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भगवान चंद्रप्रभु की रथयात्रा निकाली
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Wed, 30 Sep 2015 12:48 AM IST
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दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से छुल्लक ध्यान सागर महाराज व आर्यिका प्रत्यक्षमति माता के सानिध्य में भगवान चंद्रप्रभु की रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। विभिन्न मार्गों से होती हुई रथयात्रा दगंबर जैन कॉलेज के मैदान में पहुंचा। यहां पर भगवान के अभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
मंगलवार को रथयात्रा बड़ा जैन मंदिर से चलकर हाथी खाना, गांधी चौक, लोहिया बाजार, ठाकुरद्वारा, संजय मूर्ति, भगवान महावीर मार्ग होते हुए दिगंबर जैन कॉलेज के ए मैदान पहुंची। रथयात्रा में सबसे आगे समाज का झंडा और बैनर लेकर बच्चे चल रहे थे।
इसके बाद ताशा पार्टी, धर्मचक्र, ढोल नगाड़े बजाते कलाकार चल रहे थे। रथयात्रा में दिल्ली, सहारनपुर, गाजियाबाद, मेरठ, करनाल, नोएडा आदि के एक दर्जन बैंड धार्मिक धुने बजाते चल रहे थे। वहीं, बैंडों के बीच-बीच में ऐरावत हाथी, काठ का विमान, भंगड़ा पार्टी, भगवान महावीर पर आधारित एक दर्जन से अधिक भव्य झांकियां चल रही थी। सबसे पीछे रथ पर भगवान की प्रतिमा विराजमान थी।
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श्रद्धालु पूजा अर्चना कर रहे थे। रथयात्रा का यह जुलूस दिगंबर जैन कॉलेज के ए मैदान पहुंचने पर भगवान की प्रतिमा का 1008 कलशों से अभिषेक किया गया। बोली में रथ में भगवान को लेकर बैठने की बोली मुकुल जैन, सारथी की बोली आदिश जैन, विशाल जैन, कुबेर की बोली सुनील जैन, चंवर ढुलाने की बोली अजय जैन, विपिन जैन ने ली।
रथयात्रा को सफल बनाने में अशोक जैन, सुदेश जैन, सुशील जैन, धनकुमार, अतुल जैन, सुभाष जैन, कमल जैन, सुरेंद्र जैन, सुभाष जैन, कमल जैन, आनंद जैन, अनिल जैन, नरेश जैन, सुखमालचंद, मनोज, बालकिशन जैन, पवन जैन, प्रभाष जैन, प्रवीण जैन, अमित आदि का सहयोग रहा।
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मंगलवार को रथयात्रा बड़ा जैन मंदिर से चलकर हाथी खाना, गांधी चौक, लोहिया बाजार, ठाकुरद्वारा, संजय मूर्ति, भगवान महावीर मार्ग होते हुए दिगंबर जैन कॉलेज के ए मैदान पहुंची। रथयात्रा में सबसे आगे समाज का झंडा और बैनर लेकर बच्चे चल रहे थे।
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इसके बाद ताशा पार्टी, धर्मचक्र, ढोल नगाड़े बजाते कलाकार चल रहे थे। रथयात्रा में दिल्ली, सहारनपुर, गाजियाबाद, मेरठ, करनाल, नोएडा आदि के एक दर्जन बैंड धार्मिक धुने बजाते चल रहे थे। वहीं, बैंडों के बीच-बीच में ऐरावत हाथी, काठ का विमान, भंगड़ा पार्टी, भगवान महावीर पर आधारित एक दर्जन से अधिक भव्य झांकियां चल रही थी। सबसे पीछे रथ पर भगवान की प्रतिमा विराजमान थी।
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श्रद्धालु पूजा अर्चना कर रहे थे। रथयात्रा का यह जुलूस दिगंबर जैन कॉलेज के ए मैदान पहुंचने पर भगवान की प्रतिमा का 1008 कलशों से अभिषेक किया गया। बोली में रथ में भगवान को लेकर बैठने की बोली मुकुल जैन, सारथी की बोली आदिश जैन, विशाल जैन, कुबेर की बोली सुनील जैन, चंवर ढुलाने की बोली अजय जैन, विपिन जैन ने ली।
रथयात्रा को सफल बनाने में अशोक जैन, सुदेश जैन, सुशील जैन, धनकुमार, अतुल जैन, सुभाष जैन, कमल जैन, सुरेंद्र जैन, सुभाष जैन, कमल जैन, आनंद जैन, अनिल जैन, नरेश जैन, सुखमालचंद, मनोज, बालकिशन जैन, पवन जैन, प्रभाष जैन, प्रवीण जैन, अमित आदि का सहयोग रहा।