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पांच माह से सुलग रहीं थी चिंगारी, पुलिस आंख बंद किए रही

Sun, 06 Jun 2021 11:13 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jun 2021 11:13 PM IST
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The spark was smoldering for five months, the police kept closing their eyes
बागपत। सूरजपुर महनवा गांव का अय्यूब हत्याकांड पुलिस की लापरवाही और हीलाहवाली का ही कारण रहा है। नौशाद के घर में आग लगाने और एक बालक की मौत के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की लेकिन कार्रवाई को लेकर हीलाहवाली ही चलती रही। पुलिस ने अय्यूब को गिरफ्तार करने का प्रयास तक नहीं किया।
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28 दिसंबर, 2020 को अय्यूब ने नौशाद के घर में आग लगा दी थी। इसमें नौशाद के पुत्र समीर की मौत हो गई थी, जबकि पत्नी शबनम और बेटी गुड्डी व बेटा अयान गंभीर रूप से झुलस गए थे। इस मामले में पुलिस ने नौशाद और शबनम के परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की। बाद में शबनम ने इस मामले में अय्यूब के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने इस बार भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद शबनम ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज तो कर ली, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस इस मामले में गंभीरता दिखाती तो अय्यूब की हत्या होने से बच सकती थी। हालांकि अब कोतवाली पुलिस का कहना है कि अय्यूब की तलाश में जालौन जिले में भी दबिश दी गई थी, लेकिन वह हाथ नहीं आया था।
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मैं अय्यूब को नहीं मारता तो वो हमें मार देता
बागपत। नौशाद ने बताया कि अय्यूब को मैं नहीं मारता तो वो हमें मार देता। पेट्रोल से घर जलाने के लिए आया था। रविवार की सुबह करीब पौने तीन बजे अय्यूब मेरे घर पर पहुंचा। जब उसे पकड़ा गया तो वह गालीगलौज करने लगा। ईंट से अय्यूब पर कई वार किए जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसका इरादा हत्या का नहीं था, वह बस अपने परिवार को बचाना चाहता था। उसने बताया कि मैंने कई बार उज्मा को अय्यूब के साथ रहने को कहा था। परंतु वह जाने को तैयार नहीं हुई। बाद में हम दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी।
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बदले की आग में झुलस रहा था अय्यूब
बागपत। पत्नी के नौशाद के साथ अनैतिक संबंधों को लेकर अय्यूब बदले की आग में झुलस रहा था। उसके सिर पर इस कदर खून सवार था कि नौशाद के एक बेटे की मौत के बाद भी वह शांत नहीं बैठा। वह किसी भी हाल में बदला लेना चाहता था। पत्नी के विवाहेतर संबंधों के बारे में पता चलने पर अय्यूब का खून खौल उठा था। उसने पत्नी के प्रेमी नौशाद को पूरे परिवार के साथ खत्म करने की योजना बना ली थी।

नौशाद और उज्मा के साथ रहने से कोई एतराज नहीं था: शबनम
अग्रवाल मंडी टटीरी। नौशाद की पहली पत्नी शबनम के तीन बच्चे हैं। बड़े पुत्र 12 वर्षीय समीर की 28 दिसंबर को बागपत में आग लगने से मौत हो गई थी। उसका कहना है कि उसका पति नौशाद उज्मा व उसके बेटे अल्ताफ को लेकर गांव में ही अलग मकान में किराये पर रह रहा था। नौशाद और उज्मा के साथ रहने से मुझे कोई एतराज नहीं था। अय्यूब की पत्नी के भी तीन बच्चे आरिफ (12), अल्ताफ (10) आफरीन (9) हैं। आरिफ और आफरीन अपनी नानी के यहां खसीरा गांव जिला कानपुर में रहते हैं। अल्ताफ उज्मा के साथ ही रहता है।
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