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UP: डीएम के सामने खुली भ्रष्टाचार की पोल, किसानों ने महिलाकर्मी पर लगाए गंभीर आरोप, जानें पूरा मामला

Wed, 08 Jun 2022 09:59 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Wed, 08 Jun 2022 09:59 PM IST
सार

कैंप में डीएम के सामने भ्रष्टाचार की पोल खुल गई। किसानों ने महिलाकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने मुआवजा देने के लिए भू-लेख विभाग की एक महिला कर्मी पर डेढ़ प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया है।
 

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UP: secret of corruption has been revealed before DM, farmers have blamed lady worker
डीएम को समस्या बताते किसान। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बागपत जनपद में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजा वितरण के लिए बुधवार को काठा गांव में कैंप लगाया गया। डीएम राजकमल यादव के सामने ही किसानों ने मुआवजा वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। मुआवजा वितरण की जिम्मेदारी संभाल रही एक महिला कर्मी पर डेढ़ प्रतिशत मुआवजा मांगने का आरोप लगाया। इसके अलावा किसानों ने जमीन पैमाइश के लिए भी कानूनगो व पटवारी पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। इस पर डीएम ने एडीएम को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। 

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इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा जल्द से जल्द वितरित करने के लिए प्रशासन ने गांवों में कैंप लगाने शुरू किए हैं। पहला कैंप बुधवार को काठा गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में लगाया गया, जहां डीएम राजकमल यादव, एडीएम अमित कुमार के अलावा राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मी पहुंचे थे। सबसे पहले डीएम और एडीएम ने खेतों में जाकर उस जमीन की स्थिति को देखा, जिसका अधिग्रहण किया गया है। निर्देश दिए गए कि जमीन पर कब्जा लेकर निर्माण तेजी से शुरू किया जाए। 
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इसके बाद कैंप में मुआवजा वितरण के साथ ही समस्याएं सुनी गई। किसानों समित राय यादव, रविंद्र, भास्कर, राजपाल, जगत सिंह, तेजपाल, कालू, रणजीत, धर्मबीर, जोगेंद्र ने आरोप लगाया कि वे जब मुआवजा लेने के लिए जाते हैं तो मुआवजा वितरण की जिम्मेदारी संभाल रही एक महिला कर्मी उनसे सीधे डेढ़ प्रतिशत हिस्सा मांगती हैं। विरोध करने पर कहा जाता है कि किसी के पास भी जाकर शिकायत कर दें। इसके अलावा किसानों ने आरोप लगाया कि अधिग्रहण हुई जमीन की दोबारा पैमाइश कराने के लिए तहसील में जाते हैं तो रुपये मांगे जाते हैं। इस तरह से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। इस पर डीएम राजकमल यादव ने एडीएम अमित कुमार को मामले की जांच करने के लिए निर्देश दिए।

50 प्रतिशत फाइलों का निस्तारण हुआ, चार दिन में मिलेगा मुआवजा
डीएम राजकमल यादव व एडीएम अमित कुमार ने काठा की पचास प्रतिशत फाइलों का निस्तारण किया। जिनकी फाइल पूरी हो गई हैं, उनके खाते में अगले चार दिन में मुआवजा राशि पहुंच जाएगी। इसके साथ ही किसानों से अपील की गई है कि जिन्होंने अभी तक मुआवजा नहीं लिया है, वह भी जल्द मुआवजा प्राप्त कर लें, ताकि कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा सके। 

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मुआवजा जल्द दिलाए, पैमाइश भी कराए
काठा गांव के किसान गजेंद्र किसान ने कहा कि मुआवजा देने के लिए डेढ़ प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा है। आरोप है कि मुआवजा वितरण की जिम्मेदारी संभाल रही एक महिला कर्मी कहती है कि फाइल का काम तब होगा, जब डेढ़ प्रतिशत कमीशन मिलेगा। किसान शक्ति सिंह का कहना है कि पैमाइश ठीक नहीं हो रही हैं और पैमाईश दोबारा से होनी चाहिए। कानूनगो व पटवारी पैमाइश नहीं कर रहे है और पैसे मांगते है।

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