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बसौद में 1857 की क्रांति के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
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बागपत। बसौद गांव में युवा चेतना मंच की ओर से रविवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें ग्रामीणों ने 1857 की क्रांति के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
युवा चेतना मंच के बैनर तले बासौद गांव में रविवार को शहीद दिवस मनाया। मंच के संस्थापक मास्टर सत्तार अहमद ने कहा कि 1857 की क्रांति में क्रांतिकारियों ने बसौद गांव में 10 घंटे तक अंग्रेजी सेना से मुकाबला किया था। जिसमें 180 क्रांतिकारी शहीद हुए थे। इसके बाद अंग्रेजी सेना ने 15 क्रांतिकारियों को बरगद के पेड़ पर फांसी देने के बाद पूरे गांव में आग लगा दी गई थी। शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक व इतिहासकार डॉ. अमित राय जैन समेत अन्य पदाधिकारियों ने मेधावी बच्चों व प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इस दौरान समीर अहमद, ताराचंद गुप्ता, फतेह मोहम्मद, अनिल शर्मा, इरसाद, शौकत, समीर अहमद, गुलजार, पप्पू, कासिम, नवाब अली, मुरसलीन, बिल्लू शर्मा मौजूद रहे।
पुलिस से देर शाम मिली कार्यक्रम की अनुमति
इतिहासकार डा. अमित राय जैन ने बताया कि शहीद दिवस पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने आपत्ति जताई। जिसके बाद शनिवार शाम पुलिस व प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति दी। इसके बाद कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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युवा चेतना मंच के बैनर तले बासौद गांव में रविवार को शहीद दिवस मनाया। मंच के संस्थापक मास्टर सत्तार अहमद ने कहा कि 1857 की क्रांति में क्रांतिकारियों ने बसौद गांव में 10 घंटे तक अंग्रेजी सेना से मुकाबला किया था। जिसमें 180 क्रांतिकारी शहीद हुए थे। इसके बाद अंग्रेजी सेना ने 15 क्रांतिकारियों को बरगद के पेड़ पर फांसी देने के बाद पूरे गांव में आग लगा दी गई थी। शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक व इतिहासकार डॉ. अमित राय जैन समेत अन्य पदाधिकारियों ने मेधावी बच्चों व प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इस दौरान समीर अहमद, ताराचंद गुप्ता, फतेह मोहम्मद, अनिल शर्मा, इरसाद, शौकत, समीर अहमद, गुलजार, पप्पू, कासिम, नवाब अली, मुरसलीन, बिल्लू शर्मा मौजूद रहे।
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पुलिस से देर शाम मिली कार्यक्रम की अनुमति
इतिहासकार डा. अमित राय जैन ने बताया कि शहीद दिवस पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने आपत्ति जताई। जिसके बाद शनिवार शाम पुलिस व प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति दी। इसके बाद कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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