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विश्व प्रसन्नता दिवस: लोगों को खुशियों से दूर कर रही हर बात में कंप्टीशन की होड़, खुश रहने के लिए अपनाएं ये टिप्स

Mon, 21 Mar 2022 11:03 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 21 Mar 2022 11:03 AM IST
सार

20 मार्च को हर साल खुशियों के दिवस के रूप में मनाया जाता है। लोगों को एक दूसरे से प्रतियोगिता की होड़ खुशियों से दूर कर रही है। खुद को बेहतर बनाने के प्रयास के बजाय हम दूसरे से कमतर समझते हैं और तनाव में जीने लगते हैं। 
 

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World Happiness Day: Competition competition is taking away people from happiness, follow these tips to be happy

विस्तार

उसका घर मेरे घर से अच्छा क्यों। उसकी कार मेरी कार से बड़ी कैसे। मेरे बेटे के नंबर पड़ोसी के नंबर से कम कैसे रह गए। मुझे नौकरी में तरक्की कब मिलेगी। इन जैसे तमाम सवालों में उलझी जिंदगी टीवी धारावाहिकों में खुशी के पल ढूंढने को मजबूर है। चिकित्सकों के मुताबिक हर बात में कंप्टीशन की होड़ तनाव का मूल कारण है। यह होड़ लोगों को खुशियों से दूर कर रही है।
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चिकित्सकों का मानना है कि किसी मुश्किल कार्य को करने के लिए दृढसंकल्पित होना अच्छी बात है लेकिन, इस दौरान व्यक्ति को अपनी क्षमताओं और रुचि का ध्यान रखना चाहिए। किसी कार्य में असफलता हाथ लगने पर कुछ लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। इसके बाद यह डिप्रेशन अन्य बीमारियों की वजह बनता है। ऐसे में स्वस्थ और लंबे जीवन के लिए मानसिक संतोष बेहद आवश्यक है। चिकित्सकों का कहना है कि अपनी परेशानियों को परिजनों या मित्रों के साथ साझा जरूर करना चाहिए। ऐसा न करने वाले लोग अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं और डिप्रेशन में चले जाते हैं। 
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खुश रहने के लिए चिकित्सकों के टिप्स 
अपनी तुलना किसी से न करें
अक्सर लोग स्वयं की तुलना अपने दोस्त या सहकर्मी से करने लगते हैं। खुद को बेहतर बनाने के प्रयास के बजाय दूसरों से कमतर महसूस करते हैं। ऐसा करना डिप्रेशन को न्योता दे सकता है।
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परिजनों, मित्रों के साथ बिताएं समय
सोशल मिडिया के समय में कटौतीकर लोगों को दोस्तों और परिजनों के साथ समय बिताना चाहिए। सोशल मीडिया पर अकसर चलने वाली बिना वजह बहस भी दुख और तनाव का करण बन सकती है।

अपने शौक को समय दें
सिर्फ नौकरी और घर के काम ही नहीं, बल्कि अपने शौक के लिए भी समय निकालें। खाली समय में अपने पंसद का संगीत सुन सकते हैं। सप्ताह या छुट्टी के दिन अपनी पंसद का ऐसा काम अवश्य करें जो दिमाग को सुकुन देता हो। इससे नई ऊर्जा का प्रवाह होगा और काम में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

योग-प्रणायाम का अभ्यास करें
योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है, वहीं ध्यान और प्राणायाम मानसिक तनाव से राहत देते हैं। प्राणायाम एक श्वसन क्रिया है, जो आपके शरीर के सभी अंगों तक उचित मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करती है।

दूसरों की मदद करें
जरूरतमंदों की मदद से व्यक्ति को भावनात्मक संतुष्टि मिलती है। जरूरी नहीं कि यह कोई बहुत बड़ा काम करने के बाद ही हासिल की जाए। छोटे छोटे प्रयासों से दूसरों की मदद जरूर करें।

डॉ. अनिल जैन व डा दिनेश बंसल का कहना है कि काम करने के बाद शाम को रिलेक्स होने के लिए कुछ देर टहलें। अपनी पंसद का संगीत सुनने से तनाव से जल्दी छुटकारा मिलता है। घर के माहौल को बेहतर बनाएं। असफलता से सबक लें लेकिन सिर्फ सकारात्मक चीजें याद रखें।

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