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Baghpat News: जब अस्पताल में वेंटिलेटर, आईसीयू की नहीं सुविधा तो लगवा दो ताला
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बागपत। किसान दिवस के अवसर पर विकास भवन सभागार में किसानों और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने जिला अस्पताल में वेंटिलेटर और आईसीयू सुविधा न होने पर नाराजगी जताई।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि यदि अस्पताल में ये सुविधाएं नहीं हैं तो वहां ताला लगा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बोर्ड लगाया जाए कि मरीज भर्ती होने के लिए यहां न आएं। भाकियू के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) महासचिव प्रदीप धामा ने कहा कि जिला अस्पताल में सांप डसने के सबसे अधिक मरीज पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि यहां 90 फीसदी मरीजों को अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है। धामा ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया। चिकित्सक दीपक कुमार ने स्पष्ट किया कि सांप डसने से फेफड़ों में गंभीर समस्या हो सकती है। फेफड़े खराब होने का खतरा रहता है, इसलिए मरीजों को रेफर करना पड़ता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अस्पताल में वेंटिलेटर और आईसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चिकित्सक मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल प्रशासन ताला नहीं लगा सकता है तो वे खुद अस्पताल में ताला लगा देंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर यह हंगामा सबसे अधिक रहा। किसानों ने अस्पताल की मौजूदा स्थिति पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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किसानों ने स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा अन्य कई समस्याओं को लेकर भी प्रदर्शन किया। उन्होंने गांवों में उखड़ी पड़ी सड़कों की मरम्मत की मांग की। पानी की समस्या और लावारिस गोवंश के मुद्दे पर भी किसानों ने अपनी आवाज उठाई। बाद में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान शांत हुए।
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भाकियू कार्यकर्ता और भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता भिड़े
भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता सूरजमल, रामवीर, भूमेश कुमार, श्रीकांत शर्मा, कृष्णपाल आदि मुकारी, लहचौड़ा, सरफाबाद समेत अन्य गांवों में हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से नष्ट हुई फसल का मुआवजा देने की मांग को लेकर बैठक के बीच में ज्ञापन देने लगे। इसका भाकियू कार्यकर्ता शिवदत्त शर्मा सहित कई ने विरोध जताया और धक्का-मुक्की करने लगे। इसको लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई और हाथापाई तक होने लगी। सभी को अफसरों ने समझाकर शांत किया और ज्ञापन बाद में देने के लिए कहा गया।
-- लंपी बीमारी, सड़कों की मरम्मत का उठाया मुद्दा
भाकियू नेता हिम्मत सिंह व इंद्रपाल सिंह ने कहा कि जिले में लंपी से गोवंश बीमार है और वैक्सीन तक नहीं लगाई जा रही है। इससे पशुपालकों को परेशानी हो रही है और उनके गोवंश की मौत हो रही है। फिर भी पशु चिकित्सक गंभीर नहीं हैं। उन्होंने सीडीओ से टीकाकरण करवाने की मांग की। वहीं चांदनहेड़ी गांव में पाइप लाइन बिछाने के नाम पर उखाड़ी गई सड़कों की मरम्मत कराने, गोवंश पकड़वाने, जर्जर लाइन बदलवाने, नष्ट फसल का मुआवजा दिलवाने सहित अन्य मांगों को उठाया।
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किसानों ने जितनी भी समस्याएं उठाई हैं, वह संबंधित विभागों को भेजी जाएंगी। उन सभी का निस्तारण कराया जाएगा, जिससे किसानों को कोई परेशानी न हो। अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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कार्यकर्ताओं ने मांग की कि यदि अस्पताल में ये सुविधाएं नहीं हैं तो वहां ताला लगा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बोर्ड लगाया जाए कि मरीज भर्ती होने के लिए यहां न आएं। भाकियू के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) महासचिव प्रदीप धामा ने कहा कि जिला अस्पताल में सांप डसने के सबसे अधिक मरीज पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि यहां 90 फीसदी मरीजों को अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है। धामा ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया। चिकित्सक दीपक कुमार ने स्पष्ट किया कि सांप डसने से फेफड़ों में गंभीर समस्या हो सकती है। फेफड़े खराब होने का खतरा रहता है, इसलिए मरीजों को रेफर करना पड़ता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अस्पताल में वेंटिलेटर और आईसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चिकित्सक मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल प्रशासन ताला नहीं लगा सकता है तो वे खुद अस्पताल में ताला लगा देंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर यह हंगामा सबसे अधिक रहा। किसानों ने अस्पताल की मौजूदा स्थिति पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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किसानों ने स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा अन्य कई समस्याओं को लेकर भी प्रदर्शन किया। उन्होंने गांवों में उखड़ी पड़ी सड़कों की मरम्मत की मांग की। पानी की समस्या और लावारिस गोवंश के मुद्दे पर भी किसानों ने अपनी आवाज उठाई। बाद में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान शांत हुए।
भाकियू कार्यकर्ता और भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता भिड़े
भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता सूरजमल, रामवीर, भूमेश कुमार, श्रीकांत शर्मा, कृष्णपाल आदि मुकारी, लहचौड़ा, सरफाबाद समेत अन्य गांवों में हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से नष्ट हुई फसल का मुआवजा देने की मांग को लेकर बैठक के बीच में ज्ञापन देने लगे। इसका भाकियू कार्यकर्ता शिवदत्त शर्मा सहित कई ने विरोध जताया और धक्का-मुक्की करने लगे। इसको लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई और हाथापाई तक होने लगी। सभी को अफसरों ने समझाकर शांत किया और ज्ञापन बाद में देने के लिए कहा गया।
भाकियू नेता हिम्मत सिंह व इंद्रपाल सिंह ने कहा कि जिले में लंपी से गोवंश बीमार है और वैक्सीन तक नहीं लगाई जा रही है। इससे पशुपालकों को परेशानी हो रही है और उनके गोवंश की मौत हो रही है। फिर भी पशु चिकित्सक गंभीर नहीं हैं। उन्होंने सीडीओ से टीकाकरण करवाने की मांग की। वहीं चांदनहेड़ी गांव में पाइप लाइन बिछाने के नाम पर उखाड़ी गई सड़कों की मरम्मत कराने, गोवंश पकड़वाने, जर्जर लाइन बदलवाने, नष्ट फसल का मुआवजा दिलवाने सहित अन्य मांगों को उठाया।
किसानों ने जितनी भी समस्याएं उठाई हैं, वह संबंधित विभागों को भेजी जाएंगी। उन सभी का निस्तारण कराया जाएगा, जिससे किसानों को कोई परेशानी न हो। अनिल कुमार सिंह, सीडीओ