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जमीन पर कब्जे के लिए दो किसान कर चुके आत्महत्या, टावर पर भी कई बार चढ़े
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जमीन के लिए दो किसान कर चुके आत्महत्या, टावर पर भी कई बार चढ़े
दोघट। बामनौली गांव में चकबंदी के बाद जमीनों पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद नए नहीं हैं। बल्कि वहां छह साल से जमीनों पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहे हैं और इस विवाद में दो किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इसके अलावा अपनी समस्याओं को लेकर किसान टावर पर भी चढ़ चुके हैं।
बामनौली गांव में वर्ष 2016 में किसान कृष्णपाल को दस बीघा जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया तो उसने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद वर्ष 2017 में किसान राजेंद्र भी जमीन पर कब्जे को लेकर अधिकारियों के चक्कर काटकर थक गया तो उसने भी मौत को गले लगा लिया था। इन दोनों की मौत के बाद ही चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने जमीन पर परिवार का कब्जा दिलाया था। इनके अलावा जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर किसान सहेंद्र भी करीब छह साल पहले दो दिन तक टावर पर चढ़ा रहा। वहां दो भाई सुक्रमपाल व कृष्णपाल भी जमीनी विवाद में पूरा दिन टावर पर बैठे रहे थे।
वहां के किसान मनोज, रामकुमार व रामबीर ने जमीन पर कब्जे को लेकर कई साल पहले तहसील में अनशन किया था। इस तरह बामनौली में चकबंदी के बाद जमीनी विवाद काफी बढ़ गया है और अधिकारियों की कोर्ट में मुकदमे चल रहे हैं। जिनका निस्तारण नहीं हो रहा है।
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दोघट। बामनौली गांव में चकबंदी के बाद जमीनों पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद नए नहीं हैं। बल्कि वहां छह साल से जमीनों पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहे हैं और इस विवाद में दो किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इसके अलावा अपनी समस्याओं को लेकर किसान टावर पर भी चढ़ चुके हैं।
बामनौली गांव में वर्ष 2016 में किसान कृष्णपाल को दस बीघा जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया तो उसने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद वर्ष 2017 में किसान राजेंद्र भी जमीन पर कब्जे को लेकर अधिकारियों के चक्कर काटकर थक गया तो उसने भी मौत को गले लगा लिया था। इन दोनों की मौत के बाद ही चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने जमीन पर परिवार का कब्जा दिलाया था। इनके अलावा जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर किसान सहेंद्र भी करीब छह साल पहले दो दिन तक टावर पर चढ़ा रहा। वहां दो भाई सुक्रमपाल व कृष्णपाल भी जमीनी विवाद में पूरा दिन टावर पर बैठे रहे थे।
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वहां के किसान मनोज, रामकुमार व रामबीर ने जमीन पर कब्जे को लेकर कई साल पहले तहसील में अनशन किया था। इस तरह बामनौली में चकबंदी के बाद जमीनी विवाद काफी बढ़ गया है और अधिकारियों की कोर्ट में मुकदमे चल रहे हैं। जिनका निस्तारण नहीं हो रहा है।
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