुलेंस भी फंसी रही। रोगियों को भी जिंदगी से संघर्ष करना पड़ा।
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जिले में गन्ना किसानों का बुरा हाल है। कहने को तो चार चीनी मिलों का संचालन हो रहा है। लेकिन जिले के उत्तरी पूर्वी सीमा पर स्थित सिंभावली शुगरमिल चिलवरिया में गन्ना सप्लाई करने वाले किसान बदहाल हैं।
तीन साल से किसानों का पैसा चीनी मिल में फंसा हुआ है। लगभग साढ़े चार हजार किसान भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। कई बार किसानों ने आवाज उठायी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
इस पर किसानों का सब्र गुरुवार को जवाब दे गया। गुरुवार दोपहर एक बजे के आसपास क्षेत्र के किसान प्रगतिशील कृषक प्रभुदयाल सिंह, बब्बन सिंह, राजेंद्र सिंह और अजय सिंह आदि की अगुवाई में गोंडा-बहराइच मार्ग पर उतर आए।
सभी ने चीनी मिल के गेट पर जाम लगाकर मिल का घेराव करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान बकाया भुगतान करने की आवाज उठा रहे थे। डीएम साहब कुछ भी करो, गन्ने का भुगतान करो के नारे लिखी हुए तख्तियां हाथ में लिए हुए थे।
घेराव के दौरान अगुवाई कर रहे किसानों ने कहा कि वर्ष 2016-17 व 17-18 का भुगतान अब तक लंबित है। इसके अलावा वर्ष 2018-19 में जो भी गन्ना चीनी मिल को किसान बेच रहे हैं। उसका भी भुगतान नहीं किया जा रहा है।
आंदोलित किसानों ने कहा कि सर्वे के सापेक्ष किसानों को पर्ची नहीं दी जा रही है। किसानों के आंदोलन से लगभग डेढ़ घंटे तक गोंडा-बहराइच मार्ग पर आवागमन ठप रहा। दोनों तरफ वाहनों की कतारें लगी रहीं।
किसानों ने हफ्तेभर का दिया अल्टीमेटम
कोतवाली देहात और पयागपुर की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आंदोलित किसानों को समझाकर अधिकारियों से वार्ता करवाई। इसके बाद किसान शंात किए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्ताह भर में उनके गन्ना मूल्य बकाये का भुगतान न किया गया तो सभी पुन: सड़क पर उतरकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे।
विरोध में सड़क पर खड़ी की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
चीनी मिल गेट के ठीक सामने से गुजरने वाले गोंडा-बहराइच मार्ग पर किसानों ने गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां आंड़ी तिरछी खड़ा कर दोपहर में जाम लगाया।
इससे बाइक तक नहीं निकल सकी। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बहराइच से मरीज को लेकर पयागपुर जा रही एंबुलेंस भी डेढ़ घंटे तक जाम में फंसी रही।
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इससे डेढ़ घंटे तक बहराइच-गोंडा मार्ग पर आवागमन ठप रहा। लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अफरातफरी की स्थिति रही।
काफी संख्या में किसानों ने हाथ में गन्ना लेकर प्रदर्शन करते हुए तीन सालों का बकाया भुगतान देने की आवाज उठायी। मौके पर पहुंची दो थानों की पुलिस ने किसी तरह किसानों को समझाकर शांत किया।
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अधिकारियों से वार्ता करवाई। डेढ़ घंटे बाद गोंडा-बहराइच मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका। इस दौरान एंबुलेंस भी फंसी रही। रोगियों को भी जिंदगी से संघर्ष करना पड़ा।
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जिले में गन्ना किसानों का बुरा हाल है। कहने को तो चार चीनी मिलों का संचालन हो रहा है। लेकिन जिले के उत्तरी पूर्वी सीमा पर स्थित सिंभावली शुगरमिल चिलवरिया में गन्ना सप्लाई करने वाले किसान बदहाल हैं।
तीन साल से किसानों का पैसा चीनी मिल में फंसा हुआ है। लगभग साढ़े चार हजार किसान भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। कई बार किसानों ने आवाज उठायी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
इस पर किसानों का सब्र गुरुवार को जवाब दे गया। गुरुवार दोपहर एक बजे के आसपास क्षेत्र के किसान प्रगतिशील कृषक प्रभुदयाल सिंह, बब्बन सिंह, राजेंद्र सिंह और अजय सिंह आदि की अगुवाई में गोंडा-बहराइच मार्ग पर उतर आए।
सभी ने चीनी मिल के गेट पर जाम लगाकर मिल का घेराव करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान बकाया भुगतान करने की आवाज उठा रहे थे। डीएम साहब कुछ भी करो, गन्ने का भुगतान करो के नारे लिखी हुए तख्तियां हाथ में लिए हुए थे।
घेराव के दौरान अगुवाई कर रहे किसानों ने कहा कि वर्ष 2016-17 व 17-18 का भुगतान अब तक लंबित है। इसके अलावा वर्ष 2018-19 में जो भी गन्ना चीनी मिल को किसान बेच रहे हैं। उसका भी भुगतान नहीं किया जा रहा है।
आंदोलित किसानों ने कहा कि सर्वे के सापेक्ष किसानों को पर्ची नहीं दी जा रही है। किसानों के आंदोलन से लगभग डेढ़ घंटे तक गोंडा-बहराइच मार्ग पर आवागमन ठप रहा। दोनों तरफ वाहनों की कतारें लगी रहीं।
किसानों ने हफ्तेभर का दिया अल्टीमेटम
कोतवाली देहात और पयागपुर की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आंदोलित किसानों को समझाकर अधिकारियों से वार्ता करवाई। इसके बाद किसान शंात किए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्ताह भर में उनके गन्ना मूल्य बकाये का भुगतान न किया गया तो सभी पुन: सड़क पर उतरकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे।
विरोध में सड़क पर खड़ी की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
चीनी मिल गेट के ठीक सामने से गुजरने वाले गोंडा-बहराइच मार्ग पर किसानों ने गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां आंड़ी तिरछी खड़ा कर दोपहर में जाम लगाया।
इससे बाइक तक नहीं निकल सकी। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बहराइच से मरीज को लेकर पयागपुर जा रही एंबुलेंस भी डेढ़ घंटे तक जाम में फंसी रही।