{"_id":"661f14c59e969f4ba70593c4","slug":"succeeded-in-paying-tribute-to-his-mother-baghpat-news-c-31-1-smrt1003-108868-2024-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: कामयाब होकर मां को दी श्रद्धांजलि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: कामयाब होकर मां को दी श्रद्धांजलि
विज्ञापन
बड़ौत । यूपीएससी के जरिए आईएएस और आईपीएस बनने का सपना हर साल ना जाने कितने लोग देखते होंगे। कुछ का सपना हकीकत बन जाता है, और कुछ का... सपना ही रह जाता है। लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो अपने सपने को अपनी जिद बना लेते हैं। और जब तक, उनकी ये जिद पूरी ना हो जाए, पूरी शिद्दत से उसे पूरा करने में जुटे रहते हैं।
बड़ौत की बेटी रूपल राणा ने भी कुछ ऐसा ही करके दिखाया। वह दो प्रयास में असफल हुईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जब भी रूपल निराश होंती, मां अंजू राणा उसका हौसला बढ़ातीं। मां का सपना था कि उसकी बेटी कामयाब हो, लेकिन कहते हैं कि कभी-कभी किस्मत भी आपकी कड़ी परीक्षा लेती है। रूपल राणा के साथ भी ऐसा ही हुआ। जब रूपल राणा यूपीएससी की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रही थीं तभी अचानक मां बीमार हो गई। वह बीमार मां की सेवा भी करतीं और यूपीएससी की तैयारी भी जारी रही।
मुख्य परीक्षा पास की लेकिन मां को खोया
कड़ी मेहनत के बाद रूपल ने यूपीएससी की मुख्य परीक्षा पास की। रूपल ने इसके लिए 15 से 16 घंटे पढ़ाई की। घर में खुशी का माहौल था, लेकिन तकरीबन ढाई महीने पहले रूपल की मां अंजु राणा का बीमारी के चलते निधन हो गया। मां के निधन से रूपल अंदर से टूट गईं लेकिन दिल्ली पुलिस में दरोगा पिता जसवीर राणा ने उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि बेटी तुम्हारी कामयाबी ही तुम्हारी मां को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसके बाद रूपल ने गमगीन माहौल में यूपीएससी का साक्षात्कार पास कर 26वीं रैक पाई। बेटी की कामयाबी पर पिता जसवीर राणा, भाई रिषभ राणा, बहन स्वीटी राणा खुश हैं।
विज्ञापन
बेटा व बेटी में अंतर नहीं करने की अपील की
रूपल ने बताया कि अगर हौंसला हो तो हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उसने बेटियों से मां-बाप का नाम रोशन करने व अभिभावकों से बेटा व बेटी में अंतर नहीं करने की अपील की। रूपल राणा की बहन स्वीटी इस समय नीट की तैयारी कर रही है, वही भाई रिषभ दिल्ली के एक कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रहा है।
संवाद
विज्ञापन
बड़ौत की बेटी रूपल राणा ने भी कुछ ऐसा ही करके दिखाया। वह दो प्रयास में असफल हुईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जब भी रूपल निराश होंती, मां अंजू राणा उसका हौसला बढ़ातीं। मां का सपना था कि उसकी बेटी कामयाब हो, लेकिन कहते हैं कि कभी-कभी किस्मत भी आपकी कड़ी परीक्षा लेती है। रूपल राणा के साथ भी ऐसा ही हुआ। जब रूपल राणा यूपीएससी की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रही थीं तभी अचानक मां बीमार हो गई। वह बीमार मां की सेवा भी करतीं और यूपीएससी की तैयारी भी जारी रही।
विज्ञापन
मुख्य परीक्षा पास की लेकिन मां को खोया
कड़ी मेहनत के बाद रूपल ने यूपीएससी की मुख्य परीक्षा पास की। रूपल ने इसके लिए 15 से 16 घंटे पढ़ाई की। घर में खुशी का माहौल था, लेकिन तकरीबन ढाई महीने पहले रूपल की मां अंजु राणा का बीमारी के चलते निधन हो गया। मां के निधन से रूपल अंदर से टूट गईं लेकिन दिल्ली पुलिस में दरोगा पिता जसवीर राणा ने उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि बेटी तुम्हारी कामयाबी ही तुम्हारी मां को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसके बाद रूपल ने गमगीन माहौल में यूपीएससी का साक्षात्कार पास कर 26वीं रैक पाई। बेटी की कामयाबी पर पिता जसवीर राणा, भाई रिषभ राणा, बहन स्वीटी राणा खुश हैं।
विज्ञापन
बेटा व बेटी में अंतर नहीं करने की अपील की
रूपल ने बताया कि अगर हौंसला हो तो हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उसने बेटियों से मां-बाप का नाम रोशन करने व अभिभावकों से बेटा व बेटी में अंतर नहीं करने की अपील की। रूपल राणा की बहन स्वीटी इस समय नीट की तैयारी कर रही है, वही भाई रिषभ दिल्ली के एक कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रहा है।
संवाद