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ग्रामीणों ने एक ट्रक कोटे का खाद्यान्न पुलिस को सौंपा
Updated Thu, 29 Jun 2017 01:47 AM IST
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ग्रामीणों ने गेहूं लदा ट्रक पुलिस को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
उर्रा (बहराइच)। पृथ्वीपुरवा हरखापुर गांव में पूर्व कोटेदार के गोदाम से रात में ट्रक पर लोड करके बाजार भेजा जा रहा 300 बोरी गेहूं ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व कोटेदार हेराफेरी करके सरकारी राशन की उठान करके बाजार में बेच रहा है। मगर आपूर्ति निरीक्षक ने ट्रक पर लोड गेहूं को किसानों का बताकर पूर्व कोटेदार को क्लीनचिट दे दी। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। हालांकि, एसडीएम ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत हरखापुर गांव निवासी दिव्येश गुप्ता कोटेदार थे। तीन माह पूर्व राशन वितरण में अनियमितता के चलते उनका कोटा निलंबित हो गया था। ग्रामीणों का कहना है कि कोटा निलंबन के बावजूद दिव्येश ने हेराफेरी करके बीते माह का राशन गोदाम से उठा लिया और वितरण भी नहीं किया। उसी गेहूं को रात में ट्रक पर लदवाकर बाजार भेजने की तैयारी थी। मगर ग्रामीणों ने रास्ते में ही ट्रक रुकवाकर कोतवाली में सूचना दे दी। प्रभारी निरीक्षक राजेश यादव ने मौके पर पहुंचकर गेहूं लदे ट्रक को कब्जे में ले लिया और इसकी सूचना एसडीएम मोतीपुर कुंवर वीरेंद्र मौर्या को दी। बुधवार सुबह एसडीएम ने कोतवाली जाकर ट्रक पर लदे गेहूं का मुआयना किया। इसके बाद क्षेत्रीय आपूर्ति निरीक्षक हरीश कुमार साहनी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। आपूर्ति निरीक्षक ने दोपहर बाद जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी। इसमें कहा कि, ट्रक पर एक भी सरकारी बोरी नहीं लदी है। ऐसे में गेहूं सरकारी होने की पुष्टि नहीं हो रही है। गौरतलब हो कि ट्रक पर लगभग 300 बोरी गेहूं लदा था। एसडीएम का कहना है कि ट्रक अभी कब्जे में है। सघन जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
वहीं, डीएसओ राकेश कुमार ने मामले की जानकारी से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि, मोतीपुर के आपूर्ति निरीक्षक हरीश कुमार साहनी से बात करेंगे। फिर कार्रवाई कराएंगे।
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बोरी बदलकर बाजार में बेचते सरकारी राशन
गोदाम से अनाज की उठान के बाद हेराफेरी करने वाले कोटेदार सरकारी बोरियों से अनाज निकालकर उसे दूसरी बोरियों में भरवा देते हैं। इसके बाद सरकारी अनाज आसानी से बाजार में पहुंच जाता है। जांच में भी पुष्टि नहीं हो पाती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
उर्रा (बहराइच)। पृथ्वीपुरवा हरखापुर गांव में पूर्व कोटेदार के गोदाम से रात में ट्रक पर लोड करके बाजार भेजा जा रहा 300 बोरी गेहूं ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व कोटेदार हेराफेरी करके सरकारी राशन की उठान करके बाजार में बेच रहा है। मगर आपूर्ति निरीक्षक ने ट्रक पर लोड गेहूं को किसानों का बताकर पूर्व कोटेदार को क्लीनचिट दे दी। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। हालांकि, एसडीएम ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत हरखापुर गांव निवासी दिव्येश गुप्ता कोटेदार थे। तीन माह पूर्व राशन वितरण में अनियमितता के चलते उनका कोटा निलंबित हो गया था। ग्रामीणों का कहना है कि कोटा निलंबन के बावजूद दिव्येश ने हेराफेरी करके बीते माह का राशन गोदाम से उठा लिया और वितरण भी नहीं किया। उसी गेहूं को रात में ट्रक पर लदवाकर बाजार भेजने की तैयारी थी। मगर ग्रामीणों ने रास्ते में ही ट्रक रुकवाकर कोतवाली में सूचना दे दी। प्रभारी निरीक्षक राजेश यादव ने मौके पर पहुंचकर गेहूं लदे ट्रक को कब्जे में ले लिया और इसकी सूचना एसडीएम मोतीपुर कुंवर वीरेंद्र मौर्या को दी। बुधवार सुबह एसडीएम ने कोतवाली जाकर ट्रक पर लदे गेहूं का मुआयना किया। इसके बाद क्षेत्रीय आपूर्ति निरीक्षक हरीश कुमार साहनी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। आपूर्ति निरीक्षक ने दोपहर बाद जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी। इसमें कहा कि, ट्रक पर एक भी सरकारी बोरी नहीं लदी है। ऐसे में गेहूं सरकारी होने की पुष्टि नहीं हो रही है। गौरतलब हो कि ट्रक पर लगभग 300 बोरी गेहूं लदा था। एसडीएम का कहना है कि ट्रक अभी कब्जे में है। सघन जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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वहीं, डीएसओ राकेश कुमार ने मामले की जानकारी से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि, मोतीपुर के आपूर्ति निरीक्षक हरीश कुमार साहनी से बात करेंगे। फिर कार्रवाई कराएंगे।
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बोरी बदलकर बाजार में बेचते सरकारी राशन
गोदाम से अनाज की उठान के बाद हेराफेरी करने वाले कोटेदार सरकारी बोरियों से अनाज निकालकर उसे दूसरी बोरियों में भरवा देते हैं। इसके बाद सरकारी अनाज आसानी से बाजार में पहुंच जाता है। जांच में भी पुष्टि नहीं हो पाती है।