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जिले में एमडीआर के मरीजों के उपचार की सुविधा नहीं
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बागपत। जिले में टीबी के गंभीर मरीज (एमडीआर) के उपचार के लिए डीआर टीबी सेंटर और दवाइयां उपलब्ध नहीं है। मल्टी ड्रग्स रेजिस्टेंस (एमडीआर) के मरीजों को इलाज के लिए मेरठ रेफर करना पड़ता है। सेंटर के अभाव में जिले के 70 टीबी के गंभीर मरीजों का इलाज मेरठ में चल रहा है। इनमें से 30 मरीजों में जनवरी से जून माह तक एमडीआर की पुष्टि हुई है।
छह से आठ माह खानी पड़ती है दवा
टीबी के मरीजों में एमडीआर की पुष्टि होने पर 24 महीने तक इलाज चलता था। अब इन मरीजों को छह से आठ महीने ही दवा खानी होगी। इन मरीजों के लिए बीडाक्विलीन नाम की दवाई की शुरुआत की। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया एमडीआर के मरीजों के लिए बीडाक्विलीन दवा शुरू की गई है। इन दवा के सेवन से मरीजों का स्वास्थ्य शीघ्र ठीक होगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को टीबी की दवाइयां निशुल्क दी जाती है।
क्या है एमडीआर, कोर्स पूरा करने से ही होगा बचाव
एमडीआर (मल्टी ड्रग्स रेजिस्ट्रेंस) होने पर टीबी में प्रयुक्त होने वाली साधारण दवाओं का असर कम हो जाता है। टीबी का पूरा कोर्स न करने पर टीबी के मरीजों में एमडीआर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा दवा का अनियमित सेवन, चिकित्सक के परामर्श के बिना दवा का सेवन करना से एमडीआर का खतरा बढ़ता है। स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी के मरीजों की जांच और उपचार की सुविधा निशुल्क है।
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वर्जन
जिले में डीआर टीबी सेंटर नहीं है। एमडीआर के मरीजों के लिए मेरठ में उपचार की सुविधा है। जिले में एमडीआर की पुष्टि होने पर मरीजों को उपचार के लिए मेरठ रेफर किया जाता है।
- डॉ. यशवीर सिंह जिला क्षय रोग अधिकारी।
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छह से आठ माह खानी पड़ती है दवा
टीबी के मरीजों में एमडीआर की पुष्टि होने पर 24 महीने तक इलाज चलता था। अब इन मरीजों को छह से आठ महीने ही दवा खानी होगी। इन मरीजों के लिए बीडाक्विलीन नाम की दवाई की शुरुआत की। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया एमडीआर के मरीजों के लिए बीडाक्विलीन दवा शुरू की गई है। इन दवा के सेवन से मरीजों का स्वास्थ्य शीघ्र ठीक होगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को टीबी की दवाइयां निशुल्क दी जाती है।
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क्या है एमडीआर, कोर्स पूरा करने से ही होगा बचाव
एमडीआर (मल्टी ड्रग्स रेजिस्ट्रेंस) होने पर टीबी में प्रयुक्त होने वाली साधारण दवाओं का असर कम हो जाता है। टीबी का पूरा कोर्स न करने पर टीबी के मरीजों में एमडीआर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा दवा का अनियमित सेवन, चिकित्सक के परामर्श के बिना दवा का सेवन करना से एमडीआर का खतरा बढ़ता है। स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी के मरीजों की जांच और उपचार की सुविधा निशुल्क है।
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जिले में डीआर टीबी सेंटर नहीं है। एमडीआर के मरीजों के लिए मेरठ में उपचार की सुविधा है। जिले में एमडीआर की पुष्टि होने पर मरीजों को उपचार के लिए मेरठ रेफर किया जाता है।
- डॉ. यशवीर सिंह जिला क्षय रोग अधिकारी।