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Baghpat News: यमुना मेंं बढ़ने लगा पानी तो किसानों ने सौ बीघा से ज्यादा फसल काटी

Sat, 03 Jun 2023 12:52 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jun 2023 12:52 AM IST
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When the water started rising in the Yamuna, the farmers harvested more than 100 bighas of crops.
- हथिनीकुंड बैराज से यमुना में सुबह से शाम तक करीब 41 हजार क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया
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-किसानों ने पानी बढ़ने से फसल डूबने के डर से लोकी, तोरई, खरबूजा, तरबूज की फसल को काट लिया
फोटो 11 की सीरिज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पहाड़ों पर बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जहां बृहस्पतिवार को 24 घंटे में छोड़ा गया करीब 74 क्यूसेक पानी यहां पहुंच गया है, वहीं शुक्रवार को भी सुबह से शाम तक करीब 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह पानी बढ़ता देखकर किसानों ने करीब सौ बीघा से ज्यादा में अपनी फसल को पहले ही काट लिया है।
यमुना में पिछले वर्ष अचानक पानी छोड़े जाने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल डूबकर बर्बाद हो गई थी। क्योंकि किसानों को फसल काटने का मौका भी नहीं मिला था। इसको देखते हुए ही शुक्रवार को यमुना में जब पानी बढ़ना शुरू हुआ तो उसके किनारों से किसानों ने फसल काटनी शुरू कर दी। बागपत में अनवर ने लोकी की बीस बीघा, मीरहसन की लोकी की छह बीघा, इशाकी की खरबूजा व तरबूज की छह बीघा, रामपाल की खरबूजा व तरबूज की 18 बीघा, रतन की खरबूजा व तरबूज की तीस बीघा, रामप्रसाद की खरबूजा व ज्वार की 25 बीघा समेत अन्य ने फसलों को काट लिया है। क्योंकि लोकी, तोरई, खरबूजा, तरबूज की फसल का आखिरी समय चल रहा है और ऐसे में पानी बढ़ने पर फसल डूब जाएगी। क्योंकि यह सभी फसल यमुना के अंदर ही बुआई की हुई है। इसलिए पहले ही फसल को काट लिया गया है।
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वहीं जिस तरह से अभी तक हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा गया है, उससे खतरे की कोई बात नहीं है। इसके बावजूद जिले में यमुना नदी किनारे पर बनाई गई 11 बाढ़ चौकियों को अलर्ट जारी किया गया है।
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यमुना नदी किनारे बसे है 18 गांव
जिले में यमुना नदी किनारे 18 गांव बसे हुए है। जिसको लेकर टांडा, कोताना, ककौरकलां, जागोस, सिसाना, नैथला, खेड़ा इस्लामपुर, सुल्तानपुर हटाना, बदरखा, पाली, काठा, सुभानपुर समेत अन्य गांव शामिल है। यमुना नदी में पानी बढ़ने पर बाढ़ राहत नियंत्रण की टीमें इन गांवों में जाकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देगी।

वर्जन-
हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि जितना पानी छोड़ा जा रहा है, उससे खतरे वाली कोई बात नहीं है। दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी एक साथ छोड़ने पर खतरे वाली स्थिति रहती है। - उत्कर्ष भारद्वाज, नोडल अधिकारी बाढ़ राहत नियंत्रण।
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