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Baghpat News: मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसका फल उसे वैसा ही भोगना पड़ता है
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-साप्ताहिक यज्ञों में आर्यजनों ने आहुतियां देकर धर्मलाभ उठाया
फोटो संख्या 7
बड़ौत। रेलवे रोड स्थित आर्य समाज प्रवचन हॉल और बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय में रविवार को साप्ताहिक यज्ञों में आर्यजनों ने आहुतियां देकर धर्मलाभ उठाया। इस अवसर पर आचार्य समरभानु ने कहा कि यह मनुष्य पर निर्भर करता है कि वह शुभ् कर्म करना चाहता है या अशुभ, उसके फल के लिए फिर उसे तैयार रहना चाहिए। अपने किए गए कर्म के अनुसार उसे फल अवश्य मिलता है। संसार में मनुष्य आयु भर कर्म ही करता हुआ जीने की इच्छा करे। कर्म सिद्धांत वैदिक धर्म की सबसे बड़ी विशेषता है कि वेद का कर्म सिद्धांत मनुष्य मात्र के लिए सन्तावना के लिए होता है। इससे उसे अपने ऊपर भरोसा करना आता है और वह पुरुषार्थ जीवन बिताने में आनंद मानता। उन्होंने कहा कि वेदों ने ही कर्म को प्राथमिकता दी है। इस दौरान जम्मू कश्मीर के अनंततांग जिले में सेना और पुलिस अधिकारियों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में आतंकवादियों के हमले में सेना के शहीद हो चुके 5 शहीद अधिकारी व सैनिक के प्रति दोनों आर्य समाज में उपस्थित सभी आर्यजनों ने दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों की आत्माओं को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य समरभानु व यजमान प्रीतक सिंह आर्य रहे। आर्य समाज पार्टी चौधरान कार्यालय में यज्ञ के ब्राह्म ओमपाल शास्त्री और यजमान डा़ रघुवंशी रहे। दोनों यज्ञों में प्रीतम सिंह आर्य, डॉ़ हरपाल सिंह, राजकुमार रुहेला, रणतेज, सचिन गुप्ता सुरेंद्र पाल, मयंक, पंकज आदि उपस्थित रहे।
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फोटो संख्या 7
बड़ौत। रेलवे रोड स्थित आर्य समाज प्रवचन हॉल और बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय में रविवार को साप्ताहिक यज्ञों में आर्यजनों ने आहुतियां देकर धर्मलाभ उठाया। इस अवसर पर आचार्य समरभानु ने कहा कि यह मनुष्य पर निर्भर करता है कि वह शुभ् कर्म करना चाहता है या अशुभ, उसके फल के लिए फिर उसे तैयार रहना चाहिए। अपने किए गए कर्म के अनुसार उसे फल अवश्य मिलता है। संसार में मनुष्य आयु भर कर्म ही करता हुआ जीने की इच्छा करे। कर्म सिद्धांत वैदिक धर्म की सबसे बड़ी विशेषता है कि वेद का कर्म सिद्धांत मनुष्य मात्र के लिए सन्तावना के लिए होता है। इससे उसे अपने ऊपर भरोसा करना आता है और वह पुरुषार्थ जीवन बिताने में आनंद मानता। उन्होंने कहा कि वेदों ने ही कर्म को प्राथमिकता दी है। इस दौरान जम्मू कश्मीर के अनंततांग जिले में सेना और पुलिस अधिकारियों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में आतंकवादियों के हमले में सेना के शहीद हो चुके 5 शहीद अधिकारी व सैनिक के प्रति दोनों आर्य समाज में उपस्थित सभी आर्यजनों ने दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों की आत्माओं को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य समरभानु व यजमान प्रीतक सिंह आर्य रहे। आर्य समाज पार्टी चौधरान कार्यालय में यज्ञ के ब्राह्म ओमपाल शास्त्री और यजमान डा़ रघुवंशी रहे। दोनों यज्ञों में प्रीतम सिंह आर्य, डॉ़ हरपाल सिंह, राजकुमार रुहेला, रणतेज, सचिन गुप्ता सुरेंद्र पाल, मयंक, पंकज आदि उपस्थित रहे।