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परिवहन निगम की व्यवस्था फेल, मुश्किलों भरा रहा सफर
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बड़ौत। दीपावली और भाईदूज के लिए परिवहन निगम की तैयारी रविवार को फेल हो गई। अधिकांश मार्गों से रोडवेज बसें नदारद थी। मगर, जहां बसें संचालित थी, उनमें सवार होने के लिए मारामारी मची रही। आलम यह रहा कि बहन के यहां पहुंचने के लिए जो लोग भैय्यादूज के एक दिन पहले यानी शुक्रवार को घर से निकल गए।
बागपत में परिवहन निगम की 71 और 45 बसें अनुबंधित है। सामान्य दिनों में सभी बसें तीन से चार से ट्रिप लगाती है, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए छह ट्रिप कर दी गई थी, ताकि यात्रियों को सफर करने में दिक्कतेें न हो। इसके अलावा देर रात्रि तक बसों का संचालन की व्यवस्था की गई थी। मगर, शुक्रवार को परिवहन निगम की यह व्यवस्था फेल होती नजर आई। अधिकांश मार्गों पर बसें नदारद थी। इस कारण यात्रियों को सफर करने के लिए डग्गामार वाहनों में दोगुना किराया देकर सफर करना पड़ा। जिस रूट पर बसें संचालित रही, उसमें यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई रूटों पर यात्रियों को खिड़कियां पर सफर करते हुए देखा गया। छतों पर बैठकर भी यात्रियों को सफर करने पर मजबूर होना पड़ा। डग्गामार वाहनों की भी चंादी कटी और मनमाने किराया वसूलकर लोगों को अपने गंतव्य स्थानों पर जाना पड़ा।
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बागपत में परिवहन निगम की 71 और 45 बसें अनुबंधित है। सामान्य दिनों में सभी बसें तीन से चार से ट्रिप लगाती है, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए छह ट्रिप कर दी गई थी, ताकि यात्रियों को सफर करने में दिक्कतेें न हो। इसके अलावा देर रात्रि तक बसों का संचालन की व्यवस्था की गई थी। मगर, शुक्रवार को परिवहन निगम की यह व्यवस्था फेल होती नजर आई। अधिकांश मार्गों पर बसें नदारद थी। इस कारण यात्रियों को सफर करने के लिए डग्गामार वाहनों में दोगुना किराया देकर सफर करना पड़ा। जिस रूट पर बसें संचालित रही, उसमें यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई रूटों पर यात्रियों को खिड़कियां पर सफर करते हुए देखा गया। छतों पर बैठकर भी यात्रियों को सफर करने पर मजबूर होना पड़ा। डग्गामार वाहनों की भी चंादी कटी और मनमाने किराया वसूलकर लोगों को अपने गंतव्य स्थानों पर जाना पड़ा।
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