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आखिर कहां मारी गई थी फरीद को गोली
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 03 May 2016 12:46 AM IST
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बागपत के युवक फरीद को आखिरकार गोली कहां पर मारी गई ? पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतक के परिजनों द्वारा दिए बयान में बताया युवक को मकान के बाहर गली में गोली मारी गई थी। जबकि पुलिस को खून और पिस्टल की गोली के दो खोखे मकान के अंदर मिले हैं। पुलिस इसको लेकर असमंजस की स्थिति में है।
शहर के यमुना रोड पर युवक फरीद की 27 अप्रैल को हुई हत्या के मामले में पुलिस ने बयान लेने शुरू कर दिए हैं। मृतक फरीद के पिता रियाज और घटना के चश्मदीद गवाह जब्बार ने पुलिस को बयान दर्ज करा दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन लोगों ने बयान दिए कि युवक फरीद अपने साथियों के साथ मोहल्ले में खड़ा होकर बातें कर रहा था। इसी दौरान सूमो गाड़ी वहां पर पहुंची।
सूत्रों के मुताबिक गाड़ी में सवार कांस्टेबल रघुवीर और जितेंद्र के अलावा सोनू, मोनू और हितैष ने उनसे कहा यहां क्यों खड़े हैं। इसके बाद मारपीट कर दी। बाद में कार सवार लोग वहां से चले गए। बाद में फरीद साथियों के साथ अपनी दादी का खाने देने के लिए ईदगाह मोहल्ले में जा रहा था। यमुना रोड पर चमन के मकान के सामने पहुंचे ही आरोपियों ने उन्हें रोका और फरीद को गोली मार दी। उसकी गोली लगने से मौत हो गई।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो पुलिस को मकान के बाहर गली में (जहां पर मृतक को गोली मारना बताया) वहां पर खून नहीं मिला। मकान में काफी खून पड़ा हुआ था। वहां पर ही पिस्टल की गोली के दो खोखे मिले हैं। फरीद का खाने का टिफिन अभी तक नहीं मिला है।
कोतवाली एसएसआई लोकेंद्र शर्मा ने कहा घटनास्थल का मौका मुआयना करने पर मकान में खून पड़ा मिला और वहां से पिस्टल की गोली के दो खोखे बरामद हुए हैं। जबकि मकान के बाहर जहां पर फरीद को गोली मारना बताया गया है, वहां पर खून नहीं मिला है। मामले की विवेचना चल रही है। जल्द ही पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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शहर के यमुना रोड पर युवक फरीद की 27 अप्रैल को हुई हत्या के मामले में पुलिस ने बयान लेने शुरू कर दिए हैं। मृतक फरीद के पिता रियाज और घटना के चश्मदीद गवाह जब्बार ने पुलिस को बयान दर्ज करा दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन लोगों ने बयान दिए कि युवक फरीद अपने साथियों के साथ मोहल्ले में खड़ा होकर बातें कर रहा था। इसी दौरान सूमो गाड़ी वहां पर पहुंची।
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सूत्रों के मुताबिक गाड़ी में सवार कांस्टेबल रघुवीर और जितेंद्र के अलावा सोनू, मोनू और हितैष ने उनसे कहा यहां क्यों खड़े हैं। इसके बाद मारपीट कर दी। बाद में कार सवार लोग वहां से चले गए। बाद में फरीद साथियों के साथ अपनी दादी का खाने देने के लिए ईदगाह मोहल्ले में जा रहा था। यमुना रोड पर चमन के मकान के सामने पहुंचे ही आरोपियों ने उन्हें रोका और फरीद को गोली मार दी। उसकी गोली लगने से मौत हो गई।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो पुलिस को मकान के बाहर गली में (जहां पर मृतक को गोली मारना बताया) वहां पर खून नहीं मिला। मकान में काफी खून पड़ा हुआ था। वहां पर ही पिस्टल की गोली के दो खोखे मिले हैं। फरीद का खाने का टिफिन अभी तक नहीं मिला है।
कोतवाली एसएसआई लोकेंद्र शर्मा ने कहा घटनास्थल का मौका मुआयना करने पर मकान में खून पड़ा मिला और वहां से पिस्टल की गोली के दो खोखे बरामद हुए हैं। जबकि मकान के बाहर जहां पर फरीद को गोली मारना बताया गया है, वहां पर खून नहीं मिला है। मामले की विवेचना चल रही है। जल्द ही पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।