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निलंबित जेई ने अधिकारियों के खिलाफ खोला मोर्चा
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अधिशासी अभियंता और एसडीओ पर लगाए आरोप
ऊर्जा मंत्री, एमडी सहित निगम के अन्य अफसरों को भेजा फैैक्स
बड़ौत। मुख्य शिकायत केन्द्र पर तैनात संविदा कर्मचारी की करंट लगने से हुई मौत के मामले में अधीक्षण अभियंता द्वारा निलंबित किए गए जेई ने ऊर्जा निगम के अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार तक निलंबन वापस न होने पर अवर अभियंताओं ने अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। साथ ही ऊर्जा मंत्री से शिकायत की है।
अवर अभियंता सतीश कुमार का कहना है कि संविदा लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गयी। इसमें उनकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं की गयी। जिस स्थान पर संविदा कर्मचारी शट डाउन लेकर काम कर रहा था। उस जगह का छह माह पूर्व लाइन शिफ्टिंग का बजट प्रस्ताव एसडीएओ की देखरेख में तैयार किया गया था। जिस खंभे पर यह हादसा हुआ है वह दूसरा खंभा था। आरोप लगाया कि जब इस प्रकरण में एमडी आफिस से 10 अगस्त को टीम आई तो फिर हमारे खिलाफ 11 अगस्त को तहरीर क्यों दी गयी। इतना ही नहीं अधिकारियों ने जांच का इंतजार भी नहीं किया। इनका आरोप है कि चीफ आफिस से जब 46 हजार रुपये का बजट पास हुआ तो अधिशासी अभियंता व एसडीओ ने लेबर चार्ज क्यों घटा दिया। इनका कहना है कि मुझे सड़यंत्र के तहत निलंबित किया गया है। अधीक्षण अभियंता रणविजय सिंह का कहना है कि अधिशासी अभियंता और एसडीओ की रिपोर्ट पर कार्रवाई की गयी है। जांच भी चल रही है।
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ऊर्जा मंत्री, एमडी सहित निगम के अन्य अफसरों को भेजा फैैक्स
बड़ौत। मुख्य शिकायत केन्द्र पर तैनात संविदा कर्मचारी की करंट लगने से हुई मौत के मामले में अधीक्षण अभियंता द्वारा निलंबित किए गए जेई ने ऊर्जा निगम के अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार तक निलंबन वापस न होने पर अवर अभियंताओं ने अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। साथ ही ऊर्जा मंत्री से शिकायत की है।
अवर अभियंता सतीश कुमार का कहना है कि संविदा लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गयी। इसमें उनकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं की गयी। जिस स्थान पर संविदा कर्मचारी शट डाउन लेकर काम कर रहा था। उस जगह का छह माह पूर्व लाइन शिफ्टिंग का बजट प्रस्ताव एसडीएओ की देखरेख में तैयार किया गया था। जिस खंभे पर यह हादसा हुआ है वह दूसरा खंभा था। आरोप लगाया कि जब इस प्रकरण में एमडी आफिस से 10 अगस्त को टीम आई तो फिर हमारे खिलाफ 11 अगस्त को तहरीर क्यों दी गयी। इतना ही नहीं अधिकारियों ने जांच का इंतजार भी नहीं किया। इनका आरोप है कि चीफ आफिस से जब 46 हजार रुपये का बजट पास हुआ तो अधिशासी अभियंता व एसडीओ ने लेबर चार्ज क्यों घटा दिया। इनका कहना है कि मुझे सड़यंत्र के तहत निलंबित किया गया है। अधीक्षण अभियंता रणविजय सिंह का कहना है कि अधिशासी अभियंता और एसडीओ की रिपोर्ट पर कार्रवाई की गयी है। जांच भी चल रही है।
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