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विकास भवन में सरकार के सुशासन के प्रचार की पुस्तिकाएं कूड़े में फेंकी
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बागपत विकास भवन स्थित प्रथम तल में जीने के नीच कूड़े के ढेर में पड़ी सरकार के सरकारी योजना के प्र?
- फोटो : BAGHPAT
सरकार के सुशासन का प्रचार करने के आईं पुस्तकें कूड़े में फेंकीं
एक साल पहले आई थीं, जिला विकास भवन में रद्दी बनी रखी रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों के प्रचार के लिए प्रशासन के पास पुस्तिकाएं भेजी थीं। एक साल तक जिला विकास भवन में अधिकारियों ने उन्हें अपने पास रखा और अब कूड़े में फेंक दिया है। जबकि ये आम लोगों को बांटने के लिए आई थीं।
सरकार ने करीब एक साल पहले सुशासन के नाम से हर जिले में पुस्तिकाएं भेजी थीं। ये जिलावार प्रकाशित कराई गई थीं, जिनमें सरकार के विकास कार्यों का ब्यौरा दिया गया था। ये पुस्तिकाएं सांसद, विधायकों व पदाधिकारियों के साथ ही प्रशासन को मिली थीं। जन प्रतिनिधियों व पदाधिकारियों ने तो पुस्तिकाएं बांट दीं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में हजारों पुस्तिकाएं रद्दी बनी रखी रहीं। जिला विकास भवन में भी हजारों पुस्तिकाओं को बांटने की जगह रख दिया गया। अब एक साल बाद उन्हें कूड़े के ढेर में फेंक दिया। इस तरह से लाखों रुपया खर्च करने के बाद भी सरकार की योजनाओं व विकास कार्यों का प्रचार नहीं हो सका। सीडीओ रणजीत सिंह का कहना है कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, इसका पता कराया जाएगा।
प्रशासनिक कार्यालयों में हजारों पुस्तिकाओं को रद्दी बनाकर कूड़े के ढेर में फेंकना गलत है। इसमें किसकी लापरवाही है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई होनी चाहिए। - योगेश धामा, विधायक भाजपा
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एक साल पहले आई थीं, जिला विकास भवन में रद्दी बनी रखी रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों के प्रचार के लिए प्रशासन के पास पुस्तिकाएं भेजी थीं। एक साल तक जिला विकास भवन में अधिकारियों ने उन्हें अपने पास रखा और अब कूड़े में फेंक दिया है। जबकि ये आम लोगों को बांटने के लिए आई थीं।
सरकार ने करीब एक साल पहले सुशासन के नाम से हर जिले में पुस्तिकाएं भेजी थीं। ये जिलावार प्रकाशित कराई गई थीं, जिनमें सरकार के विकास कार्यों का ब्यौरा दिया गया था। ये पुस्तिकाएं सांसद, विधायकों व पदाधिकारियों के साथ ही प्रशासन को मिली थीं। जन प्रतिनिधियों व पदाधिकारियों ने तो पुस्तिकाएं बांट दीं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में हजारों पुस्तिकाएं रद्दी बनी रखी रहीं। जिला विकास भवन में भी हजारों पुस्तिकाओं को बांटने की जगह रख दिया गया। अब एक साल बाद उन्हें कूड़े के ढेर में फेंक दिया। इस तरह से लाखों रुपया खर्च करने के बाद भी सरकार की योजनाओं व विकास कार्यों का प्रचार नहीं हो सका। सीडीओ रणजीत सिंह का कहना है कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, इसका पता कराया जाएगा।
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प्रशासनिक कार्यालयों में हजारों पुस्तिकाओं को रद्दी बनाकर कूड़े के ढेर में फेंकना गलत है। इसमें किसकी लापरवाही है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई होनी चाहिए। - योगेश धामा, विधायक भाजपा
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