फिर बड़ा राजनीतिक उलटफेर: बैकफुट पर आया प्रशासन, वापस नहीं हुआ ममता का नामांकन, अब रालोद-भाजपा में होगी कांटे की टक्कर
यहां एक बार फिर से बड़ा राजनीतिक उलटफेर हो गया है। प्रशासन बैकफुट पर आ गया है और उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया। डीएम ने बताया कि अब रालोद और भाजपा दोनों प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में रालोद प्रत्याशी ममता का नामांकन पत्र वापस लेने के मामले में प्रशासन बैकफुट पर गया है। डीएम राजकमल यादव ने बताया कि कोई महिला खुद को रालोद प्रत्याशी बताकर नामांकन वापसी के लिए आई थी। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच की गई और रालोद प्रत्याशी ममता से फोन पर बात हुई है। डीएम का कहना है कि नामांकन वापस नहीं हुआ है। अब रालोद और भाजपा के दोनों प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगी। उधर, सूचना है कि अब जयंत चौधरी भी दिल्ली से बागपत नहीं आ रहे हैं। एक बार फिर से बड़ा राजनीतिक उलटफेर हो गया है।
रालोद नेताओं ने कलक्ट्रेट में किया जमकर बवाल
रालोद प्रत्याशी ममता का नामांकन वापस लेने के मामले में रालोद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर जमकर बवाल किया। कलक्ट्रेट पर धीरे-धीरे कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया था। पूर्व विधायक वीरपाल राठी, राष्ट्रीय सचिव कुलदीप उज्ज्वल के नेतृत्व में रालोद नेताओं ने गेट फांदकर अंदर घुसने का प्रयास किया। उधर, सूचना मिल रही थी कि जयंत चौधरी भी दिल्ली से बागपत के लिए रवाना हो गए हैं। करीब एक घंटे में यहां पहुंच जाएंगे। रालोद नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने लोकतंत्र की हत्या करते हुए किसी महिला को ममता देवी का नामांकन वापस करा दिया। ममता देवी अपने पति और अन्य रालोद नेताओं के साथ राजस्थान में हैं। वहीं बवाल की आशंका को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। कलक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में पुलिस के साथ पीएसी के जवान तैनात हैं।
रालोद विधायक और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में हंगामा कर रहे थे। उनका आरोप था कि ममता की जगह कोई और महिला नामांकन पत्र ले गई है। रालोद कार्यकर्ताओं ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि ममता तो राजस्थान में हैं। कोई और महिला उनके नाम पर उनका पर्चा वापस ले गई है।
पहले भी हो चुका राजनीतिक उलटफेर
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में शनिवार को नामांकन से पूर्व बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला था। रालोद की प्रत्याशी ममता ने सवेरे ही भाजपा का दामन थाम लिया। सांसद के साथ सोशल मीडिया पर उनके फोटो वायरल हुए तो रालोद नेतृत्व सकते में आ गया था। इससे विपक्ष के पास कोई प्रत्याशी नहीं रह गया। किरकरी से बचने के लिए रालोद नेता पूरी ताकत के साथ डैमेज कंट्रोल में जुट गए। चंद घंटे बाद ही ममता अपने पति जयकिशोर के साथ रालोद के जिला कार्यालय पहुंच गईं।
रालोद प्रत्याशी ममता ने अपने पति जयकिशोर के साथ पत्रकारों के समक्ष आरोप लगाया कि कुछ भाजपा नेता फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर उन्हें जबरन सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के यहां ले गए थे। वे किसी तरह वहां से निकलकर पार्टी कार्यालय आए हैं। वह हमेशा रालोद के सिपाही रहे हैं, भविष्य में भी रहेंगे। इस दौरान जयकिशोर फूट-फूटकर रो पड़े। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र शर्मा, क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह, जिलाध्यक्ष डॉ. जगपाल सिंह तेवतिया, पूर्व विधायक वीरपाल राठी आदि रालोद नेताओं ने उन्हें किसी तरह संभाला। उन्हें भरोसा दिलाया कि पार्टी हर वक्त में उनके साथ है। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ममता का नामांकन कराने कलक्ट्रेट पहुंचे थे। नामांकन उनके प्रस्तावकों ने दाखिल कराया था। वह पार्टी नेताओं के साथ कलक्ट्रेट के बाहर मौजूद रहीं।
इससे पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुई बबली देवी ने नामांकन दाखिल किया था। उनके साथ हाल ही में सपा से निष्कासित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओंकार यादव की मौजूदगी ने सभी को चौंका दिया था।
रालोद प्रत्याशी ने भाजपा का दामन थामा, फिर वापसी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के नामांकन से पूर्व रालोद प्रत्याशी ममता जयकिशोर भाजपा में शामिल हो गईं। इसके चंद घंटे बाद ही वह रालोद में लौट आईं। पार्टी के जिला कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उनके पति जयकिशोर ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता फर्जी मुकदमे दर्ज कराने का दबाव बनाकर उन्हें सांसद डॉ. सत्यपाल के पास लग गए थे। वह रालोद के सिपाही हैं।
इसके बाद ममता पार्टी नेताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचीं। जहां उनके प्रस्तावकों ने नामांकन जमा कराया था। इससे पूर्व करीब 11 बजे सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं बबली देवी ने भी नामांकन किया था।