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अमीनगर सराय के युवा वैज्ञानिक को अमेरिका में मिलेगा सम्मान
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युवा वैज्ञानिक नीलेश पाण्डेय
- फोटो : BAGHPAT
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय (बागपत)। कस्बा निवासी युवा वैज्ञानिक नीलेश पांडेय को सेमी कंडक्टर पर शोध करने पर न्यूयार्क स्थित आईईईई इलेक्ट्रॉन डिवाइसेज सोसाइटी में छात्र फैलोशिप से सम्मानित किया जाएगा। जिसकी जानकारी होते ही खुशी की लहर दौड़ गई।
आईआईटी कानपुर के इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट के नीलेश पांडेय काफी समय से सेमी कंडक्टर मेमोरी पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने पीएचडी के अपने पहले वर्ष के दौरान आईईईईटी-ईडी (इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर ट्रांजेक्शन ऑन इलेक्ट्रॉन डिवाइसेज) में पहला पेपर प्रकाशित किया था। इसके बाद आईईईई-ईडी और आईईईई-ईडी एल जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में अब तक दस से अधिक शोध प्रकाशित हो चुके हैं। इससे पूर्व 2018 में उन्हें भारत सरकार ने प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री अनुसंधान फैलोशिप अवार्ड से सम्मानित किया था और 2019 मे आईईईई-ईडी एस मास्टर्स फैलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है।
नीलेश पांडेय ने बताया कि दिसंबर में अमेरिका के कैलिफोर्निया में उनको सम्मानित किया जाएगा। जहां प्रशस्ति पत्र के साथ पांच हजार डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए दुनिया के तीन वैज्ञानिक चुने गए हैं। जिनमें भारत की तरफ से सम्मान हासिल करने वाले पहले वैज्ञानिक बनेंगे।
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सरस्वती शिशु मंदिर में हासिल की प्रारंभिक शिक्षा
कस्बे के युवा वैज्ञानिक नीलेश पांडेय की प्रारम्भिक शिक्षा कस्बे के सरस्वती शिशु मंदिर से हुई। उसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र से बीटेक, आईआईटी कानपुर से पीएचडी़ की।
ऐसे काम करेगा सेमीकंडक्टर मेमोरी
फोन पर हुई बातचीत में युवा वैज्ञानिक नीलेश पांडेय ने बताया कि वह मेमोरी सिस्टम पर शोध कर रहे हैं। जिससे आने वाले समय में कंप्यूटर या मोबाइल जैसे डिवाइस में मेमोरी की क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा और स्पीड भी बढ़ जाएगी। इसके साथ ही कंप्यूटर या फोन में डाटा लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
बड़े भाई प्रोफेसर, पिता फार्मेसिस्ट
नीलेश पांडेय मूल रूप से बस्ती जिले के रहने वाले हैं। उजनके पिता जगन्नाथ पांडेय कस्बे के आयुर्वेदिक अस्पताल में फार्मेसिस्ट पद पर तैनात रहे। उनके बड़े भाई अखिलेश पांडेय मेरठ के एक निजी कॉलेज में प्रोफ़ेसर हैं।
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अमीनगर सराय (बागपत)। कस्बा निवासी युवा वैज्ञानिक नीलेश पांडेय को सेमी कंडक्टर पर शोध करने पर न्यूयार्क स्थित आईईईई इलेक्ट्रॉन डिवाइसेज सोसाइटी में छात्र फैलोशिप से सम्मानित किया जाएगा। जिसकी जानकारी होते ही खुशी की लहर दौड़ गई।
आईआईटी कानपुर के इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट के नीलेश पांडेय काफी समय से सेमी कंडक्टर मेमोरी पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने पीएचडी के अपने पहले वर्ष के दौरान आईईईईटी-ईडी (इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर ट्रांजेक्शन ऑन इलेक्ट्रॉन डिवाइसेज) में पहला पेपर प्रकाशित किया था। इसके बाद आईईईई-ईडी और आईईईई-ईडी एल जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में अब तक दस से अधिक शोध प्रकाशित हो चुके हैं। इससे पूर्व 2018 में उन्हें भारत सरकार ने प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री अनुसंधान फैलोशिप अवार्ड से सम्मानित किया था और 2019 मे आईईईई-ईडी एस मास्टर्स फैलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है।
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नीलेश पांडेय ने बताया कि दिसंबर में अमेरिका के कैलिफोर्निया में उनको सम्मानित किया जाएगा। जहां प्रशस्ति पत्र के साथ पांच हजार डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए दुनिया के तीन वैज्ञानिक चुने गए हैं। जिनमें भारत की तरफ से सम्मान हासिल करने वाले पहले वैज्ञानिक बनेंगे।
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सरस्वती शिशु मंदिर में हासिल की प्रारंभिक शिक्षा
कस्बे के युवा वैज्ञानिक नीलेश पांडेय की प्रारम्भिक शिक्षा कस्बे के सरस्वती शिशु मंदिर से हुई। उसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र से बीटेक, आईआईटी कानपुर से पीएचडी़ की।
ऐसे काम करेगा सेमीकंडक्टर मेमोरी
फोन पर हुई बातचीत में युवा वैज्ञानिक नीलेश पांडेय ने बताया कि वह मेमोरी सिस्टम पर शोध कर रहे हैं। जिससे आने वाले समय में कंप्यूटर या मोबाइल जैसे डिवाइस में मेमोरी की क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा और स्पीड भी बढ़ जाएगी। इसके साथ ही कंप्यूटर या फोन में डाटा लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
बड़े भाई प्रोफेसर, पिता फार्मेसिस्ट
नीलेश पांडेय मूल रूप से बस्ती जिले के रहने वाले हैं। उजनके पिता जगन्नाथ पांडेय कस्बे के आयुर्वेदिक अस्पताल में फार्मेसिस्ट पद पर तैनात रहे। उनके बड़े भाई अखिलेश पांडेय मेरठ के एक निजी कॉलेज में प्रोफ़ेसर हैं।