RLD-BJP में पड़ी फूट: संयुक्त बैठक में मोदी-योगी की जय नहीं बोलने पर हंगामा, रेनू तोमर ने दिया त्यागपत्र
उत्तर प्रदेश के बड़ौत में रालोद व भाजपा की संयुक्त बैठक के दौरान जमकर हंगामा हो गया। यहां बैठक में रालोद की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष के सीएम योगी और पीएम मोदी की जय नहीं बोलने पर जमकर हंगामा हुआ। पढ़ें पूरी खबर।
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उत्तर प्रदेश के बड़ौत में रालोद-भाजपा की संयुक्त बैठक में सोमवार दोपहर को मोदी-योगी की जय नहीं बोलने पर हंगामा हो गया। जहां रालोद की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष ने जय बोलने से इंकार किया तो भाजपाई भड़क गए। हंगामा बढ़ता देखकर रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष ने महिला जिलाध्यक्ष को पार्टी से बाहर कर दिया। इसके बाद महिला जिलाध्यक्ष ने भी इस्तीफा देकर उसे वायरल कर दिया।
बड़ौत के शुभांगी फार्म हाउस में सोमवार को रालोद व भाजपा कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक रखी गई थी। इसमें गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी डा. राजकुमार सांगवान, रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, राज्यमंत्री केपी मलिक, भाजपा जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय, रालोद जिलाध्यक्ष रामपाल धामा समेत दोनों पार्टियों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
बैठक का संचालन कर रहे भाजपा नेता बिजेन्द्र शर्मा ने रालोद की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष रेनू तोमर को बोलने के लिए बुलाया तो उन्होंने भाषण शुरू करने से पहले चौधरी अजित सिंह व चौधरी जयंत सिंह के नारे लगाए।
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इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंंत्री योगी आदित्यनाथ की जय बोलने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी विचारधारा भाजपा से नहीं मिलती है, इसलिए अभी वह उनके लिए नारा नहीं बोल सकेंगी। यह बोलते ही भाजपा नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया और भाजपा नेताओं ने मोदी व योगी के नारे लगाते हुए बैठक से जाना शुरू कर दिया।
वहां स्थिति बिगड़ती देखकर रालोद के पदाधिकारियों ने किसी तरह मामला शांत किया और इसकी जानकारी पार्टी पदाधिकारियों को दी गई। जिस पर रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने मंच से रेनू तोमर को पार्टी से निकालने की बात कही।
इसके साथ ही कहा कि इस तरह की बात करना गलत है और रालोद-भाजपा का गठबंधन होने के साथ ही नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री व योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हैं। वह हर किसी के लिए कार्य कर रहे हैं। इस पूरे मामले के बाद ही रेनू तोमर ने भी अपना इस्तीफा लिखकर वायरल कर दिया। बता दें दूसरी बैठक में दोनों पार्टियों के बीच फूट पड़ गई।
रालोद-भाजपा कार्यकर्ताओं को मिलकर लड़नी है लड़ाई
रालोद-भाजपा की संयुक्त बैठक में रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने कहा कि दोनों पार्टियों का गठबंधन पश्चिम में सभी दलों को पछाड़ने का काम करेगा। हम लोगों को समन्वय के साथ लड़ाई लड़नी है, कोई भी कार्यकर्ता व पदाधिकारी इस समन्वय को तोड़ने का प्रयास या अनुशासनहीनता करेगा तो उसपर कार्रवाई होगी। राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार ने जनता से जो वायदे किए थे, उन्हें पूरा करने का काम किया है। प्रत्याशी डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि जयंत चौधरी ने उन पर जो विश्वास किया है, उनका जीवन भर आभारी रहेंगे। वहीं संयुक्त बैठक में हंगामे के बाद सियासी गलियारों में आगामी चुनाव के मद्देनजर दोनों पार्टियों के बीच आपसी सामंजस्य को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बागपत से डॉ. राजकुमार को बनाया गया है प्रत्याशी
बता दें कि आगामी लोकसभा चुनाव में रालोद ने बागपत से डॉ. राजकुमार सांगवान को प्रत्याशी घोषित कर जांट दांव चला है। प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद सांगवान रविवार को बड़ौत पहुंचे थे, जहां उनका जोरदार स्वागत भी किया गया। इस दौरान उन्हाेंने कहा कि मेरा कोई घर, व्यापार, परिवार नहीं है। बड़ौत ही मेरा घर है। मैं पार्टी के लिए ही समर्पित हूं। चौधरी जयंत सिंह की खड़ाऊ लेकर लोकसभा क्षेत्र के एक एक घर में घूम जाऊंगा।
रालोद में शामिल हुए सपा विधायक गोपाल काली
चुनावी सरगर्मियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) को सोमवार को भी बड़ा झटका लगा है। मेरठ में पूर्व एमएलए व सपा नेता गोपाल काली रालोद में शामिल हो गए हैं। उन्होंने सोमवार को दिल्ली में चौधरी जयंत सिंह से मुलाकात कर आरएलडी का दामन थाम लिया। बताया गया कि गोपाल काली हस्तिनापुर से पूर्व विधायक रहे हैं।
राष्ट्रीय लोकदल के केंद्रीय कार्यालय में सपा के पूर्व विधायक गोपाल काली ने रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह की उपस्थिति में रालोद की सदस्यता ग्रहण की।