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Bahraich News: एकलव्य विद्यालय के 12 बच्चों को फूड पॉइजनिंग, एक गंभीर
Thu, 02 Apr 2026 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:43 AM IST
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एकलव्य आवासीय विद्यालय में जांच करने पहुंची चिकित्सकों की टीम। -स्रोत : विभाग
बहराइच/मिहींपुरवा। एकलव्य आवासीय विद्यालय बोझिया में फूड पॉइजनिंग से मंगलवार देर रात 12 बच्चे बीमार हो गए। सभी को बुधवार सुबह सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया गया। एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम ने शाम को विद्यालय पहुंचकर सभी का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया।
समाज कल्याण विभाग की देखरेख में संचालित विद्यालय में प्रतिदिन की तरह रात में भोजन करने के बाद छात्र-छात्राएं सोने चले गए थे। कुछ देर बाद दो-तीन बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। इस पर स्वास्थ्य अधिकारी महिमा वर्मा ने उन्हें दवाएं दीं, लेकिन थोड़ी ही देर में बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 12 हो गई।
दवा देने के बावजूद बच्चों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। रात किसी तरह बीती और सुबह सभी बच्चों को विद्यालय स्टाफ की मदद से मोतीपुर स्थित सीएचसी में भर्ती कराया गया।
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सीएचसी में डॉ. अरविंद कटियार, हीरालाल और डॉ. अरशद सिद्दीकी ने सभी छात्र-छात्राओं का उपचार किया। हालत में सुधार होने पर दोपहर में ज्यादातर बच्चों को विद्यालय भेज दिया गया, जबकि एक छात्रा की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे भर्ती रखा गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य उपेंद्र तिवारी ने बताया कि ज्यादातर बच्चे अब स्वस्थ हैं, एक छात्रा का उपचार जारी है।
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60 बच्चों का परीक्षण, नमूने जांच के लिए भेजे गए
मिहींपुरवा सीएचसी के चिकित्सक डॉ. आनंद ने बताया कि चिकित्सकों की टीम ने बुधवार देर शाम विद्यालय पहुंचकर करीब 60 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इनमें से 22 बच्चों में मिचली और पेट दर्द की शिकायत मिली, जिन्हें दवा दी गई। इसके अलावा विद्यालय के पानी और भोजन के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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करवाई जा रही है मामले की जांच
समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पांडेय ने बताया कि एकलव्य आवासीय विद्यालय बोझिया में फूड पॉइजनिंग के मामले का पता चला है। डाक्टरों की टीम ने स्कूल पहुंचकर सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। अब सभी की हालत खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि बच्चे कैसे बीमार हुए, इस मामले की जांच ईएमआरएस कमेटी गठित कर उसके माध्यम से करवाई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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समाज कल्याण विभाग की देखरेख में संचालित विद्यालय में प्रतिदिन की तरह रात में भोजन करने के बाद छात्र-छात्राएं सोने चले गए थे। कुछ देर बाद दो-तीन बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। इस पर स्वास्थ्य अधिकारी महिमा वर्मा ने उन्हें दवाएं दीं, लेकिन थोड़ी ही देर में बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 12 हो गई।
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दवा देने के बावजूद बच्चों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। रात किसी तरह बीती और सुबह सभी बच्चों को विद्यालय स्टाफ की मदद से मोतीपुर स्थित सीएचसी में भर्ती कराया गया।
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सीएचसी में डॉ. अरविंद कटियार, हीरालाल और डॉ. अरशद सिद्दीकी ने सभी छात्र-छात्राओं का उपचार किया। हालत में सुधार होने पर दोपहर में ज्यादातर बच्चों को विद्यालय भेज दिया गया, जबकि एक छात्रा की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे भर्ती रखा गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य उपेंद्र तिवारी ने बताया कि ज्यादातर बच्चे अब स्वस्थ हैं, एक छात्रा का उपचार जारी है।
60 बच्चों का परीक्षण, नमूने जांच के लिए भेजे गए
मिहींपुरवा सीएचसी के चिकित्सक डॉ. आनंद ने बताया कि चिकित्सकों की टीम ने बुधवार देर शाम विद्यालय पहुंचकर करीब 60 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इनमें से 22 बच्चों में मिचली और पेट दर्द की शिकायत मिली, जिन्हें दवा दी गई। इसके अलावा विद्यालय के पानी और भोजन के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करवाई जा रही है मामले की जांच
समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पांडेय ने बताया कि एकलव्य आवासीय विद्यालय बोझिया में फूड पॉइजनिंग के मामले का पता चला है। डाक्टरों की टीम ने स्कूल पहुंचकर सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। अब सभी की हालत खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि बच्चे कैसे बीमार हुए, इस मामले की जांच ईएमआरएस कमेटी गठित कर उसके माध्यम से करवाई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।