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मलकपुर मिल को नहीं देंगे गन्ना 

Sat, 03 Dec 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Sat, 03 Dec 2016 11:56 PM IST
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Will not get Malakpur cane
छपरौली में पंचायत को संबोधित करते चौबीसी खाप के अध्यक्ष चौधरी सुभाष - फोटो : amar ujala
बागपत के छपरौली में बकाया भुगतान नहीं होने से खफा चौबीसी खाप के किसानों ने एलान किया कि मलकपुर मिल को गन्ना नहीं देंगे। खाप अध्यक्ष चौधरी सुभाष ने कहा कि अन्नदाता का अपमान सहन नहीं होगा। मलकपुर मिल प्रबंधन के सारे वादे झूठे हैं। किसान अपना हक मांग रहे हैं। इसके लिए एकजुटता जरूरी है। किसान ताकत एक होगी, तो भुगतान मिलेगा।
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शनिवार को मीडिल स्कूल में आहूत की गई छपरौली चौबीसी की पंचायत में किसानों का दर्द साझा किया। बकाया भुगतान और वर्तमान पेराई सत्र में गन्ने की व्यवस्था नहीं होने से खफा किसानों ने प्रदेश सरकार और मिल मालिकों पर तंज कसे। खाप अध्यक्ष चौधरी सुभाष ने कहा कि किसान ताकत को बांटने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन किसान एक है। अपने हक एक होकर लडे़ंगे, किसी के बहकावे में आने वाले नहीं है। किसान को उसका भुगतान चाहिए। पिछले सत्र का भुगतान मिलने तक मलकपुर मिल को चौबीसी के किसान गन्ना नहीं देंगे। सरकार किसानों का दर्द भूल गई है।

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तीन किस्तों में भुगतान का समझौता छपरौली चौबीसी को मंजूर नहीं है। किसानों के 239 करोड़ रुपये मिल पर बकाया है, पहले यह भुगतान मिलेगा, इसके बाद नए पेराई सत्र में मिल को गन्ना देंगे। यशपाल सिंह, रामफल, तेजपाल सिंह, योगेंद्र सिंह, धूम सिंह ने भी विचार रखे और किसानों के हालात पर चिंता जाहिर की। अध्यक्षता चौधरी सुभाष और संचालन जयवीर सिंह ने किया। उदयवीर सिंह, सतेंद्र सिंह, ओमपाल सिंह, मनोज कुमार और हरपाल सिंह मौजूद रहे।

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आज डीएम से मिलेंगे चौबीसी के किसान
छपरौली। खाप अध्यक्ष चौधरी सुभाष ने बताया कि रविवार को किसान कलक्ट्रेट में चल रहे धरने में शामिल होंगे। इसके अलावा डीएम हृदय शंकर तिवारी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे। रविवार को ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। किसानों का अपमान सहन नहीं होगा।

पंचायत में हुई तू-तू, मैं-मैं
छपरौली। दो किसानों के बोलने को लेकर पंचायत में कहासुनी भी हुई। यहां मौजूद सैकड़ों लोगों ने उन्हें चुप किया और कहा कि खाप चौधरी जो फैसले लेंगे, उसका समर्थन किया जाएगा। इसके बाद पंचायत ने पूरा मामला चौबीसी चौधरी पर ही छोड़ दिया। कहा कि वह चौधरी के साथ है।

गन्ना खेत में, कैसे होगी गेहूं की बुवाई
छपरौली। मलकपुर मिल क्षेत्र के अधिकतर किसानों का गन्ना खेत में खड़ा है। सवाल है कि 15 दिसंबर तक आखिर गेहूं की बुवाई कैसे होगी। किसानों ने मिल को गन्ना देने से इंकार कर दिया है। बुवाई नहीं होने से नया संकट खड़ा होगा। उधर, हालांकि कुछ किसान अन्य चीनी मिलों के सेंटरों पर भी गन्ने की सप्लाई करने में जुट गए हैं।

 

आंदोलन उग्र हुआ तो प्रशासन जिम्मेदार
छपरौली। चौबीसी खाप के चौधरी सुभाष ने डीएम हृदय शंकर तिवारी को पत्र भेजकर कहा है कि बड़ौत में लिया गया फैसला उन्हें मंजूर नहीं है। किसान शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अगर यह आंदोलन हिंसक और उग्र हुआ तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उधर, गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन धूम सिंह का कहना है कि किसानों के साथ धोखा हो रहा है। पिछले सत्र का पूरा भुगतान होने के बाद ही चीनी मिल चलनी चाहिए।

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