फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   The Chaugama Canal has been dry for many years

कई वर्षों से सूखी पड़ी चौगामा नहर

Wed, 21 Apr 2021 11:13 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 11:13 PM IST
विज्ञापन
The Chaugama Canal has been dry for many years
दोघट में सुखी पडी चौगामा नहर - फोटो : BAGHPAT
किसानों ने किया आंदोलन फिर भी चालू नहीं हो रही नहर
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। गर्मी शुरू होते ही किसानों को सूखी नहर याद आ जाती है। अधिकारी हैं कि किसानों की आवाज को दबाने का काम कर रहे हैं। 2017 से बंद पड़ी चौगामा नहर को चालू करने के लिए कोई भी अधिकारी आगे नहीं आ रहा है। नहर का पानी न मिलने के कारण काफी किसानों की फसलें खेतों में ही खड़ी बर्बाद हो जाती हैं। किसान अनेकों बार आंदोलन कर चुके हैं उसके बाद भी नहर में पानी छोड़ने की योजना नहीं बनाई जा रही है।
1978 में चौगामा नहर का शिलान्यास बुढ़ाना में हुआ था। 2004 में इसका उद्घाटन तत्कालीन सिंचाई मंत्री अनुराधा चौधरी ने जौला गांव में किया था। दो-चार दिन ही नहर में पानी छोड़ा गया था। उसके बाद कभी-कभी पानी आया, लेकिन 2017 से नहर पूरी तरह सूख गई। इसको लेकर क्षेत्र के किसान नेता चौधरी नरेंद्र सिंह राणा, पीतम सिंह मलिक आदि किसानों ने आंदोलन चलाए। चौगामा क्षेत्र की 85000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए इसका निर्माण किया कराया गया। गिरते जलस्तर को रोकना इसका उद्देश्य था लेकिन अभी तक वह उद्देश्य पूरा नहीं हुआ है।
विज्ञापन

एक-दो बार हुई सफाई के नाम पर खानापूर्ति
सिंचाई विभाग में अभी तक इस नहर की सफाई की कोई योजना नहीं है। मरम्मत और अन्य मदों के धन से एक-दो बार नहर की आधी अधूरी सफाई कराई। नहर सफाई के नाम पर खानापूर्ति करके सरकार खजाना डकार लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

- किसान अधिकार आंदोलन के संयोजक चौधरी नरेंद्र सिंह राणा का कहना है कि चौगामा क्षेत्र की नहर में पानी छोड़ने की मांग को लेकर आंदोलन किए और मेरठ से लखनऊ तक पैदल यात्रा की, लेकिन सरकार और विभागीय अधिकारी नहीं जागे। क्षेत्र के किसानों की एक पंचायत बुलाएंगे और उसमें आंदोलन की नीति पर विचार कर फिर लंबे समय तक आंदोलन चलाने का कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
- किसान हरपाल सिंह निरपुडा का कहना है कि वह इस नहर में पानी छोड़ने के लिए कई बार प्रयास कर चुके हैं। नहर में पानी आना चाहिए तभी चौगामा क्षेत्र की यह उपजाऊ भूमि रेगिस्तान होने से बच सकती है।
किसान विकास राणा का कहना है कि चौगामा नहर अभी आधी अधूरी है। सरकारी खजाना खर्च हुआ लेकिन इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पाया है।
किसान पप्पू का कहना है कि वह नहर के लिए कई बार मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। सूचना के अधिकार के तहत भी सूचना मांग चुके हैं। अधिकारियों ने सूचना भी आधी अधूरी दी।

मैंने कुछ दिन पहले ही चार्ज लिया है। वैसे चौगामा नहर की पूरी जानकारी मुझे है। नहर में पानी नहीं आ रहा है। कई दिक्कत और भी हैं। फिलहाल विभाग के पास कोई फंड नहीं है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
उत्कर्ष भारद्वाज, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed