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डेंगू से बच्चे की मौत
Updated Thu, 27 Sep 2018 10:16 PM IST
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बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट जंगल से सटे विशुनापुर थारू बाहुल्य इलाके में डेंगू से एक बालक की मौत हो गई। क्षेत्र में बुखार फैला हुआ है। कई लोग बीमार है। सूचना के बावजूद स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी या कर्मचारी गांव नहीं पहुंचे हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के जंगल से सटे इलाके में इस समय बुखार का प्रकोप है। कोई ऐसा गांव नहीं है, जहां लोग बीमार न हों। सप्ताह भर पूर्व सुजौली में एक बालिका की डेंगू से मौत हो गई थी।
लेकिन मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। क्षेत्र के थारू बाहुल्य विशुनापुर गांव निवासी संतोष का चार वर्षीय पुत्र शीनू बीते सप्ताह भर से बुखार की चपेट में था।
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स्थानीय डॉक्टरों से संतोष ने इलाज कराया। बाद में लखीमपुर ले जाकर सरकारी डॉक्टरों को दिखाया तो उसके डेंगू पीड़ित होने का पता चला। बुधवार रात इलाज के दौरान शीनू की हालत बिगड़ गई।
जब तक घर से उसे अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की जाती, तब तक शीनू ने दम तोड़ दिया। संतोष ने बताया कि गांव में लगभग आधा दर्जन बच्चे व कई बड़े बुखार की चपेट में हैं।
इसके अलावा रमपुरवा, फकीरपुरी, मटेही क्षेत्र में भी लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्थानीय अस्पतालों में समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। सभी को झोलाछाप डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ रही है।
बुखार फैलने की जानकारी नहीं थी : सीएमओ
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय ने बताया कि थारू बाहुल्य गांव में बुुुखार फैलने की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है। चिकित्सकों की टीम गांव भेजी जा रही है। परीक्षण कर रोगियों का इलाज किया जाएगा।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के जंगल से सटे इलाके में इस समय बुखार का प्रकोप है। कोई ऐसा गांव नहीं है, जहां लोग बीमार न हों। सप्ताह भर पूर्व सुजौली में एक बालिका की डेंगू से मौत हो गई थी।
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लेकिन मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। क्षेत्र के थारू बाहुल्य विशुनापुर गांव निवासी संतोष का चार वर्षीय पुत्र शीनू बीते सप्ताह भर से बुखार की चपेट में था।
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स्थानीय डॉक्टरों से संतोष ने इलाज कराया। बाद में लखीमपुर ले जाकर सरकारी डॉक्टरों को दिखाया तो उसके डेंगू पीड़ित होने का पता चला। बुधवार रात इलाज के दौरान शीनू की हालत बिगड़ गई।
जब तक घर से उसे अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की जाती, तब तक शीनू ने दम तोड़ दिया। संतोष ने बताया कि गांव में लगभग आधा दर्जन बच्चे व कई बड़े बुखार की चपेट में हैं।
इसके अलावा रमपुरवा, फकीरपुरी, मटेही क्षेत्र में भी लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्थानीय अस्पतालों में समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। सभी को झोलाछाप डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ रही है।
बुखार फैलने की जानकारी नहीं थी : सीएमओ
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय ने बताया कि थारू बाहुल्य गांव में बुुुखार फैलने की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है। चिकित्सकों की टीम गांव भेजी जा रही है। परीक्षण कर रोगियों का इलाज किया जाएगा।