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डीजल न मिलने से एंबुलेंस सेवाएं ठप, मरीज बेहाल
Updated Wed, 09 Aug 2017 10:15 PM IST
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बहराइच। जिले में 102 व 108 एंबुलेंस सेवा को शासन द्वारा डीजल का बजट नहीं भेजा गया है। इससे एंबुलेंस सेवाएं ठप हो गई हैं। मरीजों को कॉल के बाद भी एंबुलेंस सेवाएं नहीं मिल रही हैं। सभी प्राइवेट वाहनों से अपने मरीजों को जिला अस्पताल व सीएचसी पर ले जाने को मजबूर हैं। लगभग 20 दिन से एंबुलेंस सेवाएं ठप होने से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। मरीजों व उनके तीमारदारों में हाहाकार मचा हुआ है। लेकिन जिले के जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने 108 व 102 एंबुलेंस सेवा मरीजों की बेहतरी के लिए लागू किया था। इस सेवा की लोगों ने बढ़ाई भी की थी। इसके लिए 108 की 23 एंबुलेंस तथा 102 एंबुलेंस के 41 वाहन जिले को मिले थे। लेकिन यही सेवा अब मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए नासूर बनता जा रहा है। शासन ने जिले में संचालित एंबुलेंस सेवा को लगभग 20 दिन से डीजल का भुगतान ही नहीं किया है। जिससे एंबुलेंस वाहनों के की सेवाएं ठप हो गई हैं। जिससे सीएचसी पर मरीजों व प्रसूता महिलाओं लाने और ले जाने की सुविधाएं प्रभावित हैं। हालात यह हैं कि अब गंभीर अवस्था में घायल मरीजों को कॉल के बाद भी एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे परेशान परिवारीजन घायलों को प्राईवेट वाहनों से जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एंबुलेंस सेवा में घोटाले को लेकर शासन ने डीजल का बजट रोक दिया है। जिससे वाहनोें का संचालन नहीं हो पा रहा है।
शासन व एनएचएम के एमडी को लिखा पत्र
एंबुलेंस सेवा को डीजल देने की जिम्मेदारी शासन स्तर है। उनका कोई रोल नहीं है। जिले के कुछ क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवाएं ठप हैं। इसकी जानकारी मिली है। इसके लिए शासन के साथ एनएचएम के उपनिदेशक आलोक कुमार को दो बार पत्र लिखा गया है। मंगलवार को भी पत्र लिखा गया है। शासन से बजट मिलने पर ही सेवाएं बहाल हो सकती हैं। मरीजों को परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। -डॉ. अरुण पांडेय सीएमओ
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40 फीसदी सेवाएं हैं प्रभावित
शासन द्वारा एंबुलेंस की 102 व 108 सेवा को डीजल नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण 64 एंबुलेंस में से लगभग आधे से कम एंबुलेंसों की सेवाएं प्रभावित हैं। जो मरीज काल करते हैं, उन्हें एंबुलेंस जरूर उपलब्ध कराया गया है। डीजल के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
संजय कुमार विश्वकर्मा प्रभारी 108 एंबुलेंस सेवा
पयागपुर में एक घंटा इंतजार के बाद से भेजा गया घायल
पयागपुर में बुधवार सुबह इंदिरापुर निवासी साइकिल सवार शेष कुमार व ठाकुराइनपुरवा निवासी बाबूराम की बाइक में भिड़ंत हो गई थी। दोनों व्यक्ति लहूलुहान हालत में थे। उन्हें आसपास के लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर पहुंचाया। यहां पर शेषकुमार की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोगों ने एंबुलेंस के लिए डायल किया तो पता चला कि एंबुलेंस का संचालन नहीं हो रहा है। इस दौरान एंबुलेंस कंट्रोल रूम द्वारा एक एंबुलेंस संचालन की बात बताई गई। लेकिन वह एंबुलेंस भी मौके पर नहीं मिली। अधिकारी टाल मटोल करते रहे। ऐसे में निजी जीप से घायल को जिला अस्पताल भेजा गया।
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प्रदेश सरकार ने 108 व 102 एंबुलेंस सेवा मरीजों की बेहतरी के लिए लागू किया था। इस सेवा की लोगों ने बढ़ाई भी की थी। इसके लिए 108 की 23 एंबुलेंस तथा 102 एंबुलेंस के 41 वाहन जिले को मिले थे। लेकिन यही सेवा अब मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए नासूर बनता जा रहा है। शासन ने जिले में संचालित एंबुलेंस सेवा को लगभग 20 दिन से डीजल का भुगतान ही नहीं किया है। जिससे एंबुलेंस वाहनों के की सेवाएं ठप हो गई हैं। जिससे सीएचसी पर मरीजों व प्रसूता महिलाओं लाने और ले जाने की सुविधाएं प्रभावित हैं। हालात यह हैं कि अब गंभीर अवस्था में घायल मरीजों को कॉल के बाद भी एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे परेशान परिवारीजन घायलों को प्राईवेट वाहनों से जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एंबुलेंस सेवा में घोटाले को लेकर शासन ने डीजल का बजट रोक दिया है। जिससे वाहनोें का संचालन नहीं हो पा रहा है।
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शासन व एनएचएम के एमडी को लिखा पत्र
एंबुलेंस सेवा को डीजल देने की जिम्मेदारी शासन स्तर है। उनका कोई रोल नहीं है। जिले के कुछ क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवाएं ठप हैं। इसकी जानकारी मिली है। इसके लिए शासन के साथ एनएचएम के उपनिदेशक आलोक कुमार को दो बार पत्र लिखा गया है। मंगलवार को भी पत्र लिखा गया है। शासन से बजट मिलने पर ही सेवाएं बहाल हो सकती हैं। मरीजों को परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। -डॉ. अरुण पांडेय सीएमओ
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40 फीसदी सेवाएं हैं प्रभावित
शासन द्वारा एंबुलेंस की 102 व 108 सेवा को डीजल नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण 64 एंबुलेंस में से लगभग आधे से कम एंबुलेंसों की सेवाएं प्रभावित हैं। जो मरीज काल करते हैं, उन्हें एंबुलेंस जरूर उपलब्ध कराया गया है। डीजल के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
संजय कुमार विश्वकर्मा प्रभारी 108 एंबुलेंस सेवा
पयागपुर में एक घंटा इंतजार के बाद से भेजा गया घायल
पयागपुर में बुधवार सुबह इंदिरापुर निवासी साइकिल सवार शेष कुमार व ठाकुराइनपुरवा निवासी बाबूराम की बाइक में भिड़ंत हो गई थी। दोनों व्यक्ति लहूलुहान हालत में थे। उन्हें आसपास के लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर पहुंचाया। यहां पर शेषकुमार की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोगों ने एंबुलेंस के लिए डायल किया तो पता चला कि एंबुलेंस का संचालन नहीं हो रहा है। इस दौरान एंबुलेंस कंट्रोल रूम द्वारा एक एंबुलेंस संचालन की बात बताई गई। लेकिन वह एंबुलेंस भी मौके पर नहीं मिली। अधिकारी टाल मटोल करते रहे। ऐसे में निजी जीप से घायल को जिला अस्पताल भेजा गया।