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आरटीई के अंतर्गत सीटों का ब्यौरा नहीं देने वाले स्कूलों के खिलाफ होगी कार्रवाई
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बागपत। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) अंतर्गत निजी विद्यालयों को बच्चों का सही ब्योरा देना होगा। इसके लिए विद्यालयों को प्रत्येक साल आरटीई के अंतर्गत होने वाले छात्रों के प्रवेश का डाटा अपलोड करना होगा। आरटीई के तहत प्रवेश करने से बचने के लिए गलत जानकारी देने पर विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरटीई के अंतर्गत प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया दो मार्च से शुरू हो चुकी है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) अंतर्गत निजी विद्यालयों में 25 फीसदी बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान है। निजी विद्यालय बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने से बचने के लिए विभाग को गुमराह करते हैं। ऐसे विद्यालयों पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण करने और स्कूलों में प्रत्येक वर्ष पढ़ने वाले बच्चों का ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आरटीई के जिला समन्वयक सतबीर गिरी ने बताया कि आरटीई के तहत प्रथम चरण में बच्चों के प्रवेश करने के लिए दो मार्च से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। निजी विद्यालयों की मनमानी रोकने के लिए शासन ने 28 फरवरी तक विद्यालयों को पंजीकरण कराकर पोर्टल पर ब्योरा अपलोड कराने के निर्देश दिए थे। अब उसकी जांच की जा रही है। वहीं,गलत जानकारी अपलोड करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) अंतर्गत निजी विद्यालयों में 25 फीसदी बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान है। निजी विद्यालय बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने से बचने के लिए विभाग को गुमराह करते हैं। ऐसे विद्यालयों पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण करने और स्कूलों में प्रत्येक वर्ष पढ़ने वाले बच्चों का ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आरटीई के जिला समन्वयक सतबीर गिरी ने बताया कि आरटीई के तहत प्रथम चरण में बच्चों के प्रवेश करने के लिए दो मार्च से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। निजी विद्यालयों की मनमानी रोकने के लिए शासन ने 28 फरवरी तक विद्यालयों को पंजीकरण कराकर पोर्टल पर ब्योरा अपलोड कराने के निर्देश दिए थे। अब उसकी जांच की जा रही है। वहीं,गलत जानकारी अपलोड करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी।
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