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किसान पाठशाला में कम लागत में अधिक उत्पादन का प्रशिक्षण दिया
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छपरौली/बालैनी। कृषि विभाग की ओर से मंगलवार को विकास खंड में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के बारे में जानकारी दी गई।
किसान पाठशाला का शुभारंभ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लाइव किया। पाठशाला में किसानों को फसलों की उन्नत तकनीक, कम लागत में अधिक उत्पादन, नाइट्रोजन का भूमि में उपयोग, फास्फेटिक उर्वरकों की प्रयोग विधि, सिंचाई एवं जल प्रबंधन, फसल अवशेष प्रबंधन, कृषि यंत्रों पर कृषि विभाग की ओर से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। सहायक कृषि अधिकारी महेश खोखर ने किसानों को वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की उन्नत तकनीक, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य एवं गन्ना विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन में फसल के अवशेष जलाने से भूमि में लाभदायक जीवाणुओं की कमी हो जाती है। इस मौके पर किसान सुरेश, बबलू, महीपाल, सहदेव, अनुज, सुमित, जयवीर, पिंटू, सतवीर, हरपाल मौजूद रहे।
उधर, बाखरपुर बालैनी गांव में कृषि अधिकारी संदीप कुमार ने किसानों को खरीफ फसल प्रबंधन, पोस्ट हार्वेस्ट और पराली प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फसलों में लगने वाले कीट व रोग और उनके उपचार के बारे में बताया। प्रधान पति देवेंद्र यादव, कृष्ण यादव, महावीर, राजवीर यादव, सुरेंद्र, जसवंत, राजेंद्र, अंकित, मोहित यादव, बलजोर मौजूद रहे।
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किसान पाठशाला का शुभारंभ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लाइव किया। पाठशाला में किसानों को फसलों की उन्नत तकनीक, कम लागत में अधिक उत्पादन, नाइट्रोजन का भूमि में उपयोग, फास्फेटिक उर्वरकों की प्रयोग विधि, सिंचाई एवं जल प्रबंधन, फसल अवशेष प्रबंधन, कृषि यंत्रों पर कृषि विभाग की ओर से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। सहायक कृषि अधिकारी महेश खोखर ने किसानों को वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की उन्नत तकनीक, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य एवं गन्ना विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन में फसल के अवशेष जलाने से भूमि में लाभदायक जीवाणुओं की कमी हो जाती है। इस मौके पर किसान सुरेश, बबलू, महीपाल, सहदेव, अनुज, सुमित, जयवीर, पिंटू, सतवीर, हरपाल मौजूद रहे।
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उधर, बाखरपुर बालैनी गांव में कृषि अधिकारी संदीप कुमार ने किसानों को खरीफ फसल प्रबंधन, पोस्ट हार्वेस्ट और पराली प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फसलों में लगने वाले कीट व रोग और उनके उपचार के बारे में बताया। प्रधान पति देवेंद्र यादव, कृष्ण यादव, महावीर, राजवीर यादव, सुरेंद्र, जसवंत, राजेंद्र, अंकित, मोहित यादव, बलजोर मौजूद रहे।
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