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बड़ौत। दिगम्बर जैनाचार्य विशुद्धसागर ने कहा कि कृषक दाना भूमि में डालता है तो चिड़िया का भी पेट भरता है, मनुष्य का भी पेट भरता है और साधु का भी पेट भरता है। दुनिया का पेट भरे उसका नाम किसान है। जैनमुनि सोमवार को अजितनाथ सभागार में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि धर्म के प्रभाव से व्यक्ति स्वर्ग का देव बन जाता है। धर्म परम सुख का साधन है। पाप के फल से स्वर्ग का देव भी पशु बन जाता है। पापी जीव मां के गर्भ में आता है तो घर में अशांति प्रारम्भ हो जाती है। घर की सम्पत्ति नष्ट होने लगती है। तीव्र पापी के पाप के प्रभाव से अल्प-समय में जन्म देने वाली मां की भी मृत्यु हो जाती है। कहा कि जहां की रोटी और बेटी शुद्ध हो, उसका नाम भारत देश है। जो दूसरों को संकटों में देखकर संकट के काम न करे, वही सच्चा ज्ञानी है। ज्ञानी, सज्जन पुरुष श्रेष्ठ कार्य ही करते हैं। दूसरों को देखकर जो पहले ही संभल जाए। वही नीतिज्ञ पुरुष जीवन में सफल हो सकता है। सभा का संचालन वरदान जैन ने किया। इस अवसर पर पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्रेम चंद, वीरेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। सभा में नगर पालिका अध्यक्ष पति अश्वनी तोमर, घसीटू मल जैन, अमित राय जैन आदि ने आचार्य श्री को श्रीफल समर्पित किया। सभा में सुभाष जैन, प्रमोद जैन, राजकुमार जैन, हंस कुमार जैन, सुधीर जैन, विमल जैन, अंकुर जैन, अनिल जैन, संजय जैन शामिल रहे।