फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   The public yearning for electric water, the officials kept sleeping

बिजली पानी के लिए तड़पती रही जनता, सोते रहे अधिकारी

Sun, 04 Apr 2021 10:04 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 10:04 PM IST
विज्ञापन
The public yearning for electric water, the officials kept sleeping
अमीनगर सराय। सरकार भले ही जनता को पर्याप्त बिजली आपूर्ति देने का संकल्प ले रही हो लेकिन सरकार की मंशा पर पानी फेरने में अधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बिजली फाल्ट होने पर अंधेरे में डूबी जनता बिजली विभाग के अधिकारियों के फोन मिलाते हैं लेकिन कोई फोन उठाने वाला नहीं है। इसकी सच्चाई 32 घंटे बिजली आपूर्ति न मिलने से परेशान जनता के दर्द से सामने आई। बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण जहां एक रात दो गांव अंधेरे में डूबे रहे वहीं जनता पेयजल को भी तरस गई। पशुओं को कटा चारा तक नहीं मिल पाया।
विज्ञापन

बता दें कि शनिवार की सुबह छह बजे सिंघावली अहीर और सैडभर गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शाम तक जनता बिजली आपूर्ति का इंतजार करती रही, लेकिन रात्रि में आपूर्ति नहीं हो पाई। दोनों गांवों की जनता ने अंधेरे में रात गुजारी। पीने के पानी के लिए भी तरस गए। ग्रामीण ममता यादव, मोनू, गौरव आदि का कहना है कि बिजली आपूर्ति की जानकारी के लिए एसडीओ और जेई को फोन मिलाया, लेकिन अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए। रविवार को सुबह जानकारी मिली कि बिजलीघर के पैनल में फाल्ट आ गया है। जिसको ठीक किया जा रहा है। रविवार दोपहर दो बजे के बाद बिजली आपूर्ति सुचारु होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आए दिन जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर अमर उजाला ने भी एसडीओ और जेई से बात करने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठाया।
विज्ञापन

हैंडपंपों से ठेले में ढ़ोना पड़ा पानी
- 32 घंटे तक विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण पेयजल की व्यवस्था के लिए लोग इधर-उधर दौड़ते हुए नजर आए। लोगों ने पेयजल के लिए हैंडपंपों का सहारा लिया। ग्रामीणों को रिक्शा से पेयजल की व्यवस्था करने के लिए मजबूर होना पड़ा। सभी लोग अधिकारियों को कोसते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

घर में नहीं नल, बाहर से करनी पड़ी व्यवस्था
गांव की सुशीला देवी ने बताया कि उनके घर में हैंडपंप नही है। पेयजल की व्यवस्था के लिए घर में सबमर्सिबल लगवाया हुआ है। सप्लाई ठप होने के कारण शनिवार और रविवार को सड़क पर लगे सरकारी हैंडपंपों से ही पानी की व्यवस्था करनी पड़ी। गांव के अमित यादव, गौरव व रितेश ने बताया कि सप्लाई ठप होने पर सबसे अधिक परेशानी पेयजल के लिए उठानी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed