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बेटी की शादी की चिंता तो किसी को कर्ज वसूली का डर
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बागपत। कृषि विभाग के मुताबिक एक सप्ताह में दो बार हुई बारिश और ओलावृष्टि में करीब 40 फीसदी फसलें को नुकसान हुआ है। कुदरत की इस मार से किसानों की कमर पूरी तरह से टूट गई है। ऐसे में किसी को अपनी बेटी की शादी करने की और किसी को बैंक का कर्ज अदा करने के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा।
छह व सात मार्च को हुई बरसात मेें जहां किसानों का 20 फीसदी नुकसान हुआ था, वहीं इसी सप्ताह में दो बार हुई बारिश व ओलावृष्टि किसानों की लगभग 40 से 50 प्रतिशत से अधिक फसल बर्बाद हो चुकी है। जनपद के सरूरपुर, घिटौरा, खेकड़ा, चांदीनगर, बिनौली, बड़ौत, बिजरौल, बामनौली, फखरपुर, रटौल सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं। स्थिति यह है कि किसानों की जमा पूंजी तक खत्म हो चुकी है। किसी ने बैंक से कर्ज लेकर फसल बुआई की थी तो किसी ने साहूकार से ब्याज पर रकम लेकर। ये किसान फसल बेचकर कर्ज अदा करने के ख्वाब देख रहे थे, जो चूर-चूर हो गया।
ये कहते है किसान
सरूरपुर गांव के किसान सुभाष नैन बताते हैं कि दस बीघे गेहूं व दो बीघे सरसों बोई थी। शुक्रवार व शनिवार की रात हुई बरसात व ओलावृष्टि से छह बीघे गेहूं और एक बीघे सरसों की फसल जमीन पर गिर गई। लगभग 50 प्रतिशत फसल जमीन पर गिरने से बर्बाद हो गई। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की। उधर, इसी गांव के किसान इंद्रपाल का कहना है कि मात्र पांच बीघे गेहूं की फसल थी, बरसात व ओलावृष्टि से पूरी फसल बर्बाद हो गई।
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बरसात और ओलावृष्टि से सरसों की जो फसल पक गई है, उसमें थोड़ा बहुत नुकसान है। छपरौली ब्लाक में दो या तीन गांव सहित कई ग्राम पंचायतों में थोड़ा बहुत नुकसान हुआ है। सर्वे कराया गया था, जिसमें कुल दो से तीन प्रतिशत ही नुकसान का अनुमान है। - डॉ. सूर्यप्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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छह व सात मार्च को हुई बरसात मेें जहां किसानों का 20 फीसदी नुकसान हुआ था, वहीं इसी सप्ताह में दो बार हुई बारिश व ओलावृष्टि किसानों की लगभग 40 से 50 प्रतिशत से अधिक फसल बर्बाद हो चुकी है। जनपद के सरूरपुर, घिटौरा, खेकड़ा, चांदीनगर, बिनौली, बड़ौत, बिजरौल, बामनौली, फखरपुर, रटौल सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं। स्थिति यह है कि किसानों की जमा पूंजी तक खत्म हो चुकी है। किसी ने बैंक से कर्ज लेकर फसल बुआई की थी तो किसी ने साहूकार से ब्याज पर रकम लेकर। ये किसान फसल बेचकर कर्ज अदा करने के ख्वाब देख रहे थे, जो चूर-चूर हो गया।
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ये कहते है किसान
सरूरपुर गांव के किसान सुभाष नैन बताते हैं कि दस बीघे गेहूं व दो बीघे सरसों बोई थी। शुक्रवार व शनिवार की रात हुई बरसात व ओलावृष्टि से छह बीघे गेहूं और एक बीघे सरसों की फसल जमीन पर गिर गई। लगभग 50 प्रतिशत फसल जमीन पर गिरने से बर्बाद हो गई। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की। उधर, इसी गांव के किसान इंद्रपाल का कहना है कि मात्र पांच बीघे गेहूं की फसल थी, बरसात व ओलावृष्टि से पूरी फसल बर्बाद हो गई।
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बरसात और ओलावृष्टि से सरसों की जो फसल पक गई है, उसमें थोड़ा बहुत नुकसान है। छपरौली ब्लाक में दो या तीन गांव सहित कई ग्राम पंचायतों में थोड़ा बहुत नुकसान हुआ है। सर्वे कराया गया था, जिसमें कुल दो से तीन प्रतिशत ही नुकसान का अनुमान है। - डॉ. सूर्यप्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।