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Baghpat News: सिनौली में एक घंटे में हुई जांच तो अफसरों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
Sun, 29 Sep 2024 02:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 29 Sep 2024 02:24 AM IST
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बागपत। सिनौली गांव में विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत के बाद जिला कृषि अधिकारी व एक्सईएन नलकूप ने एक घंटे में जांच पूरी कर दी। उस जांच रिपोर्ट को डीपीआरओ ने आगे सीडीओ को भी भेज दिया। जिसमें शिकायतकर्ता ने अधिकारियों पर खानापूर्ति पर आरोप लगाए। सीडीओ ने सभी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए दोबारा जांच के निर्देश दिए।
सिनौली गांव में 14 लाख रुपये से लगाई गई स्ट्रीट लाइट, सीसी मार्ग निर्माण सहित अन्य बिंदुओं पर जांच कराने की मांग की गई थी। इसकी अगस्त 2023 में जांच की गई थी, लेकिन जांच रिपोर्ट में सवाल उठने के बाद निरस्त कर दी गई। इसके बाद जांच अधिकारियों को बदल दिया गया और सितंबर 2024 में जांच की जिम्मेदारी जिला कृषि अधिकारी व अधिशासी अभियंता नलकूप को सौंपी गई थी। दोनों अधिकारियों ने जांच करने के बाद रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंप दी और उन्होंने रिपोर्ट सीडीओ व डीएम को भेज दी। शिकायकर्ता अरविंद ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने एक घंटे में जांच कर रिपोर्ट सौंपकर केवल खानापूर्ति की। न मार्ग खोदा गया और न ही लाइटों की गिनती की गई। ऐसे में गांव में घूमकर कैसे जांच पूरी कर ली गई। सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने शिकायकर्ता की बात सुनने के बाद दूसरी बार जांच रिपोर्ट को निरस्त कर दिया और सोमवार से निष्पक्ष तरीके से जांच करने के आदेश दिए।
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इस तरह जांच करने के निर्देश
सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को जांच अधिकारी जिला कृषि अधिकारी व रिपोर्ट भेजने वाले डीपीआरओ को फटकार लगाते हुए कहा कि शिकायत के अनुसार जांच की जाए। सभी लाइटों की गिनती की जाए और मार्ग की खोदाई कराकर देखा जाए। साथ ही जांच के लिए सामग्री लैब में भेजी जाए। यदि अनियमितता मिलती है तो कार्रवाई की जाए।
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सिनौली गांव में 14 लाख रुपये से लगाई गई स्ट्रीट लाइट, सीसी मार्ग निर्माण सहित अन्य बिंदुओं पर जांच कराने की मांग की गई थी। इसकी अगस्त 2023 में जांच की गई थी, लेकिन जांच रिपोर्ट में सवाल उठने के बाद निरस्त कर दी गई। इसके बाद जांच अधिकारियों को बदल दिया गया और सितंबर 2024 में जांच की जिम्मेदारी जिला कृषि अधिकारी व अधिशासी अभियंता नलकूप को सौंपी गई थी। दोनों अधिकारियों ने जांच करने के बाद रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंप दी और उन्होंने रिपोर्ट सीडीओ व डीएम को भेज दी। शिकायकर्ता अरविंद ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने एक घंटे में जांच कर रिपोर्ट सौंपकर केवल खानापूर्ति की। न मार्ग खोदा गया और न ही लाइटों की गिनती की गई। ऐसे में गांव में घूमकर कैसे जांच पूरी कर ली गई। सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने शिकायकर्ता की बात सुनने के बाद दूसरी बार जांच रिपोर्ट को निरस्त कर दिया और सोमवार से निष्पक्ष तरीके से जांच करने के आदेश दिए।
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इस तरह जांच करने के निर्देश
सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को जांच अधिकारी जिला कृषि अधिकारी व रिपोर्ट भेजने वाले डीपीआरओ को फटकार लगाते हुए कहा कि शिकायत के अनुसार जांच की जाए। सभी लाइटों की गिनती की जाए और मार्ग की खोदाई कराकर देखा जाए। साथ ही जांच के लिए सामग्री लैब में भेजी जाए। यदि अनियमितता मिलती है तो कार्रवाई की जाए।
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