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रात भर सुनाई पड़ती रही बाघ की दहाड़
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:32 PM IST
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बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट गांव में बुधवार को दिन में उछलकूद करने वाला बाघ रात में भी गांव के पास जमा रहा। रह-रह कर उसकी दहाड़ सुनाई पड़ती रही। गांव के लोग दहशत के कारण सो नहीं सके। हांका लगाया गया। इस दौरान वनकर्मियों ने पटाखे दागे।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र अंतर्गत कतर्नियाघाट गांव गेरुआ पार स्थित है। गांव में बुधवार दोपहर में जंगल से निकलकर एक बाघ ने एक घंटे तक उछलकूद की। संयोग से किसी पर बाघ ने हमला नहीं किया। लेकिन दिन में बाघ के उत्पात को देखते हुए ग्रामीण दहशत में रहे।
गांव निवासी राजेंद्र और बनवारी ने बताया कि रात नौ बजे से फिर बाघ की दहाड़ रह-रह कर सुनाई पड़ने लगी। ऐसे में पुन: बाघ के गांव में आने का खतरा था। कुछ दूरी पर स्थित एसएसबी कैंप के लोगों ने भी हांका लगाकर पटाखे दागे। गश्त कर रहे वनकर्मियों ने भी रात में कई चक्र पटाखा दागकर गांव को सुरक्षित करने की कोशिश की।
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भोर में तीन बजे के आसपास जब बाघ की दहाड़ थमी, तब लोगों ने राहत की सांस ली। डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि वनकर्मी निरंतर गश्त कर रहे हैं। चारों तरफ घना जंगल है। ऐसे में ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बाघ की दहाड़ पर भागे कुत्ते
बाघ जब बुधवार दोपहर गांव की गलियों से छलांग लगा रहा था, तभी बाघ को देखकर कुत्तों ने भौंकना शुरू किया। गांव निवासी राजेंद्र ने बताया कि तीन कुत्तों ने भौंक कर बाघ का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन बाघ के दहाड़ने पर कुत्ते दुम दबाकर भाग खड़े हुए। उन्होंने कहा कि वे झरोखे से नजारा देख रहे थे।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र अंतर्गत कतर्नियाघाट गांव गेरुआ पार स्थित है। गांव में बुधवार दोपहर में जंगल से निकलकर एक बाघ ने एक घंटे तक उछलकूद की। संयोग से किसी पर बाघ ने हमला नहीं किया। लेकिन दिन में बाघ के उत्पात को देखते हुए ग्रामीण दहशत में रहे।
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गांव निवासी राजेंद्र और बनवारी ने बताया कि रात नौ बजे से फिर बाघ की दहाड़ रह-रह कर सुनाई पड़ने लगी। ऐसे में पुन: बाघ के गांव में आने का खतरा था। कुछ दूरी पर स्थित एसएसबी कैंप के लोगों ने भी हांका लगाकर पटाखे दागे। गश्त कर रहे वनकर्मियों ने भी रात में कई चक्र पटाखा दागकर गांव को सुरक्षित करने की कोशिश की।
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भोर में तीन बजे के आसपास जब बाघ की दहाड़ थमी, तब लोगों ने राहत की सांस ली। डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि वनकर्मी निरंतर गश्त कर रहे हैं। चारों तरफ घना जंगल है। ऐसे में ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बाघ की दहाड़ पर भागे कुत्ते
बाघ जब बुधवार दोपहर गांव की गलियों से छलांग लगा रहा था, तभी बाघ को देखकर कुत्तों ने भौंकना शुरू किया। गांव निवासी राजेंद्र ने बताया कि तीन कुत्तों ने भौंक कर बाघ का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन बाघ के दहाड़ने पर कुत्ते दुम दबाकर भाग खड़े हुए। उन्होंने कहा कि वे झरोखे से नजारा देख रहे थे।