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नेपाली हाथियों ने 20 बीघा फसल रौंदी
Updated Wed, 26 Sep 2018 10:16 PM IST
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सुजौली (बहराइच)। निशानगाड़ा रेंज में धान के खेत में मंगलवार रात नेपाली हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाते हुए 20 बीघा फसल रौंद दी। ग्रामीणों के शोर मचाने के बावजूद हाथी खेत में ही डटे रहे। दो घंटे बाद जंगल की ओर गए। पूरी फसल बर्बाद हो गई। सूचना के बाद भी वनकर्मियों के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज से सटे गांवों के आसपास इन दिनों नेपाल से आए हाथियों के झुंड का उत्पात अचानक बढ़ गया है। मंगलवार रात नेपाली हाथियों ने रमपुरवा फकीरपुरी गांव निवासी मोतीराम, कल्लू, भागीराम, पप्पू, शिवराम समेत आठ किसानों की 20 बीघा धान की फसल को रौंद दिया।
दो दिन पूर्व हुई वर्षा के कारण खेत नम था। इसके कारण फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि हाथियों की चिंघाड़ सुनकर रात में नींद खुली। सभी ने मशाल जलाकर ढोल और पीपा पीटना शुरू किया। लेकिन हाथी दो घंटे तक खेत में जमे रहे।
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परेशान किसानों का कहना है कि खेती की लागत निकलना भी मुश्किल हो गई है। दो दिन पूर्व भी हाथियों ने जंगल क्षेत्र से सटे गांवों के किसानों की फसल रौंद दी थी।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज से सटे गांवों के आसपास इन दिनों नेपाल से आए हाथियों के झुंड का उत्पात अचानक बढ़ गया है। मंगलवार रात नेपाली हाथियों ने रमपुरवा फकीरपुरी गांव निवासी मोतीराम, कल्लू, भागीराम, पप्पू, शिवराम समेत आठ किसानों की 20 बीघा धान की फसल को रौंद दिया।
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दो दिन पूर्व हुई वर्षा के कारण खेत नम था। इसके कारण फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि हाथियों की चिंघाड़ सुनकर रात में नींद खुली। सभी ने मशाल जलाकर ढोल और पीपा पीटना शुरू किया। लेकिन हाथी दो घंटे तक खेत में जमे रहे।
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परेशान किसानों का कहना है कि खेती की लागत निकलना भी मुश्किल हो गई है। दो दिन पूर्व भी हाथियों ने जंगल क्षेत्र से सटे गांवों के किसानों की फसल रौंद दी थी।